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Budaun News: जिला सहकारी बैंक के मैनेजर पर छह लाख रुपये हड़पने का आरोप
Fri, 08 Sep 2023 02:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Fri, 08 Sep 2023 02:04 AM IST
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बदायूं। साधन सहकारी समिति के पूर्व सभापति ब्रजेंद्र सिंह पटेल ने जिला सहकारी बैंक (डीसीबी) के मैनेजर समेत दो लोगों पर छह लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब वह सभापति थे, डीसीबी में उनका आना-जाना था। तब मैनेजर ने एक कंपनी में निवेश के नाम पर छह लाख रुपये लिए थे, लेकिन उनके रुपये नहीं लौटाए गए।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव नगला शर्की निवासी ब्रजेंद्र सिंह पटेल ने थाना पुलिस और अधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि यह मामला वर्ष 2019 का है। उस वक्त वह साधन सहकारी समिति लखनपुर के सभापति थे। डीसीबी मैनेजर ने उन्हें बताया कि एक कंपनी में रुपये निवेश करने हैं। जब उन्होंने रुपये मना किया तो मैनेजर ने अपनी पूरी गारंटी ली।
उनसे कहा था कि वह चिंता न करें। इस पर उन्होंने दो लाख रुपये का चेक और चार लाख रुपये नकद दे दिए। इसके बाद जब भी वह बैंक जाते, मैनेजर से अपने रुपये मांगते थे। इस दौरान मैनेजर ने पूरे ब्याज समेत रुपये लौटाने का भी वादा किया। बाद में उनसे कहा कि उन्हें बरेली में एक प्लॉट दे देंगे, लेकिन मैनेजर और उनके साथी ने न तो रुपये दिए और न ही उन्हें प्लॉट दिया।
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तीन साल बाद मैनेजर ने डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के दो चेक दिए, लेकिन दोनों चेक बाउंस हो गए। बाद में उन्होंने तीन चेक और दिए थे। वो भी बाउंस हो गए। तब उन्हें अपने साथ धोखाधड़ी का अहसास हुआ। अब उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की छानबीन कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव नगला शर्की निवासी ब्रजेंद्र सिंह पटेल ने थाना पुलिस और अधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि यह मामला वर्ष 2019 का है। उस वक्त वह साधन सहकारी समिति लखनपुर के सभापति थे। डीसीबी मैनेजर ने उन्हें बताया कि एक कंपनी में रुपये निवेश करने हैं। जब उन्होंने रुपये मना किया तो मैनेजर ने अपनी पूरी गारंटी ली।
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उनसे कहा था कि वह चिंता न करें। इस पर उन्होंने दो लाख रुपये का चेक और चार लाख रुपये नकद दे दिए। इसके बाद जब भी वह बैंक जाते, मैनेजर से अपने रुपये मांगते थे। इस दौरान मैनेजर ने पूरे ब्याज समेत रुपये लौटाने का भी वादा किया। बाद में उनसे कहा कि उन्हें बरेली में एक प्लॉट दे देंगे, लेकिन मैनेजर और उनके साथी ने न तो रुपये दिए और न ही उन्हें प्लॉट दिया।
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तीन साल बाद मैनेजर ने डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के दो चेक दिए, लेकिन दोनों चेक बाउंस हो गए। बाद में उन्होंने तीन चेक और दिए थे। वो भी बाउंस हो गए। तब उन्हें अपने साथ धोखाधड़ी का अहसास हुआ। अब उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की छानबीन कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।