{"_id":"6c53dcff619a7583eb191eaf23a940a6","slug":"one-former-fought-on-not-receiving-the-subside-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीज सब्सिडी खाते में न पहुंचने पर किसान भिड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीज सब्सिडी खाते में न पहुंचने पर किसान भिड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Fri, 22 Jan 2016 09:50 PM IST
विज्ञापन
सब्सिडी के ट्रांसफर कराने को गया था उप कृषि निदेशक कार्यालय
नवंबर के अंत में गेहूं खरीदने के बावजूद सब्सिडी बैंक खाते में न पहुंचने पर जगत ब्लाक के गांव इंद्रपुर के किसान राजेंद्र सिंह यादव अपनी और छोटे भाई सत्यवीर सिंह यादव की सब्सिडी बैंक खातों में भेजे जाने की मांग कर रहे थे। इसी दौरान वहां पर मौजूद एक कर्मचारी से उनकी बहस होने लगी। इसके बाद दोनों में हाथापाई तक की नौबत आ गई।
भेजी जा चुकी करीब एक करोड़ की सब्सिडी
बदायूं। इस वर्ष शासन से मिलने वाला अनुदानित गेहूं बीज पहले से किसानों ने काफी कम खरीदा था, क्योंकि किसानों को अंदेशा था कि उनकी सब्सिडी उन लोगों को नहीं मिल पाएगी। इस बार अनुदानित बीज की सब्सिडी डायरेक्ट बेनीफिट योजना (डीबीटी) के तहत किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इस बार जिले में एक हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से करीब तीन करोड़ 41 लाख रुपये केंद्र सरकार की और 400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी भेजी जानी है। अब तक करीब एक करोड़ चार लाख रुपये की सब्सिडी बैंक खातों में भेजी जानी है।
विज्ञापन
नवंबर के अंत में गेहूं खरीदने के बावजूद सब्सिडी बैंक खाते में न पहुंचने पर जगत ब्लाक के गांव इंद्रपुर के किसान राजेंद्र सिंह यादव अपनी और छोटे भाई सत्यवीर सिंह यादव की सब्सिडी बैंक खातों में भेजे जाने की मांग कर रहे थे। इसी दौरान वहां पर मौजूद एक कर्मचारी से उनकी बहस होने लगी। इसके बाद दोनों में हाथापाई तक की नौबत आ गई।
भेजी जा चुकी करीब एक करोड़ की सब्सिडी
बदायूं। इस वर्ष शासन से मिलने वाला अनुदानित गेहूं बीज पहले से किसानों ने काफी कम खरीदा था, क्योंकि किसानों को अंदेशा था कि उनकी सब्सिडी उन लोगों को नहीं मिल पाएगी। इस बार अनुदानित बीज की सब्सिडी डायरेक्ट बेनीफिट योजना (डीबीटी) के तहत किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इस बार जिले में एक हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से करीब तीन करोड़ 41 लाख रुपये केंद्र सरकार की और 400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी भेजी जानी है। अब तक करीब एक करोड़ चार लाख रुपये की सब्सिडी बैंक खातों में भेजी जानी है।
विज्ञापन