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आस्था का केंद्र है खितौरा देवी मंदिर
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आस्था का केंद्र है खितौरा देवी मंदिर
उघैती। क्षेत्र के गांव खितौरा में प्रचीन तीन देवियों के मंदिर का संगम देवी भक्तों की अटूट श्रद्धा का केंद्र है। सैकड़ों साल पुराने इन तीन देवियों के मंदिर पर हर साल नवरात्रों पर भक्तों की भारी भीड़ जुटती हैं। यहां पर जरीफनगर के गांव कादराबाद बुलंदशहर के कर्णवास एवं अलीगढ़ के बैलोन की प्रसिद्ध देवी पीठ का संगम है। हालांकि तीनों देवियां कितने सालों से यहां स्थापित हैं इसका कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है।
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष में देवी मंदिर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवियों के दर्शन कर जात लगाते हैं। मैया का पूरी साज सज्जा के साथ श्रृंगार किया जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालुु पूजा अर्चना कर नारियल और चुनरी भेंट करते हैं। क्षेत्र के अलावा करीबी जनपद के लोग भी यहां दर्शन के लिए आते हैं। इसके अलावा पूरी साल यहां भजन कीर्तन जागरण एवं हवन पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठान होते रहते हैं। नवरात्र के मौके पर मंदिर में अलग ही रौनक रहती है। श्रद्धालुओं की मनौती पूरी होने पर वह मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन करते हैं।
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आस्था का केंद्र है खितौरा देवी मंदिर
उघैती। क्षेत्र के गांव खितौरा में प्रचीन तीन देवियों के मंदिर का संगम देवी भक्तों की अटूट श्रद्धा का केंद्र है। सैकड़ों साल पुराने इन तीन देवियों के मंदिर पर हर साल नवरात्रों पर भक्तों की भारी भीड़ जुटती हैं। यहां पर जरीफनगर के गांव कादराबाद बुलंदशहर के कर्णवास एवं अलीगढ़ के बैलोन की प्रसिद्ध देवी पीठ का संगम है। हालांकि तीनों देवियां कितने सालों से यहां स्थापित हैं इसका कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है।
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष में देवी मंदिर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवियों के दर्शन कर जात लगाते हैं। मैया का पूरी साज सज्जा के साथ श्रृंगार किया जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालुु पूजा अर्चना कर नारियल और चुनरी भेंट करते हैं। क्षेत्र के अलावा करीबी जनपद के लोग भी यहां दर्शन के लिए आते हैं। इसके अलावा पूरी साल यहां भजन कीर्तन जागरण एवं हवन पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठान होते रहते हैं। नवरात्र के मौके पर मंदिर में अलग ही रौनक रहती है। श्रद्धालुओं की मनौती पूरी होने पर वह मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन करते हैं।
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