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गुरुजी की मेहनत ने परिषदीय स्कूल को बनाया मॉडर्न

Mon, 04 Sep 2017 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं Updated Mon, 04 Sep 2017 11:03 PM IST
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Parishadiya school becomes modern
Parishadiaya school

यदि कार्य के प्रति लगन सच्ची हो तो कोई भी लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उच्च प्राथमिक विद्यालय बंजरिया के शिक्षक मनोज कुमार सिंह की कड़ी मेहनत और लगन से उच्च प्राथमिक विद्यालय बंजरिया को सफलता की उंचाइयों पर पहुंचाया है। 

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पांच वर्ष पूर्व इनकी नियुक्ति इस विद्यालय में हुई उस समय यहां की व्यवस्था बेहद खराब थी।  लेकिन उन्होंने पहले दिन से ही विद्यालय के भौतिक परिवेश और शैक्षिक समस्याओं में सुधार का निश्चय किया। खंड शिक्षा अधिकारी के सहयोग से चाहरदीवारी और रसोईघर की व्यवस्था कराई इसके बाद स्वयं अपने वेतन से हरियाली के लिए पेड़, बच्चों की शिक्षा को बहुउद्देशीय कक्ष, टीएलएम और विद्यालय उपयेाग का सामान खरीदा। वेतन के रुपये खर्च करके पुट्टी, पेंट तथा चित्रकारी कराई जिससे भौतिक परिवेश में निखार आया। कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि विद्यालय किसी कान्वेंट स्कूल से कम नहीं लगता। इनके कार्यों से प्रभावित होकर ग्राम प्रधान रामबेटी ने भी विद्यालय के विकास के लिए कार्ययोजना बनाई। इतना ही नहीं विद्यालय से प्रभावित होकर विधायक बिसौली कुशाग्र सागर ने इसे गोद ले लिया। उन्होंने सभी सुविधाओं से पूर्ण कर आदर्श विद्यालय बनाने की घोषणा की। विद्यालय में स्काउट गाइड कैंप लगने के साथ ही, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महिला और मीना दिवस मनाए जाते हैं,  बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल भी खिलाए जाते हैं। महापुरुषों के जन्मदिन पर विद्यालय में छात्रों छात्राओं को जानकारी देने के साथ ही वाद विवाद प्रतियोगिता भी कराई जाती है। हर वर्ष पखवाडे़ का भी आयोजन किया जाता है। प्रतियोगिता पखवाड़े में मेहंदी, रंगोली, कला, सामान्य ज्ञान, पहाड़ा आदि प्रतियोगिताएं आयोजित कर बच्चों को सम्मानित किया जाता है। विद्यालय की व्यवस्था के लिए बाल संसद भी है। जिसमें बच्चों राजनीतिक विषयों की भी जानकारी दी जाती है। शिक्षक मनोज कुमार सिंह की ओर से किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें पुरस्कृत भी किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य, नवाचार और खेलों तथा स्काउट गाइड कैंप के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के अध्यक्ष मीनाक्षी कौल की ओर से ललित पुर में तथा राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में भी पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही कनाडा से आई प्रशिक्षक रेन डीन और स्टेफनी ने नई दिल्ली में हुई शिक्षकों की राष्ट्रीय कार्यशाला में भी उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया। जिला और प्रदेश तथा पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के लिए डब्ल्यूएचओ और यूनीसेफ में भी सहयोग के लिए सम्मानित किया गयौ।  यह पूछे जाने पर कि आज के समय में अधिकतर प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक कार्य न करने के लिए बदनाम हैं तो आप अपने साथी शिक्षकों से कार्य और सहयोग कैसे ले पाते हैं तब उन्होंने बताया कि सौम्यता और लगन के साथ काम कीजिए निश्चित रूप से साथी आपको सपोर्ट करेंगे।       इसी विद्यालय में तैनात शिक्षिका पूनम लता सक्सेना ने कहा कि मनोज सर के आने से स्कूल में और छात्रों में बेहतर सुधार हुआ है। वह पूरे समय विद्यालय और बच्चों के विकास के विषय में ही सोचते रहते हैं। शिक्षिका वर्षा सिंह ने बताया कि श्री सिंह का व्यवहार बेहद सौम्य है कार्य को पूरी तन्मयता से और लगन के साथ अंजाम देते हैं उनके साथ कार्य करना अच्छा लगाता है।      ग्राम प्रधान रामबेटी ने कहा कि मनोज कुमार सिंह की शिक्षा के प्रति लगन के कारण गांव वालों को अपने बच्चे कांवेंट स्कूलोें में भेजने की आवश्यकता नहीं होती है।

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