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वायरल और टायफायड के साथ मलेरिया का प्रकोप
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 20 Aug 2016 11:45 PM IST
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जिला अस्पताल में किसी मरीज को नहीं हुई डेंगू की पुष्टि
जिले के तमाम गांवों में बुखार फैलने की वजह से जिला अस्पताल में रोजाना करीब 300 से 400 मरीज बुखार पीड़ित आ रहे हैं। इनमें सर्वाधिक मरीज वायरल और टायफायड फीवर के रोगी हैं, जबकि मलेरिया पीड़ित मरीजों की संख्या काफी कम है। इससे जिले भर में विभिन्न निजी क्लीनकों, सीएचसी, पीएचसी पर तमाम मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में जरा सी लापरवाही मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
बारिश और मौसम में बदलाव की वजह से वायरल फीवर के मरीज बढने लगे हैं। फीवर के साथ ही गले और सीने में इंफेक्शन हो जाता है। इससे डॉक्टर के पास दवा लेने में जरा सी लापरवाही करने पर फीवर तकलीफदेह हो जाता है। साथ ही मौसम बदलने की वजह से मरीजों को संक्रामक रोग अपनी चपेट में ले लेते हैं। इस वजह से अस्पतालों में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या की भरमार है।
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क्या कहते हैं डॉक्टर
जिला अस्पताज के फिजीशियन डॉ. हरपाल सिंह कहते हैं कि बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। बिना जानकारी के दवाइयां न खाएं। बारिश के पानी में नहाने से परहेज करें। तेज गर्मी लगने पर तुरंत पानी न पिएं और न ही नहाएं। आसपास साफ-सफाई रखें और मच्छरों से बचाव रखें।
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बुखार से युवक की मौत
कुंवरगांव। थाना क्षेत्र के गांव दरावनगर में साहब सिंह पुत्र रामचंद्र (30) की मौत बुखार की चपेट में आने से हो गई। वह पंजाब के अंबाला शहर में मजदूरी करता था, वहीं पर बुखार आ जाने से उसकी मौत हो गई। शनिवार सुबह उसका शव गांव में पहुंचा। उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी और चार बच्चे हैं। वह भूमिहीन मजदूर था। उसकी मौत से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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20 दिन बाद भी नहीं पहुंची स्वास्थ्य टीम
कुंवरगांव। थाना क्षेत्र के गांव दरावनगर में करीब 20 दिन से तमाम लोग बुखार की चपेट में हैं। बावजूद इसके अब तक वहां पर स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची। इससे गांव के लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। गांव में लगभग हर घर में बुखार से पीड़ित लोग हैं।
जिले के तमाम गांवों में बुखार फैलने की वजह से जिला अस्पताल में रोजाना करीब 300 से 400 मरीज बुखार पीड़ित आ रहे हैं। इनमें सर्वाधिक मरीज वायरल और टायफायड फीवर के रोगी हैं, जबकि मलेरिया पीड़ित मरीजों की संख्या काफी कम है। इससे जिले भर में विभिन्न निजी क्लीनकों, सीएचसी, पीएचसी पर तमाम मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में जरा सी लापरवाही मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
बारिश और मौसम में बदलाव की वजह से वायरल फीवर के मरीज बढने लगे हैं। फीवर के साथ ही गले और सीने में इंफेक्शन हो जाता है। इससे डॉक्टर के पास दवा लेने में जरा सी लापरवाही करने पर फीवर तकलीफदेह हो जाता है। साथ ही मौसम बदलने की वजह से मरीजों को संक्रामक रोग अपनी चपेट में ले लेते हैं। इस वजह से अस्पतालों में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या की भरमार है।
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क्या कहते हैं डॉक्टर
जिला अस्पताज के फिजीशियन डॉ. हरपाल सिंह कहते हैं कि बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। बिना जानकारी के दवाइयां न खाएं। बारिश के पानी में नहाने से परहेज करें। तेज गर्मी लगने पर तुरंत पानी न पिएं और न ही नहाएं। आसपास साफ-सफाई रखें और मच्छरों से बचाव रखें।
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बुखार से युवक की मौत
कुंवरगांव। थाना क्षेत्र के गांव दरावनगर में साहब सिंह पुत्र रामचंद्र (30) की मौत बुखार की चपेट में आने से हो गई। वह पंजाब के अंबाला शहर में मजदूरी करता था, वहीं पर बुखार आ जाने से उसकी मौत हो गई। शनिवार सुबह उसका शव गांव में पहुंचा। उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी और चार बच्चे हैं। वह भूमिहीन मजदूर था। उसकी मौत से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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20 दिन बाद भी नहीं पहुंची स्वास्थ्य टीम
कुंवरगांव। थाना क्षेत्र के गांव दरावनगर में करीब 20 दिन से तमाम लोग बुखार की चपेट में हैं। बावजूद इसके अब तक वहां पर स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची। इससे गांव के लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। गांव में लगभग हर घर में बुखार से पीड़ित लोग हैं।