{"_id":"6616d824431c9ed80304e085","slug":"mother-brahmacharini-was-worshiped-on-the-second-day-badaun-news-c-123-1-sbly1018-116855-2024-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: दूसरे दिन पूजी गईं मां ब्रह्मचारिणी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: दूसरे दिन पूजी गईं मां ब्रह्मचारिणी
विज्ञापन
नगला मंदिर में देवी मां की पूजा अर्चना करते भक्त। संवाद
बदायूं। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए देवी मंदिरों में भक्त उमड़े। लोगों ने विधि विधान से मां ब्रह्मचारिणी की पूजा कर सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। नगला मंदिर में पूरे दिन भक्तों की भीड़ रही। लोगों ने मां के दर्शन किए।
देवी सती के दूसरे स्वरूप का नाम माता ब्रह्मचारिणी है। नवरात्र के दूसरे दिन माता के इसी स्वरूप की पूजा का विधान है। पौराणिक मान्यता के अनुसार ब्रह्मा जी की शक्ति होने के कारण मां का यह स्वरूप ब्रह्मचारिणी नाम से प्रसिद्ध हुआ। इनका उद्भव भगवान ब्रह्मा के कमंडल से माना जाता है। ब्रह्मा जी सृष्टि के सृजक हैं और ब्रह्मचारिणी उनकी शक्ति। ब्रह्मा जी ने इसी शक्ति के बल पर सृष्टि का विस्तार किया। इसके कारण स्त्री को सृष्टि का कारक माना गया है।
देवी ब्रह्मचारिणी ज्ञान, वैराग्य व ध्यान की अधिष्ठात्री हैं। ऐसी मान्यता है कि देवी के इस स्वरूप की पूजा अर्चना करने से ज्ञान के साथ घरों में सुख समृद्धि आती है। इसी मान्यता के अनुरूप बुधवार को चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना के लिए मंदिरों में भक्त उमड़ पड़े।
विज्ञापन
बिल्सी। मोहल्ला संख्या एक हनुमानगढ़ी स्थित देवी मंदिर, मोहल्ला संख्या पांच के दुर्गा मंदिर, शिव शक्ति भवन मंदिर, कुटी मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, देववाणी मंदिर समेत प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। हनुमानगढ़ी मंदिर पर मां के दर्शन के लिए भक्तों की काफी भीड़ रही।
विज्ञापन
देवी सती के दूसरे स्वरूप का नाम माता ब्रह्मचारिणी है। नवरात्र के दूसरे दिन माता के इसी स्वरूप की पूजा का विधान है। पौराणिक मान्यता के अनुसार ब्रह्मा जी की शक्ति होने के कारण मां का यह स्वरूप ब्रह्मचारिणी नाम से प्रसिद्ध हुआ। इनका उद्भव भगवान ब्रह्मा के कमंडल से माना जाता है। ब्रह्मा जी सृष्टि के सृजक हैं और ब्रह्मचारिणी उनकी शक्ति। ब्रह्मा जी ने इसी शक्ति के बल पर सृष्टि का विस्तार किया। इसके कारण स्त्री को सृष्टि का कारक माना गया है।
विज्ञापन
देवी ब्रह्मचारिणी ज्ञान, वैराग्य व ध्यान की अधिष्ठात्री हैं। ऐसी मान्यता है कि देवी के इस स्वरूप की पूजा अर्चना करने से ज्ञान के साथ घरों में सुख समृद्धि आती है। इसी मान्यता के अनुरूप बुधवार को चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना के लिए मंदिरों में भक्त उमड़ पड़े।
विज्ञापन
बिल्सी। मोहल्ला संख्या एक हनुमानगढ़ी स्थित देवी मंदिर, मोहल्ला संख्या पांच के दुर्गा मंदिर, शिव शक्ति भवन मंदिर, कुटी मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, देववाणी मंदिर समेत प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। हनुमानगढ़ी मंदिर पर मां के दर्शन के लिए भक्तों की काफी भीड़ रही।

नगला मंदिर में देवी मां की पूजा अर्चना करते भक्त। संवाद