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आयकर के निशाने पर शहर के कई बैंक
बदायूं ब्यूरो
Updated Mon, 12 Dec 2016 11:22 PM IST
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31 दिसंबर के बाद शुरू हो सकती है पड़ताल
बरेली में संदिग्ध मामले सामने आने के बाद बढ़ी सक्रियता
नोटबंदी के बाद निजी क्षेत्र के कुछ बैंकों की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद बदायूं में भी आयकर विभाग ने सक्रियता बढ़ा दी है। ब्लैक मनी को व्हाइट करने के मामले में विभाग नजर रख रहा है। सूत्रों की मानें तो 31 दिसंबर के बाद शहर में कई बैंकों में पड़ताल हो सकती है।
प्रधानमंत्री ने आठ नवंबर को 500-1000 के पुराने नोटों पर पाबंदी लगा दी थी। लोगों को पुराने नोट बदलने का मौका भी दिया गया। इसके बाद 31 दिसंबर तक लोग अपने पुराने नोटों को बैंक में जमा कर सकते हैं। नोटों को बदलने के दौरान कई बैंकों पर आरोप भी लगे। हाल ही में बरेली के कुछ बैंकों की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद आयकर विभाग ने यहां भी निगरानी शुरू कर दी है। जनधन खातों पर भी नजर रखी जा रही है। बता दें कि जिले में जनधन योजना के तहत करीब 6100 खाते हैं। नोट बंदी के बाद इन खातों में भी करीब 8.40 करोड़ रुपया जमा किया गया है। इतना ही नहीं निजी क्षेत्र के कुछ बैंक ऐसे हैं जिन्होंने नोटबंदी के दौरान बंपर नोटों को बदला है।
माना जा रहा है कि ब्लैक मनी को जनधन खातों में खपाया गया है। इतना ही नहीं कुछ बैंकों की नोट बदले जाने के दौरान भूमिका संदिग्ध रही है। 31 दिसंबर पुराने नोटों को अपने बैंक खातों में जमा करने की आखरी तारीख है। ऐसे में आयकर विभाग 31 दिसंबर के बाद संदिग्ध भूमिका वाले बैंकों की पड़ताल शुरू कर सकता है।
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सूत्रों की मानें तो संदिग्ध बैंकों से जल्द हिसाब मांगा जा सकता है। किस बैंक ने कितने नोट बदले इसकी पड़ताल शुरू कर दी गई है।
बरेली में संदिग्ध मामले सामने आने के बाद बढ़ी सक्रियता
नोटबंदी के बाद निजी क्षेत्र के कुछ बैंकों की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद बदायूं में भी आयकर विभाग ने सक्रियता बढ़ा दी है। ब्लैक मनी को व्हाइट करने के मामले में विभाग नजर रख रहा है। सूत्रों की मानें तो 31 दिसंबर के बाद शहर में कई बैंकों में पड़ताल हो सकती है।
प्रधानमंत्री ने आठ नवंबर को 500-1000 के पुराने नोटों पर पाबंदी लगा दी थी। लोगों को पुराने नोट बदलने का मौका भी दिया गया। इसके बाद 31 दिसंबर तक लोग अपने पुराने नोटों को बैंक में जमा कर सकते हैं। नोटों को बदलने के दौरान कई बैंकों पर आरोप भी लगे। हाल ही में बरेली के कुछ बैंकों की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद आयकर विभाग ने यहां भी निगरानी शुरू कर दी है। जनधन खातों पर भी नजर रखी जा रही है। बता दें कि जिले में जनधन योजना के तहत करीब 6100 खाते हैं। नोट बंदी के बाद इन खातों में भी करीब 8.40 करोड़ रुपया जमा किया गया है। इतना ही नहीं निजी क्षेत्र के कुछ बैंक ऐसे हैं जिन्होंने नोटबंदी के दौरान बंपर नोटों को बदला है।
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माना जा रहा है कि ब्लैक मनी को जनधन खातों में खपाया गया है। इतना ही नहीं कुछ बैंकों की नोट बदले जाने के दौरान भूमिका संदिग्ध रही है। 31 दिसंबर पुराने नोटों को अपने बैंक खातों में जमा करने की आखरी तारीख है। ऐसे में आयकर विभाग 31 दिसंबर के बाद संदिग्ध भूमिका वाले बैंकों की पड़ताल शुरू कर सकता है।
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सूत्रों की मानें तो संदिग्ध बैंकों से जल्द हिसाब मांगा जा सकता है। किस बैंक ने कितने नोट बदले इसकी पड़ताल शुरू कर दी गई है।