ससुराल को निकली संसार छोड़ गई सीमा: ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर मां-बेटे की मौत, पति घायल; दावत खाने गए थे तीनों
थाना क्षेत्र के गांव हरनाथपुर निवासी हरवंश कुंवरगांव कस्बे में दर्जी की दुकान पर काम करते हैं। वह शनिवार को अपनी पत्नी सीमा और इकलौते बेटे दिव्यांश को लेकर ससुराल हथिनीभूड़ गांव दावत खाने गए थे।
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यूपी के बदायूं स्थित कुंवरगांव-बिनावर मार्ग पर रविवार शाम एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर 23 वर्षीय सीमा और उसके तीन वर्षीय बेटे दिव्यांश की मौत हो गई जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। वह अपने पति के साथ बाइक पर मायके से ससुराल लौट रही थी। चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर भाग गया। पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर घायल को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है। दोनों मां-बेटे के शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है।
थाना क्षेत्र के गांव हरनाथपुर निवासी हरवंश कुंवरगांव कस्बे में दर्जी की दुकान पर काम करते हैं। वह शनिवार को अपनी पत्नी सीमा और इकलौते बेटे दिव्यांश को लेकर ससुराल हथिनीभूड़ गांव दावत खाने गए थे। उधर से दावत खाकर रविवार शाम करीब पांच बजे घर लौट रहे थे। उस दौरान हरवंश ने हेलमेट नहीं लगाया था। उनकी बाइक बिनावर-कुंवरगांव मार्ग पर आजमगंज मढि़या गांव से निकलकर कूछ दूर पहुंची थी। रास्ते में ईंटों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी थी। कुंवरगांव की ओर से एक और ट्रैक्टर-ट्रॉली ओवरटेक करती हुई आ रही थी। उसने हरवंश की बाइक में जबरदस्त टक्कर मार दी, जिससे मां-बेटे बाइक से सड़क पर गिर गए। उन्हें ईंटों से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली कुचलती हुई निकल गई, जिससे सीमा और दिव्यांश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि हरवंश गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे को देखकर आसपास के कई दुकानदार दौड़ पड़े। चालक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को दौड़ाने की कोशिश की लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका। वह ट्रैक्टर-ट्रॉली को एक खेत में घुसाकर भाग गया। दुकानदारों की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। खबर मिलने पर हरवंश के परिवार वाले भी आ गए। इससे पहले पुलिस ने घायल हरवंश को जिला अस्पताल भेज दिया। बाद में महिला और उसके बेटे के शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया। सीमा चार माह की गर्भवती भी बताई जा रही है। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
रोकथाम के बावजूद ट्रैक्टर-ट्रॉली से ढोई जा रहीं ईंटें
परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली से ईंटें ढोना गलत है। अधिकारियों का दावा है कि जहां भी ईंटें या सीमेंट सरिया ढोते पकड़े गए तो उनका चालान कर दिया जाएगा। इसके बावजूद कब्जे में कई ट्रैक्टर-ट्रॉली ईंटें ढो रहे हैं। सीमेंट सरिया की दुकानों पर भी लगे हैं।