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घंटों सीएचसी के बाहर पड़ी रही गर्भवती
बदायूं।
Updated Sat, 06 Feb 2016 11:36 PM IST
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मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव मनकापुर निवासी सतेंद्र की पत्नी अंग्रेसा गर्भवती है। प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार को सतेंद्र अपनी पत्नी को लेकर जगत सीएचसी पहुंचा। दरोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक यहां अंग्रेसा को भर्ती नहीं किया गया। बता दें कि पिछले साल जगत सीएचसी में डॉक्टरों की लापरवाही से एक मौत हो चुकी है। यहां तैनात डॉक्टर शाम होते ही अपने घरों पर चले जाते हैं। रात में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हो जाती हैं। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. ख्यालीराम का कहना है कि सीएचसी पर नसबंदी कैंप चल रहा था। अगर कहीं कोई लापरवाही हुई है तो वह जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
जगत सीएचसी पर हुई 37 महिलाओं की नसबंदी
अलापुर। जगत सीएचसी पर शनिवार को लगे नसबंदी कैंप में 37 महिलाओं ने नसबंदी कराई। कुल 52 महिलाओं ने नसबंदी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। बाकी महिलाओं की नसबंदी रविवार को की जाएगी। नसबंदी कैंप में डॉ. ख्याली राम, डॉ. मंजू गुप्ता का विशेष सहयोग रहा।
उसावां पीएचसी पर लगी कार्यशाला
उसावां। पीएचसी पर कर्मचारियों को कार्यशाला का आयोजन कर प्रशिक्षक दिया गया। जिले में 10 से 15 फरवरी तक अभियान चलाकर बच्चों और युवाओं को पेट के कीड़ों की दवा खिलाई जानी है। कार्यशाला में डॉ. सीपी आर्य, डॉ. संजय, राजीव, अरुण आदि रहे।
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जगत सीएचसी पर हुई 37 महिलाओं की नसबंदी
अलापुर। जगत सीएचसी पर शनिवार को लगे नसबंदी कैंप में 37 महिलाओं ने नसबंदी कराई। कुल 52 महिलाओं ने नसबंदी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। बाकी महिलाओं की नसबंदी रविवार को की जाएगी। नसबंदी कैंप में डॉ. ख्याली राम, डॉ. मंजू गुप्ता का विशेष सहयोग रहा।
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उसावां पीएचसी पर लगी कार्यशाला
उसावां। पीएचसी पर कर्मचारियों को कार्यशाला का आयोजन कर प्रशिक्षक दिया गया। जिले में 10 से 15 फरवरी तक अभियान चलाकर बच्चों और युवाओं को पेट के कीड़ों की दवा खिलाई जानी है। कार्यशाला में डॉ. सीपी आर्य, डॉ. संजय, राजीव, अरुण आदि रहे।
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