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तीन तलाक: शरीयत को ध्यान में रखकर बनाया जाए कानून

Tue, 22 Aug 2017 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं Updated Tue, 22 Aug 2017 11:12 PM IST
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New law enactment must be done after looking Shariat law
Muslims
तीन तलाक पर मंगलवार को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मुस्लिम धर्म के बुद्धिजीवी वर्ग और धर्म गुरुओं ने सम्मान किया है। इसके साथ यह भी कहा है कि अगर अगर इस पर कानून बनाया जाए तो तो वह शरीयत के मुताबिक होना चाहिए। मुस्लिम पर्सनल लॉ और संविधान में धार्मिक स्वतंत्रता का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। गुस्से या शराब के नशे में तीन तलाक को महिला वर्ग ने गलत बताया है। 
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