Budaun News: मुख्य आरोपी की हैवानियत देख सहमे ग्रामीण, खेमकरन को बचाने की नहीं जुटा पाए हिम्मत
जब खेमकरन के भतीजे व परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। परिवार की महिला को पटक दिया। इससे महिला को चोट आई। मुख्य आरोपी खेमकरन की जान लेने तक सिर और चेहरे पर वार करता रहा। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 से 20 मिनट तक आरोपी वार करता रहा। खेमकरन के खून से उसकी टी-शर्ट तक सन गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, हमले के दौरान अवनीश लगातार खेमकरन को ललकारता रहा। वह कहता रहा कि बुलाओ अपने बचाने वाले को। हमलावरों के इस आक्रामक रवैये के चलते आसपास मौजूद ग्रामीण तमाशबीन बने रहे। किसी तरह परिवार के लोग उन्हें बचाने के लिए आगे आए थे।
हमले में खेमकरन के भतीजे किशनपाल, उनकी पत्नी हेमवती और रामबहादुर को भी चोटें आईं। पास में दराती और खुरपी पड़ी थी। वह तक खून से सन गई थी। फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल पर खून से सनी ईंटें और पत्थर मिले हैं, जिन्हें टीम ने साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित कर लिया है।
हत्या से आक्रोशित परिजनों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया था। अधिकारियों के कार्रवाई का भरोसा देने पर शव का पोस्टमॉर्टम कराया।
खेमकरन की टोकाटाकी अवनीश को गुजरी नागवार, भेद खुलने के डर से की थी हत्या
राहुल गुप्ता
रेहड़िया। गांव फतेहनगला में सिर कुचलकर की गई खेमकरन की हत्या के मामले में पुलिस ने कई बिंदुओं पर तफ्तीश की। अब तक की जांच और ग्रामीणों के बयानों से यह मालूम हुआ है कि मुख्य आरोपी अवनीश का गांव की ही एक युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। दोनों को एकसाथ कई बार खेमकरन ने देख लिया था। उन्होंने कई बार अवनीश को टोक दिया। इसके बाद से आरोपी खेमकरन से रंजिश मानने लगा। इसी रंजिश में अवनीश को लगा कि कहीं उसकी प्रेम कहानी सार्वजनिक न हो जाए।
ग्रामीणों ने यहां तक बताया कि मंगलवार दोपहर जब अवनीश खाली भूमि पर खेमकरन को मारने पहुंचा तो खेमकरन ने उस लड़की का जिक्र किया। इससे अवनीश और हैवान बन गया। पुलिस ने अभी हत्या की वजह के तौर पर आधिकारिक रूप से कुछ भी पुष्ट नहीं किया है, लेकिन पुलिस की जांच इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार को खेमकरन अकेले ही थे। इसकी जानकारी मिलने पर अवनीश शराब पीकर अपने दोस्तों के साथ पहुंच गया था। इधर, एसपी ग्रामीण डॉ हृदेश कठेरिया ने बताया कि हर बिंदु पर जांच कराई जा रही है। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट की जाएगी। (संवाद)
मुख्य आरोपी के पहले हाथ बांधे, फिर पेड़ से बांधकर लगाई पिटाई
वारदात के बाद पूरा गांव मौके पर पहुंच गया। सबके सुख-दुख में शामिल होने वाले खेमकरन की बेरहमी से हत्या करने से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य आरोपी अवनीश को दबोच लिया। ग्रामीणों ने पहले उसके दोनों हाथ बांधे। इसके बाद खींचकर ले जाकर पेड़ से बांध दिया। लोहे के तार से हाथ बांधने के बाद उसी तार से पेड़ से बांध दिया। इसके बाद रस्सी से और कसकर बांध दिया। इस दौरान कई महिलाओं ने आरोपी पर थप्पड़ बरसाए। पुरुषों ने भी उसकी पिटाई लगाई। इस दौरान भी वह ग्रामीणों से गाली-गलौज करता रहा। उसके चेहरे पर जरा भी सिकन नहीं थी।
इसके बाद पहुंची पुलिस ने रस्सी खोलकर उसे हिरासत में ले लिया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना है। खेमकरन और आरोपी अवनीश का घर आमने-सामने है। इधर, घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ बिल्सी आलोक सिद्धू, नायब तहसीलदार अमित कुमार के साथ बिल्सी इंस्पेक्टर मनोज कुमार, बिसौली इंस्पेक्टर सर्वेंद्र कुमार शर्मा और वजीरगंज अश्वनी कुमार मौके पर पहुंचे। सभी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
महेंद्र पत्नी की दवा लेने वृंदावन गए हुए थे
परिजनों ने बताया कि खेमकरन का भाई महेंद्र अपनी पत्नी की दवा लेने के लिए वृंदावन गए हुए हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। हत्या के कारणों, आरोपियों की भूमिका और परिजनों के आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच तथा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी।
चार भाइयों में तीन की मौत होने पर महेंद्र ही रह गए
मेवाराम के चार बेटे थे। खेमकरन, चन्द्रपाल, यादराम व महेंद्र। चंद्रपाल व यादराम की पहले की मृत्यु हो चुकी है। अब खेमकरन की मौत हो गई। तीन भाइयों की मौत से महेंद्र बेहद दुखी हैं। वह ही बचे हैं। परिजनों ने बताया कि चंद्रपाल और खेमकरन की शादी नहीं हुई थी।
रोते हुए भतीजी कह रही, हमारे चाचा ने किसी का क्या बिगाड़ा था
खेमकरन की हत्या होने के बाद उनके भाई महेंद्र की बेटियों देववती व सरिता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। इन्हीं के घर पर खेमकरन रहते थे। वह रो-रोकर कह रही थीं कि हमारे चाचा ने किसी का क्या बिगाड़ा था। आधे घंटे तक वे रोती रहीं।
प्रत्यक्षदर्शी हेमवती और अन्य ने बताया कि घटना के दौरान आरोपी के परिवार की महिलाएं भी छतों से यह सब होता देेख रही थीं। खेमकरन के भतीजे किशनपाल ने बताया कि अवनीश अपने साथियों के साथ हत्या के इरादे से ही आया था। आरोपी के परिवार व मिलने वाले कह रहे थे कि अवनीश को बचाने के लिए 10 से 15 लाख रुपये फूंक देंगे। उसने कुछ नहीं किया है। एक ग्रामीण पास में ही अपनी भैंस नहला रहा था। अवनीश अपने मकान की ऊंची दीवार फांद आया। उसे टोका तो इसने ईंट मार दी। इससे उसके चोट आई। पिता हंसराज आए तो उन पर भी हमलावर हो गया था।

घटना स्थल पर जांच करती फॉरेसिंग टीम। संवाद- फोटो : Samvad

घटना स्थल पर जांच करती फॉरेसिंग टीम। संवाद- फोटो : Samvad

घटना स्थल पर जांच करती फॉरेसिंग टीम। संवाद- फोटो : Samvad

घटना स्थल पर जांच करती फॉरेसिंग टीम। संवाद- फोटो : Samvad

घटना स्थल पर जांच करती फॉरेसिंग टीम। संवाद- फोटो : Samvad

घटना स्थल पर जांच करती फॉरेसिंग टीम। संवाद- फोटो : Samvad

घटना स्थल पर जांच करती फॉरेसिंग टीम। संवाद- फोटो : Samvad

घटना स्थल पर जांच करती फॉरेसिंग टीम। संवाद- फोटो : Samvad

घटना स्थल पर जांच करती फॉरेसिंग टीम। संवाद- फोटो : Samvad

घटना स्थल पर जांच करती फॉरेसिंग टीम। संवाद- फोटो : Samvad

घटना स्थल पर जांच करती फॉरेसिंग टीम। संवाद- फोटो : Samvad

घटना स्थल पर जांच करती फॉरेसिंग टीम। संवाद- फोटो : Samvad

घटना स्थल पर जांच करती फॉरेसिंग टीम। संवाद- फोटो : Samvad