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कमरे के अंदर बोरे में बंद मिलीं लाखों की दवाएं

Fri, 30 Jun 2017 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो बिसौली।
अमर उजाला ब्यूरो बिसौली। Updated Fri, 30 Jun 2017 12:09 AM IST
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Millions of medicines found in the sack inside the room
सीएचसी - फोटो : अमर उजाला
विभागीय अधिकारियों में हड़कंप, जांच शुरू
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स्वास्थ्य विभाग का लाखों का दवा घोटाला सामने आया है। ब्लॉक परिसर स्थित स्वास्थ्य विभाग के आवास के एक कमरे में लाखों रुपये की कीमत की दवाएं और सर्जिकल उपकरण बरामद हुए है। जानकारी मिलने पर विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जांच शुरू कर दी गई है।      
 एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनोज शर्मा एंबुलेंस सेवा का निरीक्षण करने के लिए आए थे। एंबुलेंस के ड्राइवर ने स्वयं को ब्लॉक परिसर स्थित स्वास्थ्य विभाग के एक आवास में बताया। शर्मा वहीं पहुंच गए। जैसे ही वह कमरे में दाखिल हुए तो अंदर नजारा देखकर दंग रह गए। आवास में लाखों रुपये की दवाइयां बोरों में रखीं थीं। उन्होंने इसकी सूचना तत्काल एसीएमओ आरएन हरित को दी। सूचना पाते ही वह भी मौके पर पहुंच गए। दवाइयां और उपकरण देखकर वह भी अचंभित रह गए। उन्होंने तत्काल चिकित्साधीक्षक डॉ. नवनीत सिंह को बुलवाया और उनसे मामले की जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि इस बारे में उन्हे कोई जानकारी नहीं है। कमरे में रहने वाले एंबुलेंस चालक ने बताया कि चिकित्साधीक्षक डॉ. नवनीत ने ही दो माह पूर्व उसे इस कमरे पर रहने को कहा था। बता दें कि कमरा इससे पहले सीएचसी के एक सेंटर के रूप में था। निरीक्षण में कमरे में बोरे में बंद लाखों आयरन और टीबी की गोलियां, इलाज में काम में आने वाले उपकरण मिले हैं। इनमें कई दवाइयां अब तक एक्सपायर नहीं हुई हैं। काफी दवाइयां सितंबर 2017 में एक्सपायर होनी हैं। वह भी फेंकी जा चुकी हैं। इन सभी दवाइयों का बाजारी मूल्य लाखों रुपये बताया जा रहा है। यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि टीबी की दवा देने के लिए डाट्स के अलग से कर्मचारी नियुक्त होते हैं। इससे पूरे मामले में विभाग की लापरवाही सामने आई है। चिकित्साधीक्षक डॉ. नवनीत सिंह ने बताया कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। फार्मेसिस्ट ही बता सकते हैं जो फिलहाल छुट्टी पर हैं। सवाल यह उठता है कि अकेला फार्मासिस्ट ही इस पूरे प्रकरण में शामिल है या फिर कुछ और लोग भी इसमें लिप्त हैं। खैर यह तो जांच के बाद ही सामने आ पाएगा। फिलहाल इसे लेकर विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। 
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बीते साल जला दी थीं लाखों की दवाएं
बिसौली। बीते वर्ष भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाखों रुपये की दवाइयां आग के हवाले कर दी गईं थीं। इस प्रकरण में किसी के भी खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उस समय भी विभागीय अधिकारियों ने फार्मासिस्ट को ही जिम्मेदार बताकर अपने आप को बचा लिया था।
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