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चक्कर पर चक्कर पर नहीं हुई सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
Updated Thu, 28 Sep 2017 06:28 PM IST
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पेंशन की आस में विभिन्न विभागों के चक्कर लगाना कई लोगों की नियति बन चुका है। ऐसे 50 हजार से अधिक लोग हैं जो चक्कर काटने को मजबूर हैं, पर अब तक या तो उनके खाते में पेंशन नहीं पहुंची है या फिर उनकी पेंशन मंजूर ही नहीं की गई। इस संबंध में अफसर नियमों का सहारा लेकर बच निकलने में कामयाब हो जाते हैं।
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जिले में समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था पेंशन, विकलांग कल्याण विभाग से विकलांग पेंशन, और प्रोबेशन विभाग से विधवा पेंशन संचालित होती है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में लाभार्थियों का सत्यापन करा लिया गया है, पर अब भी अनेक लोग हैं जिनकी या तो पेंशन मंजूर नहीं की गई है या फिर मंजूर करने के बाद भी राशि उनके खातों में नहीं भेजी गई है। जिले में इस समय एक लाख से अधिक ऐसे लोग हैं जिनको पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसमें वृद्धावस्था के तहत 57010 में 52722 को, विधवा के तहत 37579 में 31631 और विकलांग के तहत 17000 में 15653 को पेंशन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा काफी संख्या में आवेदक आज भी विकास भवन के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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सुविधा शुल्क लेने के बाद ही पेंशन स्वीकृत करने का आरोप
म्याऊं ब्लाक की खुशुनमा ने आरोप लगाया कि उन्हीं लोगों की पेंशन स्वीकृत है, जो सुविधा शुल्क देते हैं। वह कई महीनों से चक्कर काट रही पर पेंशन स्वीकृत नहीं की गई। हर बार कर्मचारी आश्वासन देकर लौटा देते हैं। उसका कहना है कि उसके पति का करीब आठ माह पहले देहांत हो गया था, पर आज तक विधवा पेंशन नहीं मिली।
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