फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Officials are kind to illegally run hospitals, no action taken

Budaun News: अवैध ढंग से संचालित अस्पतालों पर अधिकारी मेहरबान, कार्रवाई शून्य

Wed, 17 Jul 2024 11:08 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2024 11:08 PM IST
विज्ञापन
Officials are kind to illegally run hospitals, no action taken
वजीरगंज में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित अस्पताल व पैथोलॉजी लैब। संवाद
वजीरगंज। कस्बे में 36 से अधिक अस्पताल संचालित हैं, जबकि सीएमओ कार्यालय में सिर्फ चार का ही पंजीकरण है। अवैध ढंग से संचालित अस्पतालों पर शिकंजा कसने के बजाए जिम्मेदार नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर ले रहे हैं। इस वजह से ऐसे अस्पतालों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।
विज्ञापन



नगर के मुख्य चौराहे से लेकर कोई मोहल्ला ऐसा नहीं, जहां अवैध अस्पताल संचालित न हो रहे हों। गलत इलाज से कई मरीजों की जान जा चुकी है। हर बार पुलिस कार्रवाई का हवाला देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। मामला अगर तूल पकड़ता है तो स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार नोटिस भेजकर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर लेते हैं।
विज्ञापन



समझौता होने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
पिछले साल चार अक्तूबर को वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव पुन्नापुर निवासी अजय पाल ने पत्नी नन्ही देवी (23) को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी में भर्ती कराया था। एक आशा ने उनको निजी नर्सिंग होम ले जाने की सलाह दी जहां जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। दोनों पक्षों में समझौते के बाद यह मामला रफा-दफा हो गया। वहीं, इसी साल सात मई को जाहरपुर निवासी सुल्तान सिंह की 32 वर्षीय पत्नी रीना उर्फ गुड्डो की प्रसव के दौरान मौत हो गई। बच्चे ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया मगर झोलाछाप ने परिवार वालों से समझौता कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अवैध जच्चा-बच्चा केंद्र की जांच तक नहीं
कस्बे की शिव धाम कॉलोनी में जून में चेकिंग के लिए पहुंची टीम में शामिल संविदा सब स्टेशन ऑपरेटर (एसएसओ) को निजी अस्पताल की संचालक ने दरवाजा बंद करके पीटा और उसके साथ खींचतान की।। बाद में स्टाफ नर्सों से छेड़खानी करने का आरोप भी लगा दिया, जबकि बिजली कर्मचारियों का कहना था कि निजी अस्पताल में घरेलू कनेक्शन लेकर बिजली का व्यवसायिक प्रयोग किया जा रहा था। मीटर के नजदीक केबल में एक कट भी लगा मिला है। अस्पताल पर करीब 38 हजार रुपये का बकाया भी था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तो दूर अवैध अस्पताल को देखा तक नहीं है।

टीम के पहुंचने से पहले ही लीक हो जाती है सूचना
अवैध अस्पतालों और पैथालॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच के लिए डॉ. मोहन झा को नोडल बनाया गया है। टीम क्षेत्र में तो जाती है लेकिन, कार्रवाई नहीं हो पाती। सूत्रों की मानें तो टीम के पहुंचने से पूर्व ही सूचना लीक हो जाती है।


जिले में कहीं भी अवैध अस्पताल संचालित नहीं होने दिए जाएंगे। कल ही जिले में आया हूं। जल्द ही टीमें गठित कर फर्जी संचालित अस्पतालों का सर्वे कराया जाएगा। पुलिस कार्रवाई से लेकर विभागीय कार्रवाई भी कराएंगे। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, एसीएमओ

वजीरगंज में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित अस्पताल व पैथोलॉजी लैब। संवाद

वजीरगंज में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित अस्पताल व पैथोलॉजी लैब। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed