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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Mulayam Singh had a special attachment to litterateurs had a deep relationship with Dr Urmilesh Shankhdhar

Badaun: मुलायम सिंह का साहित्यकारों से था विशेष लगाव, डॉ. उर्मिलेश शंखधार से रहा गहरा नाता

Mon, 10 Oct 2022 04:24 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला संवाद,बदायूं
अमर उजाला संवाद,बदायूं Published by: Digvijay Singh Updated Mon, 10 Oct 2022 04:24 PM IST
सार

नेताजी का बदायूं के साहित्यकार स्व. उर्मिलेश शंखधार से आत्मीय नाता रहा। उर्मिलेश ने जब भी उन्हें बदायूं बुलाया नेताजी जरूर जाते थे। बदायूं महोत्सव में तो कई बार उनका आना हुआ।

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Mulayam Singh had a special attachment to litterateurs had a deep relationship with Dr Urmilesh Shankhdhar
बदायूं महोत्सव में मुलायम सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के पूर्व सीएम व पूर्व केन्द्रीय मंत्री मुलायम सिंह यादव का सोमवार सुबह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर लगते ही प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। नेताजी काफी समय से बीमार चल रहे थे। मेदांता में डॉक्टरों की विशेष टीम की निगरनी में उनका इलाज चल रहा था। मुलाायम सिंह के निधन की जानकारी उनके पुत्र यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट कर दी।

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नेताजी का बदायूं के साहित्यकार स्व. उर्मिलेश शंखधार से आत्मीय नाता रहा। डॉ. उर्मिलेश ने जब-जब उन्हें बदायूं बुलाया, तब-तब वह आए। बदायूं महोत्सव में तो कई बार उनका आना हुआ।डॉ. उर्मिलेश के पुत्र अक्षत अशेष बताते हैं कि उनके पिता और  नेताजी के सम्बन्धों की शुरुआत बहुत खास रही। जब वह मुख्यमंत्री थे और इटावा के एक कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। डॉ. उर्मिलेश ने उस समय चल रहे राम मंदिर आंदोलन से प्रेरित उनके विरुद्ध संकेत करती कविता उनके सम्मुख ही पढ़ दी। सब अचंभित थे,लेकिन मुलायम सिंह यादव ने मंच पर आकर डॉ. उर्मिलेश के कवितापाठ की प्रशंसा कर उन्हें सच्चा कवि बताया। तब से कभी सैफई, कभी मैनपुरी और लखनऊ के बहुत सारे कवि सम्मेलनों के दौरान दोनों की भेंट हुई।

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अक्षत बताते हैं कि उनके पिता डॉ. उर्मिलेश के ही निमंत्रण पर मुलायम सिंह बदायूं महोत्सव का उद्घाटन करने दो बार 2004, 2005 में आए  थे।  इसके बाद उनके पिता की मृत्यु के बाद उनको समर्पित महोत्सव 2006 में भी नेताजी आये थे। 16 मई 2005 को उनके पिता का निधन हुआ तो मुलायम सिंह अगले दिन ही उनके निवास पर पहुंचे और  परिवार के साथ बैठकर संवेदना व्यक्त की। अक्षत बताते हैं कि मुलायम सिंह का साहित्यकारों के प्रति विशेष लगाव रहा।

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