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बदायूं: स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाएं नर्सिंग की छात्राएं
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(08 बीडीएनयूजेएचपीएच02)शिखर इंस्टीयूट में कार्यक्रम को संम्बोधित करते राजन मेंदीरत्ता।संवाद
शिखर इंस्टीट्यूट में हुई नर्सिंग और फार्मेसी की छात्राओं की कार्यशाला
उझानी (बदायूं)। शिखर इंस्टीट्यूट फार्मेसी में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नर्सिंग स्टॉफ की भूमिका विषय पर कार्यशाला हुई। इसमें छात्राओं को उनके सामाजिक दायित्व का बोध कराया गया। गूंज सामाजिक जनकल्याण शिक्षा समिति के फाउंडर राजन मेंदीरत्ता ने कहा कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत करना भी आवश्यक है। पढ़ाई पूरी कर छात्राएं इसमें अहम भूमिका निभाएं।
कार्यशाला बुधवार की दोपहर शुरू हुई। मुख्य अतिथि व गूंज के फाउंडर राजन मेंदीरत्ता ने फार्मेसी समेत नर्सिंग की छात्राओं से उनके सामाजिक दायित्व से जुड़े मुद्दों पर संवाद किया। कहा- छात्राएं भी समाज का अंग हैं। उनके भी दायित्व हैं। समाज को नई दिशा प्रदान करने के लिए उन्हें आगे आना होगा। फार्मेसी के प्राचार्य डॉ. गौरव अग्रवाल ने कहा कि फार्मेसी और नर्सिंग की पढ़ाई के बाद सभी को किसी न किसी रूप में सार्वजनिक सेवा की तरफ कदम बढ़ाना है। जरूरी है कि मानव सेवा का सबसे बड़ा धर्म मानकर आगे बढ़ते हुए मिसाल पेश की जाए।
नर्सिंग की प्रधानाचार्या फरहा नाज ने सामाजिक सरोकारों पर अपना पक्ष रखा। कहा, जीवन में अच्छे कार्य करने से समाज में ख्याति प्राप्त होती है। पढ़ाई के दौरान भी एकाग्र रहना आवश्यक है। कार्यशाला में छात्राओं ने भी अपने विचार रखे। मनीषा पाल, प्रीति पाल, मयंक पटेल, नवनीत ठक्कर, आकाश चांडक, गुंजन तिवारी, शिखा आदि मौजूद रहीं।
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उझानी (बदायूं)। शिखर इंस्टीट्यूट फार्मेसी में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नर्सिंग स्टॉफ की भूमिका विषय पर कार्यशाला हुई। इसमें छात्राओं को उनके सामाजिक दायित्व का बोध कराया गया। गूंज सामाजिक जनकल्याण शिक्षा समिति के फाउंडर राजन मेंदीरत्ता ने कहा कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत करना भी आवश्यक है। पढ़ाई पूरी कर छात्राएं इसमें अहम भूमिका निभाएं।
कार्यशाला बुधवार की दोपहर शुरू हुई। मुख्य अतिथि व गूंज के फाउंडर राजन मेंदीरत्ता ने फार्मेसी समेत नर्सिंग की छात्राओं से उनके सामाजिक दायित्व से जुड़े मुद्दों पर संवाद किया। कहा- छात्राएं भी समाज का अंग हैं। उनके भी दायित्व हैं। समाज को नई दिशा प्रदान करने के लिए उन्हें आगे आना होगा। फार्मेसी के प्राचार्य डॉ. गौरव अग्रवाल ने कहा कि फार्मेसी और नर्सिंग की पढ़ाई के बाद सभी को किसी न किसी रूप में सार्वजनिक सेवा की तरफ कदम बढ़ाना है। जरूरी है कि मानव सेवा का सबसे बड़ा धर्म मानकर आगे बढ़ते हुए मिसाल पेश की जाए।
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नर्सिंग की प्रधानाचार्या फरहा नाज ने सामाजिक सरोकारों पर अपना पक्ष रखा। कहा, जीवन में अच्छे कार्य करने से समाज में ख्याति प्राप्त होती है। पढ़ाई के दौरान भी एकाग्र रहना आवश्यक है। कार्यशाला में छात्राओं ने भी अपने विचार रखे। मनीषा पाल, प्रीति पाल, मयंक पटेल, नवनीत ठक्कर, आकाश चांडक, गुंजन तिवारी, शिखा आदि मौजूद रहीं।

(08 बीडीएनयूजेएचपीएच02)शिखर इंस्टीयूट में कार्यक्रम को संम्बोधित करते राजन मेंदीरत्ता।संवाद
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