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कोरोना के खौफ में अवसाद से बचाएंगे मेंटल हेल्थ काउंसलर, पांच अधिकारी नियुक्त
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बदायूं। लॉकडाउन के पालन के दौरान घरों में रह रहे लोग बोरियत का शिकार हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशान वह हैं जो अधिकांश समय काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं। जिस वजह से लोग अवसाद का भी शिकार हो रहे हैं। डॉक्टर भी मानते हैं कि यदि लोग इस समय अपना दिमाग रचनात्मक कार्यों में व्यस्त नहीं रखेंगे तो अवसाद उनके लिए खतरा बन सकता है। इसी के मद्देनजर सरकार द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना तथा यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में मुस्कुराएगा इंडिया अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत नागरिकों और विशेषकर क्वारन्टीन सेंटर में भर्ती लोगों को अवसाद से बचाने और उनके मानसिक स्वास्थ्य को बनाये रखने हेतु परामर्श दिया जाएगा। इसके लिए जनपद में पांच अधिकारियों को मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर के रूप में नामित कर उन्हें ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है।
लॉकडाउन को एक माह से ज्यादा समय हो चुका है। ऐसे में बच्चें हो या बुजुर्ग हर कोई घरों में हैं। अधिकांश लोग घरों में दैनिक कामकाज निपटाकर अपना समय जैसे तैसे गुजार रहे हैं तो बच्चों की पढ़ाई बंद हो चुकी है। हालांकि स्कूल ऑनलाइन पढ़ाई का दावा कर रहे हैं लेकिन वह सिर्फ औपचारिकता ही साबित हो रही है। ऐसे में यह खालीपन बोरियत ला रहा है। बोरियत की यही अधिकता कब अवसाद बन जाती है यह लोगों को पता ही नहीं चलता। सरकार भी इस बात को समझ रही है। यही कारण है कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के एनएसएस के निदेशक अशोक श्रोत्री ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय समन्वयको और नोडल अधिकारियों की एक ऑनलाइन बैठक कर बदायूं के पांच कार्यक्रम अधिकारियों को मेंटल हेल्थ काउंसलर नियुक्त किया।
ये हैं मेंटल हेल्थ काउंसलर
- डॉ रवि भूषण पाठक, एनएमएसएन दास कॉलेज बदायूं- 9208490261
- डॉ रश्मि सक्सेना- एनएमएसएन दास कॉलेज बदायूं- 9368785282
- डॉ पंकज कुमार सिंह- महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय बिल्सी- 9415563355
- डॉ नवीन कुमार - बाँकेबिहारी महाविद्यालय, उझानी- 9027116833, 9756565444
- डॉ. पारुल रस्तोगी- दमयन्ती राज आनन्द राजकीय महाविद्यालय, बिसौली- 8218534725
हेल्पलाइन के रूप में कार्य करेगा नंबर
एनएसएस के जिला नोडल अधिकारी राकेश कुमार जायसवाल ने बताया कि नामित किए गए सभी कार्यक्रम अधिकारी मेंटल हेल्थ काउंसलर के रूप में क्वारंटीन सेंटर और शेल्टर होम में भर्ती नागरिकों के अतिरिक्त कोरोना संकट से आशंकित किसी भी व्यक्ति का फोन रिसीव कर उनकी काउंसलिंग करेंगे। इन नामित कार्यक्रम अधिकारियों का फोन नम्बर हेल्पलाइन नंबर के रूप में कार्य करेगा। आवश्यकता पड़ने पर ये अधिकारी स्वयंसेवियों के संग क्वारंटीन सेंटर में जाकर उनके मानसिक अवसाद को दूर करने का प्रयास करेंगे।
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लॉकडाउन को एक माह से ज्यादा समय हो चुका है। ऐसे में बच्चें हो या बुजुर्ग हर कोई घरों में हैं। अधिकांश लोग घरों में दैनिक कामकाज निपटाकर अपना समय जैसे तैसे गुजार रहे हैं तो बच्चों की पढ़ाई बंद हो चुकी है। हालांकि स्कूल ऑनलाइन पढ़ाई का दावा कर रहे हैं लेकिन वह सिर्फ औपचारिकता ही साबित हो रही है। ऐसे में यह खालीपन बोरियत ला रहा है। बोरियत की यही अधिकता कब अवसाद बन जाती है यह लोगों को पता ही नहीं चलता। सरकार भी इस बात को समझ रही है। यही कारण है कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के एनएसएस के निदेशक अशोक श्रोत्री ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय समन्वयको और नोडल अधिकारियों की एक ऑनलाइन बैठक कर बदायूं के पांच कार्यक्रम अधिकारियों को मेंटल हेल्थ काउंसलर नियुक्त किया।
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ये हैं मेंटल हेल्थ काउंसलर
- डॉ रवि भूषण पाठक, एनएमएसएन दास कॉलेज बदायूं- 9208490261
- डॉ रश्मि सक्सेना- एनएमएसएन दास कॉलेज बदायूं- 9368785282
- डॉ पंकज कुमार सिंह- महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय बिल्सी- 9415563355
- डॉ नवीन कुमार - बाँकेबिहारी महाविद्यालय, उझानी- 9027116833, 9756565444
- डॉ. पारुल रस्तोगी- दमयन्ती राज आनन्द राजकीय महाविद्यालय, बिसौली- 8218534725
हेल्पलाइन के रूप में कार्य करेगा नंबर
एनएसएस के जिला नोडल अधिकारी राकेश कुमार जायसवाल ने बताया कि नामित किए गए सभी कार्यक्रम अधिकारी मेंटल हेल्थ काउंसलर के रूप में क्वारंटीन सेंटर और शेल्टर होम में भर्ती नागरिकों के अतिरिक्त कोरोना संकट से आशंकित किसी भी व्यक्ति का फोन रिसीव कर उनकी काउंसलिंग करेंगे। इन नामित कार्यक्रम अधिकारियों का फोन नम्बर हेल्पलाइन नंबर के रूप में कार्य करेगा। आवश्यकता पड़ने पर ये अधिकारी स्वयंसेवियों के संग क्वारंटीन सेंटर में जाकर उनके मानसिक अवसाद को दूर करने का प्रयास करेंगे।
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