फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Medical college and women hospital running without fire NOC

Budaun News: बिना फायर एनओसी के चल रहे मेडिकल कालेज और महिला अस्पताल

Wed, 16 Apr 2025 12:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 16 Apr 2025 12:55 AM IST
विज्ञापन
Medical college and women hospital running without fire NOC
जिला अस्पताल में लगे फायर उपकरण। संवाद
बदायूं। जिले में महिला अस्पताल, राजकीय मेडिकल कॉलेज व अधिकांश सीएचसी पर फायर की एनओसी ही नहीं है। जिला अस्पताल को छोड़ किसी स्वास्थ्य केंद्र के पास दमकल विभाग से एनओसी नहीं ली गई है। बिना एनओसी चल रहे अस्पतालों में आग लगी तो बचना मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन


आधी अधूरी व्यवस्थाओं के बीच राजकीय मेडिकल कॉलेज का संचालन 2017 में कर दिया गया था। दमकल विभाग से प्रोविजनल एनओसी ली गई, जो केवल निर्माण पूरा होने तक को दी जाती है। इस एनओसी से अस्पताल को संचालित नहीं किया जा सकता। तब से आठ साल बीत गए, लेकिन कॉलेज प्रशासन फाइनल एनओसी नहीं ले सका है। यहां हर दिन 2400 से 2500 तक की ओपीडी रहती है। दो सौ से अधिक मरीज हर समय भर्ती रहते हैं। ऐसे में आग की घटना होने से बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि आग बुझाने के इंतजाम नाकाफी हैं। सोमवार रात लखनऊ के सरकारी अस्पताल में आग लगी। दो सौ मरीजों को वहां के स्टाॅफ ने लोगों की मदद बचा लिया, फिर भी एक महिला की आग की चपेट में आने के बाद मौत हो गई। जिले में भी इस तरह की घटना को रोकने के लिए मंगलवार को किसी सरकारी अस्पताल को न तो प्रशासन ने चेक किया और न ही दमकल विभाग ही सक्रिय दिखा है।
विज्ञापन


महिला अस्पताल में नहीं फायर एनओसी
महिला अस्पताल के भवन का नक्शा ही उपलब्ध नहीं है, इसी वजह से अस्पताल को फायर एनओसी नहीं मिल पा रही है। सालों से बिना एनओसी के ही अस्पताल संचालित हो रहा है। भले ही अस्पताल में आग बुझाने के सभी संसाधान हैं, लेकिन आग लगने के बाद जिम्मेदारों को दोषी ठहराया जाना तय है। सीएमएस डॉ. इंदुकांत वर्मा ने बताया फायर एनओसी के लिए बिल्डिंग का नक्शा जरूरी होता है, जो हमारे पास नहीं है। हमसे पहले भी अधिकारी रहे लेकिन इसी वजह से फायर एनओसी नहीं मिल सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीते साल यहां लगी थी आग
गत वर्ष कादरचौक सीएचसी पर अचानक आग लग गई थी। अस्पताल में आग बुझाने के इंतजाम ही नहीं थे। बमुश्किल मरीजों को तो बचा लिया गया था। आग से करीब 20 लाख रुपये की सरकारी संपत्ति का नुकसान हो गया। दिसंबर में ठंड के मौसम में मन्नूनगर पीएचसी में सुबह पांच बजे आग लग गई थी। गनीमत थी कि उस समय पीएचसी में ताले लगे थे। जब तक लोगों ने आग पर काबू पाया तब तक लाखों का सरकारी सामान जल गया था।

एनओसी को यह मानक होने चाहिए पूरे
मुख्य अग्निशमन अधिकारी रामराजा यादव ने बताया कि अस्पताल को एनओसी लेने के लिए हौजरील, डाउनकमर, फायर अलार्म, सीओटू टाइप एंस्टीग्यूसर, एबीसी टाइप, स्मोक डिडेक्टर, पंप हाउस आदि का होना जरूरी है।




- मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन है। निर्माण पूरा होने के बाद ही फायर एनओसी ली जाएगी। तब तक बिना एनओसी के ही कॉलेज संचालित हो रहा है। यह निर्माण निगम की लापरवाही के चलते हुआ है। वर्ष 2018 तक निर्माण कार्य पूरा होना था, जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसी वजह से एनओसी नहीं मिल सकी है। आग बुझाने के इंतजाम पूरे हैं।
-डॉ. अरुण कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूं

जिला अस्पताल में लगे फायर उपकरण। संवाद

जिला अस्पताल में लगे फायर उपकरण। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed