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Budaun News: सुरक्षित रहे आपका लाल... गर्भावस्था से ही करिए देखभाल; इन बातों का रखें ध्यान
Sun, 15 Oct 2023 04:34 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 15 Oct 2023 04:34 PM IST
सार
बदायूं जिले में 80 फीसदी गर्भवती महिलाओं में खून की कमी देखने को मिल रही है। डॉ. आकांक्षा यादव का कहना है कि गर्भावस्था में समय-समय पर जांच कराना बहुत आवश्यक है। गर्भावस्था में महिलाओं को अपना विशेष ख्याल रखना चाहिए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
बच्चे के लिए मां कितना कुछ सहती है। नौ महीने तक गर्भ में अपने रक्त से सींचती है। बिन देखे ही बच्चे का अपनी जान से ज्यादा ख्याल रखती है। खुशी-खुशी वह सब भी चाव से खाती है जिसे विवाह से पहले छूना तक पसंद नहीं करती थी। इतना सब सहने के बाद जन्म से कुछ समय पहले या बाद में बच्चे के साथ अनहोनी हो जाए तो उस पर क्या बीतती है, इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
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गर्भधारण करने से लेकर जच्चा बनने तक का सफर खुशियों से भरा रहे, इसके लिए महिला को डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए। बुखार और किसी भी गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों से संपर्क में नहीं आना चाहिए। मन व मस्तिष्क को शांत रखना गर्भवती महिलाओं और बच्चे दोनों को ही लाभकारी होता है। गर्भ धारण करने के बाद हर पल सावधानी बरतनी चाहिए।
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बदायूं जिले में 80 फीसदी गर्भवती महिलाओं में खून की कमी देखने को मिल रही है। डॉ. आकांक्षा यादव का कहना है कि गर्भावस्था में समय-समय पर जांच कराना बहुत आवश्यक है। गर्भधारण करने के बाद चार बार अल्ट्रासाउंड कराना चाहिए। गर्भवती महिला को ध्यान रखना चाहिए कि उसके गर्भ में पल रहा बच्चा घूम रहा है या नहीं। अगर बच्चा गर्भ में घूमना बंद कर दे तो तत्काल डॉक्टर को दिखाना चाहिए। गर्भावस्था में बस व ट्रेन में यात्रा करने से बच्चे को नुकसान पहुंचता है।
गर्भवती महिलाओं को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि लगातार चार घंटे तक खड़ा रहना उनकी सेहत के साथ साथ-साथ बच्चे को भी नुकसानदेय माना जाता है। गर्भवती महिलाओं को उपवास नहीं रखना चाहिए, क्योंकि बच्चा मां के खानपान से ही जीवित रहता है। गर्भवती महिलाओं को हर दो घंटे पर कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए।
खराब खानपान से शरीर में होती है खून की कमी
डॉ. आकांक्षा के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को खानपान का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्हें पौष्टिक आहार लेना चाहिए। बाहरी चीजों से परहेज करना चाहिए। इस दौरान अगर बुखार आए तो बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें। बुखार में गर्भवती महिला अगर बिना जांच के दवा लेती है तो यह गर्भवती और बच्चे दोनों को ही खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा बच्चे की धड़कन चेक करानी चाहिए। इससे यह साफ होता है कि बच्चे को किसी प्रकार की कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है।
डॉ. आकांक्षा के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को खानपान का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्हें पौष्टिक आहार लेना चाहिए। बाहरी चीजों से परहेज करना चाहिए। इस दौरान अगर बुखार आए तो बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें। बुखार में गर्भवती महिला अगर बिना जांच के दवा लेती है तो यह गर्भवती और बच्चे दोनों को ही खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा बच्चे की धड़कन चेक करानी चाहिए। इससे यह साफ होता है कि बच्चे को किसी प्रकार की कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है।
गर्भावस्था में इन बातों का रखें ध्यान
- अधिक मात्रा में पानी पीएं। ज्यादा फाइबर वाली चीजों का सेवन करें।
- हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं। डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करें। फल और उनके रस का सेवन करें।
- ड्राई फ्रूट्स और अंडे खाएं। साबुत अनाज का सेवन करें। अपनी मर्जी से कोई दवा न लें।
- कैफीन से दूर रहें। कच्चा पपीता, मछली और अंकुरित अनाज न खाएं।
- हल्की फुल्की स्ट्रेचिंग करें। रोज टहलें। व्यायाम करें।
- थायराइड और प्रेगनेंसी की जांच करवाती रहें।
- अधिक मात्रा में पानी पीएं। ज्यादा फाइबर वाली चीजों का सेवन करें।
- हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं। डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करें। फल और उनके रस का सेवन करें।
- ड्राई फ्रूट्स और अंडे खाएं। साबुत अनाज का सेवन करें। अपनी मर्जी से कोई दवा न लें।
- कैफीन से दूर रहें। कच्चा पपीता, मछली और अंकुरित अनाज न खाएं।
- हल्की फुल्की स्ट्रेचिंग करें। रोज टहलें। व्यायाम करें।
- थायराइड और प्रेगनेंसी की जांच करवाती रहें।