फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   People are flouting rules even during traffic month

Budaun News: यातायात माह में भी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे लोग

Sat, 04 Nov 2023 12:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 04 Nov 2023 12:55 AM IST
विज्ञापन
People are flouting rules even during traffic month
ई-रिक्शा से स्कूल जाते बच्चे। संवाद
बदायूं। यातायात माह शुरू हुए दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन सड़कों पर कहीं इसका असर नहीं दिख रहा है। जिले में दो स्कूल वाहनों की भिड़ंत में चार बच्चों समेत पांच लोगों की मौत होने के बाद भी प्रशासनिक मशीनरी की नींद नहीं खुली है। लोगों में भी यातायात के प्रति जागरूकता नहीं दिख रही है। एक बाइक पर तीन लोग सवार होकर फर्राटा भर रहे हैं। लड़कियां बिना हेलमेट के स्कूटी दौड़ा रही हैं। मंडलायुक्त ने बृहस्पतिवार को आदेश दिए कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे स्कूलों में स्कूटी या बाइक से न आएं, लेकिन उनके आदेश का असर भी कहीं दिखाई नहीं दिया।
विज्ञापन

जिले में म्याऊं-हजरतपुर रोड पर 30 नवंबर को स्कूल बस और वैन की भिड़ंत हो गई थी। हादसे में वैन में सवार चार बच्चों और चालक की मौत हो गई थी। इसके बाद भी जिला स्तरीय अधिकारी हादसे रोकने के लिए गंभीर नहीं हैं। बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त ने आदेश दिए थे कि कोई भी छात्र-छात्रा स्कूल में दोपहिया वाहन से न आए। सभी स्कूलों अपने या अनुबंधित वाहन ही संचालित करें।
विज्ञापन

परिवहन विभाग, पुलिस व शिक्षा विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से टीम गठित कर इस संबंध में कार्रवाई करें लेकिन निर्देश मिलने के बाद भी शुक्रवार को यहां इसका कोई असर नजर नहीं आया। अधिकारियों का कहना है कि पहले स्कूलों को इस संबंध में नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई करने में वक्त लगेगा, लेकिन यहां सवाल यह है कि एक बाइक पर तीन सवारोंं, बिना हेलमेट के स्कूल जाते बच्चों, और दोपहिया वाहन चलाते नाबालिगों पर तो कार्रवाई की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
विद्यालय और अभिभावक भी हैं लापरवाह
शासन द्वारा नियम है कि 18 साल की आयु होने के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस दिया जाएगा। यह बात सभी को मालूम है। इसके बावजूद भी अभिभावकों द्वारा छोटे बच्चों को बाइक और स्कूटी दी जाती है। वहीं दूसरी ओर स्कूल संचालक भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताते हैं। सबसे पहले तो अभिभावकों को ही अपने नाबालिग बच्चों को वाहन देते समय सोचना चाहिए कि यह उनके लाड़ले केे लिए कितना खतरनाक हो सकता है।



------
यातायात नियमों की ये अनदेखी जिंदगी पर पड़ेगी भारी
फोटो-4
- शहर के विजयनगर में दोपहर में एक ई-रिक्शा 10 बच्चों को बैठाकर स्कूल से घर छोड़ने जाता दिखाई दिया। ई-रिक्शा में बैठने के लिए जगह नहीं थी, ऐसे में एक बच्चे को दूसरे बड़े बच्चे की गोद में बैठा दिया गया।
-------
फोटो-5
-पथिक चौक के पास एक स्कूल के तीन विद्यार्थी एक बाइक पर सवार होकर घर जाते दिखे। तीनों ही देखने में नाबालिग लग रहे थे। कोई भी हेलमेट तक नहीं पहने था, लेकिन इन्हें रोकने-टोकने की कोशिश किसी ने नहीं की।
----------
फोटो-6
- बेटियों को बेटों से कमतर न समझना अच्छी बात है, बशर्ते उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए। काली सड़क स्थित एक सीबीएसई स्कूल से छात्रा स्कूटी से बिना हेलमेट लगाए घर जाती दिखी। एक छात्र भी उसके साथ था। दोनों ही नाबालिग नजर आ रहे थे।
---------
स्कूल प्रबंधन के अपने-अपने तर्क
- हमारे यहां बाइक, स्कूटी से आने की विद्यार्थियों को इजाजत नहीं है। दो विद्यार्थी मना करने के बाद भी वे बाइक से आ रहे थे, इसकी वजह से उन्हें सस्पेंड कर दिया था। हमारे यहां करीब 50 वाहन हैं, इनसे ही विद्यार्थियों को लाया-ले जाया जाता है। - शुभ्रा, प्रधानाचार्य ब्लूमिंगडेल स्कूल
------------
- बाइक, स्कूटी से विद्यार्थी स्कूल न आएं, इसे लेकर अभिभावकों को बताया गया है। नोटिस भी चस्पा कराया गया है। हमारे यहां करीब 20 वाहन हैं। इनसे ही विद्यार्थी आते-जाते हैं। - चयनिका सारस्वत, निदेशक मदर एथीना स्कूल

--------------
वर्जन
स्कूल प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि पंजीकृत वाहनों के सभी प्रपत्र पूरे हों। फिटनेस वगैरह सही हो। ऐसे ही वाहनों से बच्चों को लाने-ले जाने का काम करें। अभिभावकों को भी जागरूक होना होगा। अभिभावक एम परिवहन एप डाउनलोड करके उस वाहन की स्थिति का पता कर सकते हैं, जिससे उनका बच्चा स्कूल जा रहा है। - अंबरीश कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन

ई-रिक्शा से स्कूल जाते बच्चे। संवाद

ई-रिक्शा से स्कूल जाते बच्चे। संवाद

ई-रिक्शा से स्कूल जाते बच्चे। संवाद

ई-रिक्शा से स्कूल जाते बच्चे। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed