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Budaun News: दस लाख कांवड़ियों के आने की उम्मीद... कमजोर है इंतजामों की पतवार
Sat, 06 Jul 2024 05:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sat, 06 Jul 2024 05:25 AM IST
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कछला गंगाघाट। संवाद
कछला। इस सावन कछला घाट पर 10 लाख श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान है, ऐसे में इनकी व्यवस्थाओं की पतवार बेहद कमजोर नजर आ रही है। पिछले साल अधिक मास की वजह से सावन दो महीने के थे। तब लगभग आठ लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। अबकी बार सावन एक माह का है और उसमें पांच सोमवार पड़ने हैं। ऐसे में करीब 10 लाख कांवड़ियों के गंगाघाट पर पहुंचने की उम्मीद है।
गंगाघाट पर इंतजामों की असलियत तो तीन महीने के दौरान करीब 10 श्रद्धालुओं की मौत के साथ ही सामने आ चुकी है। शुक्रवार को घाट के हालात भी सामान्य दिनों की तरह ही दिखे। गंगा का जलस्तर बढ़ गया है, ऐसे में दोनों पुल के पिलर के आसपास भी कोई संकेतक नजर नहीं आए।
पिछले साल दो महीने तक चली कांवड़ यात्रा के बारे में नाविक ओमकार ने बताया कि इस बार एक ही महीना कांवड़ यात्रा चलने से घाट पर खासकर शुक्रवार, शनिवार और रविवार के दिन भीड़भाड़ देखने को मिलेगी। ऐसे में प्रशासन को ठोस इंतजाम करने होंगे। बता दें कि पिछले सालों में घाट पर पीएसी की फ्लड यूनिट के अलावा आसपास जिलों से अतिरिक्त पुलिस फोर्स भी तैनात किया जाता रहा है। मजिस्ट्रेट भी तैनात होते हैं। उन्हीं की निगरानी में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाता है।
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कृष्ण पक्ष के मुकाबले शुक्ल पक्ष में उमड़ते हैं भोले के भक्त
उझानी। कांवड़ यात्रा के बारे में आचार्य प्रभुदास प्रवीण महाराज कहते हैं कि सावन महीने में जो पांच सोमवार हैं, उनमें शुरू के दो सोमवार कृष्ण पक्ष में हैं। ऐसा नहीं कि कृष्ण पक्ष में आस्था नहीं उमड़ती, लेकिन शुक्ल पक्ष में ज्यादा महत्व माना गया है। तीन सोमवार शुक्ल पक्ष में पड़ रहे हैं, शुरू के दोनों सोमवार के मुकाबले सावन के अगले तीनों सोमवार को कांवड़ियों की संख्या ज्यादा रहेगी। धार्मिक मान्यता के लिहाज से सबसे अच्छी बात तो यह है कि कांवड़ की शुरूआत और विसर्जन भी सोमवार के दिन होगा।
बजट की कमी से पड़ सकती है बाधा, विधायक ने भी मुद्दा उठाया
उझानी। कांवड़ मेले के दौरान गंगाघाट पर कांवड़ियों को सुविधाओं को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसमें सबसे बड़ा मुद्दा कछला नगर पंचायत के सामने बजट की कमी का आता है। इसी को लेकर भाजपा विधायक हरीश शाक्य ने तीन दिन पहले प्रदेश के नगर विकास मंत्री अरविंद शर्मा से लखनऊ में भेंट कर अतिरिक्त धन आवंटित किए जाने की वकालत की थी। नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश सिंह कहते हैं कि पथप्रकाश, पेयजल, नावों समेत मेला की व्यवस्थाओं के लिए रकम चाहिए। अगर अतिरिक्त बजट मिला तो नगर पंचायत और अच्छे इंतजाम करने में कारगर साबित होगी।
पिछले दिनों सभी विभागों के अधिकारियों के साथ में बैठक की। इसमें सभी से विस्तृत बात हुई। सभी को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। मैंने कहा था कि सभी अधिकारी पूर्ण मनोयोग से यह काम करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कछला गंगाघाट पर भी पर्याप्त व्यवस्थाएं रखें ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।- मनोज कुमार, डीएम
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गंगाघाट पर इंतजामों की असलियत तो तीन महीने के दौरान करीब 10 श्रद्धालुओं की मौत के साथ ही सामने आ चुकी है। शुक्रवार को घाट के हालात भी सामान्य दिनों की तरह ही दिखे। गंगा का जलस्तर बढ़ गया है, ऐसे में दोनों पुल के पिलर के आसपास भी कोई संकेतक नजर नहीं आए।
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पिछले साल दो महीने तक चली कांवड़ यात्रा के बारे में नाविक ओमकार ने बताया कि इस बार एक ही महीना कांवड़ यात्रा चलने से घाट पर खासकर शुक्रवार, शनिवार और रविवार के दिन भीड़भाड़ देखने को मिलेगी। ऐसे में प्रशासन को ठोस इंतजाम करने होंगे। बता दें कि पिछले सालों में घाट पर पीएसी की फ्लड यूनिट के अलावा आसपास जिलों से अतिरिक्त पुलिस फोर्स भी तैनात किया जाता रहा है। मजिस्ट्रेट भी तैनात होते हैं। उन्हीं की निगरानी में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाता है।
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कृष्ण पक्ष के मुकाबले शुक्ल पक्ष में उमड़ते हैं भोले के भक्त
उझानी। कांवड़ यात्रा के बारे में आचार्य प्रभुदास प्रवीण महाराज कहते हैं कि सावन महीने में जो पांच सोमवार हैं, उनमें शुरू के दो सोमवार कृष्ण पक्ष में हैं। ऐसा नहीं कि कृष्ण पक्ष में आस्था नहीं उमड़ती, लेकिन शुक्ल पक्ष में ज्यादा महत्व माना गया है। तीन सोमवार शुक्ल पक्ष में पड़ रहे हैं, शुरू के दोनों सोमवार के मुकाबले सावन के अगले तीनों सोमवार को कांवड़ियों की संख्या ज्यादा रहेगी। धार्मिक मान्यता के लिहाज से सबसे अच्छी बात तो यह है कि कांवड़ की शुरूआत और विसर्जन भी सोमवार के दिन होगा।
बजट की कमी से पड़ सकती है बाधा, विधायक ने भी मुद्दा उठाया
उझानी। कांवड़ मेले के दौरान गंगाघाट पर कांवड़ियों को सुविधाओं को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसमें सबसे बड़ा मुद्दा कछला नगर पंचायत के सामने बजट की कमी का आता है। इसी को लेकर भाजपा विधायक हरीश शाक्य ने तीन दिन पहले प्रदेश के नगर विकास मंत्री अरविंद शर्मा से लखनऊ में भेंट कर अतिरिक्त धन आवंटित किए जाने की वकालत की थी। नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश सिंह कहते हैं कि पथप्रकाश, पेयजल, नावों समेत मेला की व्यवस्थाओं के लिए रकम चाहिए। अगर अतिरिक्त बजट मिला तो नगर पंचायत और अच्छे इंतजाम करने में कारगर साबित होगी।
पिछले दिनों सभी विभागों के अधिकारियों के साथ में बैठक की। इसमें सभी से विस्तृत बात हुई। सभी को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। मैंने कहा था कि सभी अधिकारी पूर्ण मनोयोग से यह काम करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कछला गंगाघाट पर भी पर्याप्त व्यवस्थाएं रखें ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।- मनोज कुमार, डीएम