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Budaun News: अब तक बन पाईं सिर्फ 15 हजार अपार आईडी
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बदायूं। जिले में अब तक सिर्फ 15 हजार अपार आईडी बन सकी हैं। जबकि 5.66 लाख से ज्यादा बनाई जानी हैं।
बेसिक से लेकर माध्यमिक, सीबीएसई समेत सभी बोर्ड के जिले में 3692 विद्यालय हैं। यहां पर 5.66 लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इन सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जानी है। इस आईडी के बन जाने के बाद में ड्रॉप आउट विद्यार्थियों को आसानी से ट्रेस किया जा सकेगा।
अगर आईडी बनने के बाद कोई विद्यार्थी स्कूल छोड़ता है, तो उसकी आसानी से पहचान की जा सकेगी। साथ ही आईडी बनने पर विद्यार्थी देश में कहीं भी पढ़ेगा, तो उसकी पहचान करना आसान होगा। इस आईडी को विद्यार्थी की पहचान के रूप में भी प्रयोग किया जाएगा, क्योंकि इसमें विद्यार्थी का नाम, पता, अभिभावक का नाम, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड आदि को शामिल किया जाएगा।
जिले में अब तक महज 15 हजार अपार आईडी ही बन सकी हैं। अपार आईडी को सुस्त गति से बनाने पर अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसमें गति लाने के लिए कहा है।
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अपार आईडी से विद्यार्थियों की होगी पहचान
विद्यार्थियों की अपार आईडी को डीजी लॉकर से भी जोड़ा जाएगा। इसमें विद्यार्थी शैक्षणिक दस्तावेज भी सुरक्षित रहेंगे। विद्यार्थियों के ड्रॉप आउट को खत्म करने में आसानी होगी। जिले के सभी विद्यार्थियों को इस आईडी से जोड़ा जाएगा। इसी लिए शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सभी विद्यार्थियों का ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार आईडी) बनाने का निर्देश जारी किया गया है।
सभी बीईओ को निर्देशित किया गया है कि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। -वीरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए
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बेसिक से लेकर माध्यमिक, सीबीएसई समेत सभी बोर्ड के जिले में 3692 विद्यालय हैं। यहां पर 5.66 लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इन सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जानी है। इस आईडी के बन जाने के बाद में ड्रॉप आउट विद्यार्थियों को आसानी से ट्रेस किया जा सकेगा।
अगर आईडी बनने के बाद कोई विद्यार्थी स्कूल छोड़ता है, तो उसकी आसानी से पहचान की जा सकेगी। साथ ही आईडी बनने पर विद्यार्थी देश में कहीं भी पढ़ेगा, तो उसकी पहचान करना आसान होगा। इस आईडी को विद्यार्थी की पहचान के रूप में भी प्रयोग किया जाएगा, क्योंकि इसमें विद्यार्थी का नाम, पता, अभिभावक का नाम, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड आदि को शामिल किया जाएगा।
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जिले में अब तक महज 15 हजार अपार आईडी ही बन सकी हैं। अपार आईडी को सुस्त गति से बनाने पर अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसमें गति लाने के लिए कहा है।
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अपार आईडी से विद्यार्थियों की होगी पहचान
विद्यार्थियों की अपार आईडी को डीजी लॉकर से भी जोड़ा जाएगा। इसमें विद्यार्थी शैक्षणिक दस्तावेज भी सुरक्षित रहेंगे। विद्यार्थियों के ड्रॉप आउट को खत्म करने में आसानी होगी। जिले के सभी विद्यार्थियों को इस आईडी से जोड़ा जाएगा। इसी लिए शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सभी विद्यार्थियों का ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार आईडी) बनाने का निर्देश जारी किया गया है।
सभी बीईओ को निर्देशित किया गया है कि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। -वीरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए