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Budaun News: आधार कार्ड बनवाने के लिए जुटी भीड़ में डेढ़ हजार को मिली अगली तारीख
Thu, 01 Jan 2026 12:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Thu, 01 Jan 2026 12:13 AM IST
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आधारकार्ड के लिए जुटीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : संकुल स्तरीय संघ की महिलाओं को दिया जाता प्रशिक्षण।
उझानी। नए आधारकार्ड और पुरानों में खामियां दूर कराने के लिए डाकघर के सामने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ाके की ठंड में तड़के चार बजे घरों से निकले लोगोें की संख्या में सुबह तक इजाफा हुआ तो संख्या दो हजार के पार हो गई। इनमें डेढ़ हजार महिला, पुरुष और बच्चों को अगली तारीखों के टोकन मुहैया करा दिए गए।
स्टेशन रोड स्थित डाकघर परिसर के बाहर बुधवार सुबह करीब आठ बजे तक काफी भीड़ नजर आई। भीड़ में बुजुर्ग महिलाओं के अलावा बच्चे भी दिखे, लेकिन कड़ाके की ठंड से बेखबर लोगों की नजर डाक कर्मियों पर ही लगी रही। भीड़ में शामिल शमीमबानो और यादराम ने बताया कि उन्हें बच्चे के आधारकार्ड में संशोधन कराना है। राशन को लेकर परेशान नईम बोले- फिंगर प्रिंट नहीं आने से कोटेदार टरकाते हैं। आधारकार्ड में संशोधन के अभाव में उन्हें दो महीने से राशन नसीब नहीं हुआ है।
डाकघर के सामने जुटी भीड़ में कछला और बिल्सी के कई गांव के लोग भी नजर आए। रिसौली निवासी चंद्रपाल को अपनी जन्मतिथि ठीक कराने के लिए पहले बिल्सी तक चक्कर काटने पड़े हैं। भीड़ में कई लोग कार्यालय के प्रथम तल पर भी चढ़ गए। जीना पर पैर रखने तक को जगह नहीं बची।
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अगली तारीख के टोकन जारी करने के लिए डाक कर्मियों को पुलिस का सहयोग लेना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी में ही महिलाओं समेत लोगों को टोकन बांटे गए। डाक अधीक्षक अश्वनी माहेश्वरी ने बताया कि प्रत्येक दिन 40 आधारकार्ड बनते हैं। डाक कर्मियों ने चार फरवरी तक टोकन वितरित कर दिए हैं। तब तक डाकघर के सामने भीड़ नहीं लगेगी।
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किसी की गोद में बच्चा तो कोई बना बुजुर्ग का सहारा
आधारकार्ड बनवाने के लिए जुटी महिलाओं समेत लोगों की भीड़ में अपनापन के नजारे भी देखने को मिले। बुजुर्ग रामदीन का हाथ पकड़े आगे बढ़े उनके नाती को धक्के भी खाने पड़े। कई महिलाएं अपने बच्चों को गोद में समेटे दिखीं। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए चादर से ढक लिया था। भीड़ में जब भी किसी ने आगे निकलने की कोशिश की महिलाओं ने हो-हल्ला कर दिया।
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स्टेशन रोड स्थित डाकघर परिसर के बाहर बुधवार सुबह करीब आठ बजे तक काफी भीड़ नजर आई। भीड़ में बुजुर्ग महिलाओं के अलावा बच्चे भी दिखे, लेकिन कड़ाके की ठंड से बेखबर लोगों की नजर डाक कर्मियों पर ही लगी रही। भीड़ में शामिल शमीमबानो और यादराम ने बताया कि उन्हें बच्चे के आधारकार्ड में संशोधन कराना है। राशन को लेकर परेशान नईम बोले- फिंगर प्रिंट नहीं आने से कोटेदार टरकाते हैं। आधारकार्ड में संशोधन के अभाव में उन्हें दो महीने से राशन नसीब नहीं हुआ है।
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डाकघर के सामने जुटी भीड़ में कछला और बिल्सी के कई गांव के लोग भी नजर आए। रिसौली निवासी चंद्रपाल को अपनी जन्मतिथि ठीक कराने के लिए पहले बिल्सी तक चक्कर काटने पड़े हैं। भीड़ में कई लोग कार्यालय के प्रथम तल पर भी चढ़ गए। जीना पर पैर रखने तक को जगह नहीं बची।
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अगली तारीख के टोकन जारी करने के लिए डाक कर्मियों को पुलिस का सहयोग लेना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी में ही महिलाओं समेत लोगों को टोकन बांटे गए। डाक अधीक्षक अश्वनी माहेश्वरी ने बताया कि प्रत्येक दिन 40 आधारकार्ड बनते हैं। डाक कर्मियों ने चार फरवरी तक टोकन वितरित कर दिए हैं। तब तक डाकघर के सामने भीड़ नहीं लगेगी।
किसी की गोद में बच्चा तो कोई बना बुजुर्ग का सहारा
आधारकार्ड बनवाने के लिए जुटी महिलाओं समेत लोगों की भीड़ में अपनापन के नजारे भी देखने को मिले। बुजुर्ग रामदीन का हाथ पकड़े आगे बढ़े उनके नाती को धक्के भी खाने पड़े। कई महिलाएं अपने बच्चों को गोद में समेटे दिखीं। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए चादर से ढक लिया था। भीड़ में जब भी किसी ने आगे निकलने की कोशिश की महिलाओं ने हो-हल्ला कर दिया।