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Budaun News: या हुसैन की सदाओं के बीच निकाला गया मुहर्रम का जुलूस
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शहर के सोत नदी पर ताजिये दफन करते हुऐ। संवाद
बदायूं। या हुसैन की सदाओं के बीच रविवार को जिले में मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। जिले भर में 87 जुलूस निकाले गए हैं। इनको 55 कर्बला में दफन किया गया है। जुलूस में शामिल अंजुमनों ने कहीं जंजीर से मातम किया तो कहीं दहकते अंगारों पर चलकर इमाम हुसैन को याद किया। मुहर्रम जुलूस के मद्देनजर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। मुजरिया क्षेत्र के गांव सेमरा बनबीरपुर, कोल्हाई, नसीरपुर गैसू, लहरा असदुल्लापुर, अफजलपुर छगनपुर, नेतुआ, भीकमपुर में पुलिस की मौजूदगी में ताजिया सजाया गया।
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यौमे आशूरा के दिन शिया समुदाय ने निकाला जुलूस
सिलहरी। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में शिया समुदाय ने जुलूस ए अजा कादरी गेट से निकाला। शिया कर्बला काजी हौज पहुंचकर समाप्त हुआ। मथुरिया चौक, जामा मस्जिद, वेदों टोला, फरशोरी टोला, सोथा मुहल्ला से अलम ए मुबारक व ताजिये निकाले गए। इस मौके पर अनवर आलम, अमीर हसन आबिदी, जर्रार हैदर, ऐहसान रजा, ऑन हैदर, कैफ जैदी, गुलाम अब्बास आदि थे। संवाद
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गमगीन माहौल में मनाया गया मुहर्रम का त्यौहार
अलापुर। मुहल्ला महल से ताजिया उठाकर अंसारी मोहल्ला व लुहार वाला होते हुए दोबारा इमामबाड़े में रख दिया गया। सखानू, इकरी भासरला, स्थानों व इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन किया गया। दूसरी ओर मौजेशाह व मौलाशाह के इमामबाड़े में रातभर शबेदारी की और फिजा में या हुसैन की सदाएं गूंजने लगी। इमाम हुसैन ने कर्बला में इंसानियत का जो संदेश दिया, वह आज भी फायदेमंद है। इस मौके पर इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
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मुहर्रम के त्योहार को गमगीन माहौल में मनाया
म्याऊं/उसावां। उसावां क्षेत्र के गांव रिठिया में मुहर्रम का पर्व गमगीन माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने हजरत इमाम हसन और इमाम हुसैन की शहादत को याद किया गया। गांव में ताजिया जुलूस निकाला गया, जो पूरे गांव में घूमते हुए पारंपरिक मार्गों से होकर कर्बला स्थल पर पहुंचा। ताजिया को शुपुर्द-ए-खाक किया गया। जुलूस के दौरान माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। साथ ही उसहैत क्षेत्र में भी गमगीन माहौल में मुहर्रम का त्योहार मनाया गया। संवाद
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मुहर्रम पर निकाले गए ताजिया में लोगों की भीड़
कादरचौक। मुहर्रम का त्योहार क्षेत्र में गमगीन माहौल में मनाया गया। जगह जगह जुलूस निकाला कर गम का इजहार किया गया। चौक में रखे गए छोटे-छोटे ताजिया दिन में ही कर्बला में दफन कर दिए गए। बड़े ताजिया को जुलूस के बाद कर्बला में दफन किया गया। क्षेत्र के गांव नूरपुर, वेहटा डंबरनगर, गौरामई के अलावा रमजानपुर में ताजिया का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस जामा मस्जिद, बड़ी मस्जिद, नूरानी मस्जिद, छोटी मस्जिद होते हुए सईदन का कुंआ, कुरैशियान, भट्ठी मुहल्ला, पठान मुहल्ला, तकिया टोला होते हुए कर्बला में दफन किए गये। जुलूस में पुलिस बल मौजूद रहा। संवाद
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नगर पालिका की ओर से कर्बला में लगा कैंप
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। नगर पालिका की ओर से कर्बला में कैंप लगाकर लंगर तकसीम किया गया। यहां पहुंचे पूर्व मंत्री आबिद रजा ने मुहर्रम की 10वीं तारीख (आशुरे) के मौके पर कबूलपुरा स्थित कर्बला शरीफ में जायरीनों से मुलाकात की। खुद रोजा रख कर लंगर भी तकसीम किया। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत नमाज पढ़ते वक्त हुई थी, ऐसे हालात में भी हजरत इमाम हुसैन ने नमाज को नहीं छोड़ा। इस मौके पर अबरार हुसैन, राइन सभासद, भूरे सभासद, मुशाहिद सभासद, नवेद आदि मौजूद रहे।
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यौमे आशूरा के दिन शिया समुदाय ने निकाला जुलूस
सिलहरी। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में शिया समुदाय ने जुलूस ए अजा कादरी गेट से निकाला। शिया कर्बला काजी हौज पहुंचकर समाप्त हुआ। मथुरिया चौक, जामा मस्जिद, वेदों टोला, फरशोरी टोला, सोथा मुहल्ला से अलम ए मुबारक व ताजिये निकाले गए। इस मौके पर अनवर आलम, अमीर हसन आबिदी, जर्रार हैदर, ऐहसान रजा, ऑन हैदर, कैफ जैदी, गुलाम अब्बास आदि थे। संवाद
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गमगीन माहौल में मनाया गया मुहर्रम का त्यौहार
अलापुर। मुहल्ला महल से ताजिया उठाकर अंसारी मोहल्ला व लुहार वाला होते हुए दोबारा इमामबाड़े में रख दिया गया। सखानू, इकरी भासरला, स्थानों व इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन किया गया। दूसरी ओर मौजेशाह व मौलाशाह के इमामबाड़े में रातभर शबेदारी की और फिजा में या हुसैन की सदाएं गूंजने लगी। इमाम हुसैन ने कर्बला में इंसानियत का जो संदेश दिया, वह आज भी फायदेमंद है। इस मौके पर इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
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मुहर्रम के त्योहार को गमगीन माहौल में मनाया
म्याऊं/उसावां। उसावां क्षेत्र के गांव रिठिया में मुहर्रम का पर्व गमगीन माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने हजरत इमाम हसन और इमाम हुसैन की शहादत को याद किया गया। गांव में ताजिया जुलूस निकाला गया, जो पूरे गांव में घूमते हुए पारंपरिक मार्गों से होकर कर्बला स्थल पर पहुंचा। ताजिया को शुपुर्द-ए-खाक किया गया। जुलूस के दौरान माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। साथ ही उसहैत क्षेत्र में भी गमगीन माहौल में मुहर्रम का त्योहार मनाया गया। संवाद
मुहर्रम पर निकाले गए ताजिया में लोगों की भीड़
कादरचौक। मुहर्रम का त्योहार क्षेत्र में गमगीन माहौल में मनाया गया। जगह जगह जुलूस निकाला कर गम का इजहार किया गया। चौक में रखे गए छोटे-छोटे ताजिया दिन में ही कर्बला में दफन कर दिए गए। बड़े ताजिया को जुलूस के बाद कर्बला में दफन किया गया। क्षेत्र के गांव नूरपुर, वेहटा डंबरनगर, गौरामई के अलावा रमजानपुर में ताजिया का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस जामा मस्जिद, बड़ी मस्जिद, नूरानी मस्जिद, छोटी मस्जिद होते हुए सईदन का कुंआ, कुरैशियान, भट्ठी मुहल्ला, पठान मुहल्ला, तकिया टोला होते हुए कर्बला में दफन किए गये। जुलूस में पुलिस बल मौजूद रहा। संवाद
नगर पालिका की ओर से कर्बला में लगा कैंप
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। नगर पालिका की ओर से कर्बला में कैंप लगाकर लंगर तकसीम किया गया। यहां पहुंचे पूर्व मंत्री आबिद रजा ने मुहर्रम की 10वीं तारीख (आशुरे) के मौके पर कबूलपुरा स्थित कर्बला शरीफ में जायरीनों से मुलाकात की। खुद रोजा रख कर लंगर भी तकसीम किया। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत नमाज पढ़ते वक्त हुई थी, ऐसे हालात में भी हजरत इमाम हुसैन ने नमाज को नहीं छोड़ा। इस मौके पर अबरार हुसैन, राइन सभासद, भूरे सभासद, मुशाहिद सभासद, नवेद आदि मौजूद रहे।

शहर के सोत नदी पर ताजिये दफन करते हुऐ। संवाद

शहर के सोत नदी पर ताजिये दफन करते हुऐ। संवाद

शहर के सोत नदी पर ताजिये दफन करते हुऐ। संवाद

शहर के सोत नदी पर ताजिये दफन करते हुऐ। संवाद

शहर के सोत नदी पर ताजिये दफन करते हुऐ। संवाद

शहर के सोत नदी पर ताजिये दफन करते हुऐ। संवाद

शहर के सोत नदी पर ताजिये दफन करते हुऐ। संवाद

शहर के सोत नदी पर ताजिये दफन करते हुऐ। संवाद

शहर के सोत नदी पर ताजिये दफन करते हुऐ। संवाद

शहर के सोत नदी पर ताजिये दफन करते हुऐ। संवाद