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इस बार मोबाइल एप से होगी आर्थिक गणना
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बदायूं। जिले में सातवीं आर्थिक गणना का कार्य इस बार मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा। केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय ने इस बार आर्थिक गणना का काम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को सौंपा है। मोबाइल एप के दिए गए फीचर्स पर जाकर ही परिवार दर परिवार आर्थिक सर्वे इन कर्मचारियों के माध्यम से होगा।
जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी प्रदीप कुमार त्यागी ने बताया कि पूर्व में आर्थिक गणना का कार्य सरकारी कर्मचारियों द्वारा मैन्युअल किया जाता था, लेकिन इस बार केंद सरकार ने इसे कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) को सौंपा है। गणना पूर्णतया ऑनलाइन और जियो टैग पर आधारित होगी। गणना का पूरा डाटा पूर्णतया गोपनीय है। कहा कि गणना का मुख्य ध्येय सही आर्थिक आकड़े जुटाना है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी घर-घर जाकर प्रत्येक परिवारों का आर्थिक सर्वे करेंगे। सर्वे में परिवार के मुखिया का नाम, कुल सदस्य, व्यवसाय व सभी स्त्रोतों से प्राप्त अनुमानित पारिवारिक आमदनी का ब्यौरा लिया जाएगा। देश में पहली आर्थिक गणना 1977 में हुई थी। छठी आर्थिक गणना वर्ष 2013-14 में की गई थी। गणना को मुख्य उद्देश्य ये होता है कि सरकार को सभी लोगों की जानकारी होती है। उसी के अनुरूप योजनाएं तैयार होती हैं, जिससे गरीब पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिल सके।
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जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी प्रदीप कुमार त्यागी ने बताया कि पूर्व में आर्थिक गणना का कार्य सरकारी कर्मचारियों द्वारा मैन्युअल किया जाता था, लेकिन इस बार केंद सरकार ने इसे कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) को सौंपा है। गणना पूर्णतया ऑनलाइन और जियो टैग पर आधारित होगी। गणना का पूरा डाटा पूर्णतया गोपनीय है। कहा कि गणना का मुख्य ध्येय सही आर्थिक आकड़े जुटाना है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी घर-घर जाकर प्रत्येक परिवारों का आर्थिक सर्वे करेंगे। सर्वे में परिवार के मुखिया का नाम, कुल सदस्य, व्यवसाय व सभी स्त्रोतों से प्राप्त अनुमानित पारिवारिक आमदनी का ब्यौरा लिया जाएगा। देश में पहली आर्थिक गणना 1977 में हुई थी। छठी आर्थिक गणना वर्ष 2013-14 में की गई थी। गणना को मुख्य उद्देश्य ये होता है कि सरकार को सभी लोगों की जानकारी होती है। उसी के अनुरूप योजनाएं तैयार होती हैं, जिससे गरीब पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिल सके।
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