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Budaun News: प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, अपंजीकृत अस्पताल सील
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मृतका मोनी देवी का फाइल फोटो
बदायूं। बिल्सी रोड पर जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम के पास संचालित बदायूं हॉस्पिटल में मंगलवार को प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तीन घंटे हंगामा किया। मौके पर जिला महिला अस्पताल की ओटी में तैनात एक वार्ड आया भी मिली, जिसे पुलिस अपने साथ थाने ले गई। वार्ड आया की मिलीभगत से ही महिला को प्रसव के लिए वहां ले जाने की बात सामने आई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पंजीकरण न होने पर बदायूं हॉस्पिटल को सील कर दिया।
शहर के संतोख सिंह तिराहे के पास हाल निवासी एवं मुजरिया थाना क्षेत्र के सगराय गांव निवासी सुधीर कुमार ने बताया कि वह मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे गर्भवती पत्नी मोनी देवी को जिला महिला अस्पताल की ओटी में तैनात वार्ड आया निशा तारिक उर्फ गुड़िया के पक्का बाग स्थित घर लेकर पहुंचे थे। सुधीर ने बताया कि वार्ड आया ने सामान्य प्रसव कराने की बात कही। इसके लिए 30 हजार रुपये जमा करा लिए। साथ ही कोई भी परेशानी होने पर बदायूं हॉस्पिटल में ले जाकर प्रसव कराने का आश्वासन दिया।
सुधीर ने बताया कि वह पत्नी और मां को वार्ड आया के घर छोड़कर लौट आए थे। सुबह करीब आठ बजे उनकी मां का फोन आया कि मोनी को बदायूं हॉस्पिटल ले जाया जा रहा है। इसके बाद वह सीधे अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि वहां ऑपरेशन थियेटर में पत्नी के हाथ-पैर कसकर पकड़े गए थे और पैरों पर हाथों से मारा जा रहा था।
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उन्होंने वार्ड आया गुड़िया से कहा कि सामान्य प्रसव नहीं हो रहा है तो ऑपरेशन कर दें, ताकि मां और बच्चे की जान बच सके। आरोप है कि उनकी बात नहीं मानी गई। कुछ समय बाद मोनी की मौत होने के साथ नवजात की भी जान चली गई। पीड़ित सुधीर ने अस्पताल संचालक के विरुद्ध कोतवाली में तहरीर दी है।
उधर, घटना की जानकारी मिलने पर सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने तत्काल टीम को मौके पर भेजा। डिप्टी सीएमओ डाॅ. तहसीन मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से बात की। अस्पताल के संबंध में जानकारी की। पता चला कि अस्पताल लंबे समय से बिना पंजीकरण के चल रहा था, जिसे सील करा दिया गया। परिजनों के आरोपों और प्रसव के दौरान हुई दोनों मौतों के मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है
जिला महिला अस्पताल में हुई थी मुलाकात
सुधीर के मुताबिक, वह कुछ दिन पहले अपनी पत्नी को दिखाने जिला महिला अस्पताल लेकर गए थे। इसी दौरान ओटी में तैनात वार्ड आया गुड़िया से संपर्क हुआ। आरोप है कि वार्ड आया ने घर पर प्रसव कराने और जरूरत पड़ने पर बदायूं हॉस्पिटल में डिलीवरी की सुविधा होने की बात कही थी। उसी पर भरोसा करके वह पत्नी को लेकर उसके बताए स्थान पर पहुंचे थे। परिजनों ने पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत की जानकारी मिली है। तुरंत ही टीम को मौके पर भेजा गया। बदायूं हॉस्पिटल सील करा दिया गया है। जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ
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शहर के संतोख सिंह तिराहे के पास हाल निवासी एवं मुजरिया थाना क्षेत्र के सगराय गांव निवासी सुधीर कुमार ने बताया कि वह मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे गर्भवती पत्नी मोनी देवी को जिला महिला अस्पताल की ओटी में तैनात वार्ड आया निशा तारिक उर्फ गुड़िया के पक्का बाग स्थित घर लेकर पहुंचे थे। सुधीर ने बताया कि वार्ड आया ने सामान्य प्रसव कराने की बात कही। इसके लिए 30 हजार रुपये जमा करा लिए। साथ ही कोई भी परेशानी होने पर बदायूं हॉस्पिटल में ले जाकर प्रसव कराने का आश्वासन दिया।
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सुधीर ने बताया कि वह पत्नी और मां को वार्ड आया के घर छोड़कर लौट आए थे। सुबह करीब आठ बजे उनकी मां का फोन आया कि मोनी को बदायूं हॉस्पिटल ले जाया जा रहा है। इसके बाद वह सीधे अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि वहां ऑपरेशन थियेटर में पत्नी के हाथ-पैर कसकर पकड़े गए थे और पैरों पर हाथों से मारा जा रहा था।
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उन्होंने वार्ड आया गुड़िया से कहा कि सामान्य प्रसव नहीं हो रहा है तो ऑपरेशन कर दें, ताकि मां और बच्चे की जान बच सके। आरोप है कि उनकी बात नहीं मानी गई। कुछ समय बाद मोनी की मौत होने के साथ नवजात की भी जान चली गई। पीड़ित सुधीर ने अस्पताल संचालक के विरुद्ध कोतवाली में तहरीर दी है।
उधर, घटना की जानकारी मिलने पर सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने तत्काल टीम को मौके पर भेजा। डिप्टी सीएमओ डाॅ. तहसीन मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से बात की। अस्पताल के संबंध में जानकारी की। पता चला कि अस्पताल लंबे समय से बिना पंजीकरण के चल रहा था, जिसे सील करा दिया गया। परिजनों के आरोपों और प्रसव के दौरान हुई दोनों मौतों के मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है
जिला महिला अस्पताल में हुई थी मुलाकात
सुधीर के मुताबिक, वह कुछ दिन पहले अपनी पत्नी को दिखाने जिला महिला अस्पताल लेकर गए थे। इसी दौरान ओटी में तैनात वार्ड आया गुड़िया से संपर्क हुआ। आरोप है कि वार्ड आया ने घर पर प्रसव कराने और जरूरत पड़ने पर बदायूं हॉस्पिटल में डिलीवरी की सुविधा होने की बात कही थी। उसी पर भरोसा करके वह पत्नी को लेकर उसके बताए स्थान पर पहुंचे थे। परिजनों ने पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत की जानकारी मिली है। तुरंत ही टीम को मौके पर भेजा गया। बदायूं हॉस्पिटल सील करा दिया गया है। जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ