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जिले में खसरे के 100 रोगी मिले
बदायूं
Updated Wed, 20 May 2015 11:31 PM IST
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जिले के कई क्षेत्र खसरा की चपेट में आ गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का खसरा नियंत्रण अभियान फ्लॉप हो गया है। स्थिति बदतर होती जा रही है। 20 दिन में जिले में खसरा के 100 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। टीकाकरण के नाम पर खानापूरी से स्थिति बिगड़ती जा रही है। सीएचसी और पीएचसी से आने वाली रिपोर्टों को भी सीएमओ कार्यालय में दबाया जा रहा है।
मई शुरू होने के साथ ही जिले में खसरे का प्रकोप बढ़ने लगा था। स्वास्थ्य विभाग ने शुरूआत में इसे नजरअंदाज किया। इससे स्थिति बिगड़ती गई। धीरे-धीरे खसरे का वायरस पूरे जिले में फैल गया। जिले के 15 में से आठ ब्लाकों को खसरे ने चपेट में ले लिया है। सूत्र बताते हैं कि सीएचपी-पीएचसी से आने वाली रिपोर्टों को दबाया जा रहा है। आंकड़ेबाजी के चलते हालत लगातार बिगड़ रही है। अब तक सबसे ज्यादा खसरा के 37 मरीज दहगवां ब्लाक में मिल चुके हैं। इसके अलावा बिसौली में 13, सहसवान में 14 और इस्लामनगर में 11 लोगों को खसरा चपेट में ले चुका है। मरीजों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। कहने को तो स्वास्थ्य विभाग खसरा नियंत्रण के लिए नियमित टीकाकरण अभियान चलाना है, लेकिन टीकाकरण अभियान की हकीकत किसी से छिपी हुई नहीं है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए विभाग का खसरा नियंत्रण अभियान भी पूरी तरह से फ्लॉप होता नजर आ रहा है।
सीएमओ डॉ. दीपक सक्सेना ने बताया कि नियमित टीकाकरण अभियान चल रहा है। आठ ब्लाकों में खसरा के 80 मरीज मिले हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। सभी का इलाज हो रहा है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
फ्लॉप हो चुका है टीकाकरण अभियान
जिले में नियमित टीकाकरण अभियान पहले ही फ्लॉप हो चुका है। शत-प्रतिशत बच्चों के टीकाकरण के लिए इंद्रधनुष योजना शुरू की गई है। यह भी परवान चढ़ती हुई नजर नहीं आ रही। टीकाकरण अभियान में भारी भरकम स्टाफ लगा हुआ है। मोटा बजट भी खर्च हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से मासूम खसरा की चपेट में आ रहे हैं।
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मई शुरू होने के साथ ही जिले में खसरे का प्रकोप बढ़ने लगा था। स्वास्थ्य विभाग ने शुरूआत में इसे नजरअंदाज किया। इससे स्थिति बिगड़ती गई। धीरे-धीरे खसरे का वायरस पूरे जिले में फैल गया। जिले के 15 में से आठ ब्लाकों को खसरे ने चपेट में ले लिया है। सूत्र बताते हैं कि सीएचपी-पीएचसी से आने वाली रिपोर्टों को दबाया जा रहा है। आंकड़ेबाजी के चलते हालत लगातार बिगड़ रही है। अब तक सबसे ज्यादा खसरा के 37 मरीज दहगवां ब्लाक में मिल चुके हैं। इसके अलावा बिसौली में 13, सहसवान में 14 और इस्लामनगर में 11 लोगों को खसरा चपेट में ले चुका है। मरीजों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। कहने को तो स्वास्थ्य विभाग खसरा नियंत्रण के लिए नियमित टीकाकरण अभियान चलाना है, लेकिन टीकाकरण अभियान की हकीकत किसी से छिपी हुई नहीं है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए विभाग का खसरा नियंत्रण अभियान भी पूरी तरह से फ्लॉप होता नजर आ रहा है।
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सीएमओ डॉ. दीपक सक्सेना ने बताया कि नियमित टीकाकरण अभियान चल रहा है। आठ ब्लाकों में खसरा के 80 मरीज मिले हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। सभी का इलाज हो रहा है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
फ्लॉप हो चुका है टीकाकरण अभियान
जिले में नियमित टीकाकरण अभियान पहले ही फ्लॉप हो चुका है। शत-प्रतिशत बच्चों के टीकाकरण के लिए इंद्रधनुष योजना शुरू की गई है। यह भी परवान चढ़ती हुई नजर नहीं आ रही। टीकाकरण अभियान में भारी भरकम स्टाफ लगा हुआ है। मोटा बजट भी खर्च हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से मासूम खसरा की चपेट में आ रहे हैं।
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