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ये लो....प्रधान जी बिना लाइसेंस बनवा रहे थे छेना के रसगुल्ले, टीम ने पकड़ा
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बदायूं। मिलावट का धंधा जोरों पर चल रहा है। गुरुवार को खाद्य विभाग की टीम ने कादरचौक के गांव मुगर्रा टाई में छापामारी की तो वहां ग्राम प्रधान अवैध तरीके से छेना के रसगुल्ले बनवाते पकड़ा गया। मौके पर फैली गंदगी देखकर टीम भी हैरत में पड़ गई। बच्चों को वहां बैठाकर भीषण गंदगी में रसगुल्ले बनवाए जा रहे थे। इस पर खाद्य विभाग की टीम ने सैंपल लेकर फैक्टरी को सीज कर दिया। पहली नजर में यह तो साफ हो गया है कि रसगुल्ले बनाने में दोयम दर्जे की चीजें इस्तेमाल की जा रही थीं, इनका स्तर कितना खराब है, यह सैंपल की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा।
चंद पैसों की खातिर मिलावटखोर लोगों के सेहत से खिलवाड़ करने से नहीं चूक रहे हैं। जिनकी वजह कई बार तो लोग बीमार हो जाते हैं, तो कभी जान तक गवां बैठते हैं। इन मिलावट खोरों के खिलाफ विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाया जाता है, साथ ही जुर्माना भी डाला जाता है, लेकिन ये मिलावटखोर सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। मिलावट का ऐसा ही एक मामला खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में आया तो मुख्य खाद्य अधिकारी धनंजय शुक्ला और खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवकांत ने कादरचौक के मजरा नब्वी नगला के गांव मुगर्रा टाई में छापेमारी की। इस दौरान टीम के सदस्यों पाया कि ग्राम प्रधान हबीब अहमद उर्फ हफीज द्वारा छेना के रसगुल्ले बनवाए जा रहे थे। काम भी छोटे-छोटे बच्चों से करवाया जा रहा था। विभाग की टीम ने जब ग्राम प्रधान हफीज से इस संबंध में लाइसेंस मांगा तो उन्होंने किसी भी प्रकार के अभिलेखों के होने से इनकार कर दिया। टीम के सदस्यों को मौके पर लगभग 90 किलो रसगुल्ले बने हुए मिले, जिसकी चाशनी में काफी मक्खी पड़ी थीं। प्रधान द्वारा बिना मानकों को पूरा करते हुए रसगुल्ले बनाए जा रहे थे। टीम फैक्टरी सीज कर दी है।
मिलावटी मिठाई से कई लोग हुए बीमार
हजरतपुर में पिछले दिनों मिलावटी सोनपपड़ी खाने से करीब 15 लोग बीमार हो गए थे, जिन्हें ड्रिप तक चढ़ानी पड़ी थी। मौके पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम ने सोनपपड़ी का सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा है। इससे पहले भी मिलावट के कई मामले सामने आ चुके हैं।
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जानकारी मिली थी कि गांव के प्रधान द्वारा अवैध रूप से रसगुल्ले बनाए जा रहे हैं। इसको लेकर छापामारी की। मौके पर लगभग 90 किलो रसगुल्ले बने हुए मिले। वहां पर बहुत गंदगी थी। बच्चों द्वारा रसगुल्ले बनवाए जा रहे थे। विभाग की ओर से कोई लाइसेंस नहीं लिया गया था।
-धनंजय शुक्ला, मुख्य खाद्य अधिकारी
मेरे यहां पर मेरठ के दो लोग किराये पर रहकर रसगुल्ले बनाने का काम कर रहे थे। वह पिछले तीन दिन पहले बिना बताए चले गए। गुरुवार को अचानक खाद्य विभाग की टीम आई, उन्होंने वहां पर रसगुल्ले का सैंपल लिया और चले गए। मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है कि उनका लाइसेंस था या नहीं है। मुझे फंसाया जा रहा है।
-हबीब अहमद उर्फ हफीज, प्रधान मुगर्रा टाई
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चंद पैसों की खातिर मिलावटखोर लोगों के सेहत से खिलवाड़ करने से नहीं चूक रहे हैं। जिनकी वजह कई बार तो लोग बीमार हो जाते हैं, तो कभी जान तक गवां बैठते हैं। इन मिलावट खोरों के खिलाफ विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाया जाता है, साथ ही जुर्माना भी डाला जाता है, लेकिन ये मिलावटखोर सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। मिलावट का ऐसा ही एक मामला खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में आया तो मुख्य खाद्य अधिकारी धनंजय शुक्ला और खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवकांत ने कादरचौक के मजरा नब्वी नगला के गांव मुगर्रा टाई में छापेमारी की। इस दौरान टीम के सदस्यों पाया कि ग्राम प्रधान हबीब अहमद उर्फ हफीज द्वारा छेना के रसगुल्ले बनवाए जा रहे थे। काम भी छोटे-छोटे बच्चों से करवाया जा रहा था। विभाग की टीम ने जब ग्राम प्रधान हफीज से इस संबंध में लाइसेंस मांगा तो उन्होंने किसी भी प्रकार के अभिलेखों के होने से इनकार कर दिया। टीम के सदस्यों को मौके पर लगभग 90 किलो रसगुल्ले बने हुए मिले, जिसकी चाशनी में काफी मक्खी पड़ी थीं। प्रधान द्वारा बिना मानकों को पूरा करते हुए रसगुल्ले बनाए जा रहे थे। टीम फैक्टरी सीज कर दी है।
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मिलावटी मिठाई से कई लोग हुए बीमार
हजरतपुर में पिछले दिनों मिलावटी सोनपपड़ी खाने से करीब 15 लोग बीमार हो गए थे, जिन्हें ड्रिप तक चढ़ानी पड़ी थी। मौके पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम ने सोनपपड़ी का सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा है। इससे पहले भी मिलावट के कई मामले सामने आ चुके हैं।
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जानकारी मिली थी कि गांव के प्रधान द्वारा अवैध रूप से रसगुल्ले बनाए जा रहे हैं। इसको लेकर छापामारी की। मौके पर लगभग 90 किलो रसगुल्ले बने हुए मिले। वहां पर बहुत गंदगी थी। बच्चों द्वारा रसगुल्ले बनवाए जा रहे थे। विभाग की ओर से कोई लाइसेंस नहीं लिया गया था।
-धनंजय शुक्ला, मुख्य खाद्य अधिकारी
मेरे यहां पर मेरठ के दो लोग किराये पर रहकर रसगुल्ले बनाने का काम कर रहे थे। वह पिछले तीन दिन पहले बिना बताए चले गए। गुरुवार को अचानक खाद्य विभाग की टीम आई, उन्होंने वहां पर रसगुल्ले का सैंपल लिया और चले गए। मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है कि उनका लाइसेंस था या नहीं है। मुझे फंसाया जा रहा है।
-हबीब अहमद उर्फ हफीज, प्रधान मुगर्रा टाई