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अब क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर के खिलाफ एफआईआर
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बदायूं। बिसौली कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने सिविल लाइंस थाने में क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर सुनील कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इससे पहले 15 सितंबर को इंस्पेक्टर ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस अब पेशबंदी का मामला मान रही है।
15 सितंबर को क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कराया था। आरोप था कि बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव बरई खेड़ा निवासी अशोक कुमार यादव उनके पास आता-जाता था। वह अपनी पत्नी की बीमारी का बहाना बनाकर उनसे 30 हजार रुपये उधार ले गया था। बाद में 25 हजार लौटा गया। दोबारा आकर 35 हजार रुपये ले गया। उससे कई बार रुपये मांगे, लेकिन उसने रुपये नहीं लौटाये। मोबाइल पर हुई बातचीत के ऑडियो उन्होंने रिकॉर्ड कर लिए थे। इस पर उन्होंने अशोक कुमार के खिलाफ एफआईआर करा दी।
वहीं, अशोक कुमार यादव ने भी इंस्पेक्टर सुनील कुमार के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर कराया था। अशोक का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने उसकी पत्नी को 45 हजार रुपये में बच्चा पैदा होने की दवा दी थी। 45 हजार रुपये बाद में देने को कहा गया था। जब उसकी पत्नी के बच्चा नहीं हुआ तो उसने इंस्पेक्टर से रुपये मांगे। रुपये न देने पर उसने न्यायालय का सहारा लिया। अब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर इंस्पेक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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इंस्पेक्टर सिविल लाइंस राजेश कुमार ने बताया कि निरीक्षक की ओर से दर्ज एफआईआर की विवेचना के दौरान अशोक के खिलाफ ही सुबूत मिले हैं। उसने पेशबंदी के तहत मामला दर्ज कराया है।
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15 सितंबर को क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कराया था। आरोप था कि बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव बरई खेड़ा निवासी अशोक कुमार यादव उनके पास आता-जाता था। वह अपनी पत्नी की बीमारी का बहाना बनाकर उनसे 30 हजार रुपये उधार ले गया था। बाद में 25 हजार लौटा गया। दोबारा आकर 35 हजार रुपये ले गया। उससे कई बार रुपये मांगे, लेकिन उसने रुपये नहीं लौटाये। मोबाइल पर हुई बातचीत के ऑडियो उन्होंने रिकॉर्ड कर लिए थे। इस पर उन्होंने अशोक कुमार के खिलाफ एफआईआर करा दी।
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वहीं, अशोक कुमार यादव ने भी इंस्पेक्टर सुनील कुमार के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर कराया था। अशोक का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने उसकी पत्नी को 45 हजार रुपये में बच्चा पैदा होने की दवा दी थी। 45 हजार रुपये बाद में देने को कहा गया था। जब उसकी पत्नी के बच्चा नहीं हुआ तो उसने इंस्पेक्टर से रुपये मांगे। रुपये न देने पर उसने न्यायालय का सहारा लिया। अब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर इंस्पेक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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इंस्पेक्टर सिविल लाइंस राजेश कुमार ने बताया कि निरीक्षक की ओर से दर्ज एफआईआर की विवेचना के दौरान अशोक के खिलाफ ही सुबूत मिले हैं। उसने पेशबंदी के तहत मामला दर्ज कराया है।