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Budaun News: आरोग्य मेले में पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों का करना पड़ा इंतजार
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आसफपुर न्यू पीएचसी पर मरीजों का इलाज करते डॉक्टर। संवाद
बदायूं। आठ बजे का नियम है पर नौ बजे आरोग्य मेला शुरू हुआ। करीब एक घंटे तक मरीजों को इंतजार करना पड़ा। यह स्थिति फैजगंज बेहटा को छोड़कर शेष 42 न्यू पीएचसी की रही।
बिसौली में स्वास्थ्य मेला लगा। सुबह नौ बजे तक डॉक्टरों की टीम नहीं पहुंची। टीम 9.05 बजे पहुंची। यहां मरीज दवा लेने के लिए बैठे थे। मेले में शाम पांच बजे तक 124 मरीज पहुंचे। 48 मरीजों ने उल्टी दस्त की दवा ली। 54 मरीजों ने बुखार, खांसी और जुकाम की दवा ली। 22 मरीज त्वचा संबंधी पहुंचे। स्वास्थ्य मेले में डॉ. सुविधा माहेश्वरी, डॉ. रिहाना फात्मा, देव नारायण पाल, शिखा पाल, कौशलेंद्र सिंह एलटी आदि ने मरीजों को दवा दी।
कादरचौक में मेले की पड़ताल की गई। यहां डॉक्टर नौ बजे पहुंचे और मरीजों को दवा दी। 167 मरीज पहुंचे। मरीजों में बुखार, खांसी जुकाम, खुजली आदि के मरीज अधिक थे। पांच लोगों को एंटी बैबीज का टीका लगाया गया। चार गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी पाई गई, जिस पर डॉक्टर ने उनको आयरन की ड्रिप लगाई। डाॅ. जीशान लोदी, शैला लोदी, ब्रजेश आदि रहे।
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फैजगंज बेहटा में लगे स्वास्थ्य मेले में डॉक्टर तो समय पर पहुंच गए, लेकिन यहां दस बजे तक एक भी मरीज नहीं पहुंचा। डॉक्टरों को मरीजों का इंतजार करना पड़ा। 12 बजे तक 31 मरीजों ने सर्दी, बुखार, जुकाम की दवा ली।
दबतोरी की न्यू पीएचसी लगे स्वास्थ्य मेले में डॉक्टर 9.30 मिनट पर पहुंचे। दस बजे मरीजों का आना शुरू हुआ। कुल 56 मरीजों ने अपनी अपनी बीमारी बताकर दवा ली। बुखार पीड़ित छह लोगों की मलेरिया जांच की गई। हालांकि उनमें मलेरिया नहीं पाया गया। लक्ष्मीपुर से आईं नन्हीं ने बताया कि यहां सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है। डिलीवरी सेंटर पूरी तरह बंद रहता है। यहां प्रसव की सुविधा नहीं मिल रही। महिलाओं ने प्रसव केंद्र संचालित कराने की मांग की।
आसफपुर स्वास्थ्य केंद्र पर आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। डॉक्टर नौ बजे क बाद पहुंचे। इसके बाद मरीजों ने दवा ली। 55 मरीज पहुंचे, सबसे ज्यादा मरीज बुखार और उल्टी दस्त के पहुंचे।
नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सफाई कर्मी ना होने की वजह से गंदगी देखने को मिली। डॉक्टर 8.00 बजे पहुंच गए। 44 बुखार, 35 उल्टी दस्त और 5 लोगों ने रैबीज के टीके लगवाए। स्वास्थ्य केंद्र पर बिजली व्यवस्था नहीं है, जिससे डॉक्टरों से लेकर मरीजों को दिक्कत हो रही है।
रविवार था, हो सकता है कि कुछ स्थानों पर देरी से डाॅक्टर पहुंचे हों, लेकिन मेले सभी जगह लगे हैं, जहां देरी हुई है उसके बारे में कारण पता करेंगे। - डॉ. अब्दुल सलाम, सीएमओ
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बिसौली में स्वास्थ्य मेला लगा। सुबह नौ बजे तक डॉक्टरों की टीम नहीं पहुंची। टीम 9.05 बजे पहुंची। यहां मरीज दवा लेने के लिए बैठे थे। मेले में शाम पांच बजे तक 124 मरीज पहुंचे। 48 मरीजों ने उल्टी दस्त की दवा ली। 54 मरीजों ने बुखार, खांसी और जुकाम की दवा ली। 22 मरीज त्वचा संबंधी पहुंचे। स्वास्थ्य मेले में डॉ. सुविधा माहेश्वरी, डॉ. रिहाना फात्मा, देव नारायण पाल, शिखा पाल, कौशलेंद्र सिंह एलटी आदि ने मरीजों को दवा दी।
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कादरचौक में मेले की पड़ताल की गई। यहां डॉक्टर नौ बजे पहुंचे और मरीजों को दवा दी। 167 मरीज पहुंचे। मरीजों में बुखार, खांसी जुकाम, खुजली आदि के मरीज अधिक थे। पांच लोगों को एंटी बैबीज का टीका लगाया गया। चार गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी पाई गई, जिस पर डॉक्टर ने उनको आयरन की ड्रिप लगाई। डाॅ. जीशान लोदी, शैला लोदी, ब्रजेश आदि रहे।
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फैजगंज बेहटा में लगे स्वास्थ्य मेले में डॉक्टर तो समय पर पहुंच गए, लेकिन यहां दस बजे तक एक भी मरीज नहीं पहुंचा। डॉक्टरों को मरीजों का इंतजार करना पड़ा। 12 बजे तक 31 मरीजों ने सर्दी, बुखार, जुकाम की दवा ली।
दबतोरी की न्यू पीएचसी लगे स्वास्थ्य मेले में डॉक्टर 9.30 मिनट पर पहुंचे। दस बजे मरीजों का आना शुरू हुआ। कुल 56 मरीजों ने अपनी अपनी बीमारी बताकर दवा ली। बुखार पीड़ित छह लोगों की मलेरिया जांच की गई। हालांकि उनमें मलेरिया नहीं पाया गया। लक्ष्मीपुर से आईं नन्हीं ने बताया कि यहां सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है। डिलीवरी सेंटर पूरी तरह बंद रहता है। यहां प्रसव की सुविधा नहीं मिल रही। महिलाओं ने प्रसव केंद्र संचालित कराने की मांग की।
आसफपुर स्वास्थ्य केंद्र पर आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। डॉक्टर नौ बजे क बाद पहुंचे। इसके बाद मरीजों ने दवा ली। 55 मरीज पहुंचे, सबसे ज्यादा मरीज बुखार और उल्टी दस्त के पहुंचे।
नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सफाई कर्मी ना होने की वजह से गंदगी देखने को मिली। डॉक्टर 8.00 बजे पहुंच गए। 44 बुखार, 35 उल्टी दस्त और 5 लोगों ने रैबीज के टीके लगवाए। स्वास्थ्य केंद्र पर बिजली व्यवस्था नहीं है, जिससे डॉक्टरों से लेकर मरीजों को दिक्कत हो रही है।
रविवार था, हो सकता है कि कुछ स्थानों पर देरी से डाॅक्टर पहुंचे हों, लेकिन मेले सभी जगह लगे हैं, जहां देरी हुई है उसके बारे में कारण पता करेंगे। - डॉ. अब्दुल सलाम, सीएमओ

आसफपुर न्यू पीएचसी पर मरीजों का इलाज करते डॉक्टर। संवाद

आसफपुर न्यू पीएचसी पर मरीजों का इलाज करते डॉक्टर। संवाद

आसफपुर न्यू पीएचसी पर मरीजों का इलाज करते डॉक्टर। संवाद

आसफपुर न्यू पीएचसी पर मरीजों का इलाज करते डॉक्टर। संवाद