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ऑनलाइन आवेदन की आड़ में हो रही उगाही
badaun
Updated Thu, 26 Mar 2015 07:36 PM IST
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जिले में प्रशासन और आपूर्ति विभाग की जानकारी में होते हुए भी धन उगाही को ऑनलाइन आवेदन का खेल जारी है। गांव-कस्बों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में शामिल होने को लोग पैसा देकर ऑनलाइन आवेदन करवा रहे हैं। आवेदन को ही खाद्य सुरक्षा अधिनियम में शामिल होना बताकर कंप्यूटर के जानकार लोगों को ठग रहे हैं। जिले से इस नाम पर लाखों की ठगी हो चुकी है, लेकिन प्रशासन और आपूर्ति विभाग कुछ नहीं कर पा रहा है।
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दरअसल, इस व्यवस्था के लिए देहात क्षेत्र में लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी और नगर क्षेत्र में नगर पंचायत और नगर पालिका परिषदों के कारिंदों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसका समुचित प्रचार-प्रसार नहीं हो सका। कारिंदों की कार्य शैली भी आवेदकों के प्रति ठीक नहीं रही। इससे परेशान लोग कंप्यूटर जानकारों की ठगी को शिकार होते जा रहे हैं। लगातार गांव-कस्बों में आवेदन ऑनलाइन कराकर परिवार के मुखियाओं से 200 से 300 रुपये तक वसूली कर रहे हैं।
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कार्रवाई के डर से भागे ठग
पिछले दिनों कंप्यूटर के जानकार आवेदन के नाम पर योजना का लाभ दिलाने का झांसा देने पहुंचे। शिकायत पर भाग गए। यह क्रम उन स्थानों पर अभी है, जहां पूर्ति विभाग और प्रशासनिक अधिकारी जागरूक नहीं हैं या जिन जगहाें से सूचनाएं प्रशासन तक नहीं पहुंच पा रही हैं। मानक पूरे करने पर ही परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में आ सकेंगे।
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ये होंगे शहरी मानक
यदि व्यक्ति या उसके परिवार में कोई कुष्ठ, कैंसर या एड्स से पीड़ित है। अनाथ या माता-पिता विहीन बच्चे, परित्यक्ता महिलाएं, कचरा ढोने वाले या स्चच्छकार, भिखारी, जूते-चप्पल की मरम्मत करने वाले, घरों के कामकाजी, फेरी, खोमचा वाले, रिक्शा चलाने वाले, भूमिहीन मजदूर, अनुसूचित जाति-जनजाति, कुली, पल्लेदार, दिहाड़ी मजदूर, गरीबी रेखा से नीचे, ऐसे परिवार जिनका मुखिया निराश्रित महिला, अपंग या मानसिक रूप से अस्वस्थ है और परिवार में कोई अन्य बालिग पुरुष नहीं है। ऐसे आवास में रहते हों जिसकी छत कच्ची हो।
ये होंगे ग्रामीण मानक
पूर्ववत सभी शर्तों के अलावा आवासहीन परिवार या ऐसे परिवार जिनके स्वामित्व में 30 वर्ग मीटर तक कच्चा आवास, उनकी अपनी भूमि पर हो और उसमें वह स्वयं निवास करते हों।
इन कारणों पर होंगे आवेदन निरस्त
आयकर दाता हो। चार पहिया वाहन, एसी या पांच केवीए का उससे अधिक क्षमता का जेनरेटर है। 100 वर्ग मीटर से अधिक का आवासीय प्लाट या आवास है। 80 वर्ग मीटर का कारपेट एरिया है। परिवार में काई शस्त्र लाइसेंस और सिंचित भूमि भी आवेदन निरस्त का कारण बनेगी।
उन लोगों को विभाग ने सचेत किया है, जो आवेदन के नाम पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में शामिल कर लिए जाने का धोखा खा रहे हैं। ऐसे तमाम लोगों के आवदेन निरस्त हो जाएंगे जो मानकों में नहीं आते। आवेदकों को खुद सतर्क होन चाहिए। इस संबंध में गांव वाले ग्राम पंचायत अधिकारियों और लेखपालों से और शहरी क्षेत्र के लोग नगर पंचायत और नगर पालिका परिषद से इस संबंध में जानकारी हासिल कर सकते हैं।
- सत्यदेव, जिला पूर्ति अधिकारी