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जिले में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त 90 मदरसे

Mon, 12 Sep 2022 11:33 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 12 Sep 2022 11:33 PM IST
सार

प्रदेश स्तर पर मदरसों को लेकर चल रहे सर्वे के बीच बदायूं में भी 90 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे चिह्नित किए गए हैं।मान्यता प्राप्त मदरसों में करीब 20 हजार छात्र-छात्राएं दीनी तालीम हासिल कर रहे हैं।शासन की ओर से मिले आदेश के अनुसार सभी मदरसों का 12 बिंदुओं पर सर्वे किया जा रहा है।

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विस्तार

बदायूं। प्रदेश स्तर पर मदरसों को लेकर चल रहे सर्वे के बीच बदायूं में भी 90 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे चिह्नित किए गए हैं। जिले में कुल 214 मदरसे मान्यता प्राप्त हैं। इनमें दो मदरसे वित्तपोषित भी हैं। सहसवान में सबसे ज्यादा गैर मान्यता प्राप्त 26 मदरसे संचालित हैं। हालांकि ककराला में सबसे ज्यादा 30 मदरसे हैं, लेकिन इनमें भी केवल दस ही मान्यता लेकर चल रहे हैं।
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मदरसों में दीनी तालीम दी जाती है। सरकार मदरसों के आधुनिकीकरण पर भी काम कर रही है। प्रदेश सरकार 12 बिंदुओं पर मदरसों का सर्वे करा रही है। जिले में भी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मदरसों को लेकर सर्वे शुरू कर दिया है। मदरसों के सर्वे संबंधी रिपोर्ट पांच अक्तूबर तक शासन को भेजी जानी है। जिले में अब तक 90 गैर मान्यता प्राप्त मदरसों को चिह्नित किया जा चुका है। तहसीलों की बात करें तो सहसवान में 26 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे हैं। बिसौली में 18, बिल्सी में पांच, सदर तहसील में 19 और दातागंज में 22 गैर मान्यता प्राप्त मदरसों को अब तक चिह्नित किया जा चुका है।
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दातागंज तहसील में सबसे ज्यादा 30 मदरसे ककराला में हैं। इनमें भी 10 गैर मान्यता प्राप्त हैं। जिले में मदरसा शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त 214 मदरसों का संचालन भी हो रहा है। मान्यता प्राप्त मदरसों में करीब 20 हजार छात्र-छात्राएं दीनी तालीम हासिल कर रहे हैं।
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मान्यता प्राप्त के साथ वित्त पोषित मदरसों की संख्या दो ही है। इनमें एक मदरसा घंटाघर के पास और एक मौलवी टोला में संचालित हो रहा है। सर्वे के दौरान मदरसों मे तालीम लेने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या के साथ मदरसों की आय के स्रोतों की पड़ताल भी की जा रही है।
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संचालन होने के बाद मिलती है मान्यता
मदरसा शिक्षा बोर्ड से मान्यता के नियम माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग से अलग हैं। दरअसल, मदरसे के लिए मान्यता का नियम यह है कि संचालन शुरू करने के तीन साल बाद मान्यता के लिए आवेदन दिया जाता है। जिले में जो गैर मान्यता प्राप्त मदरसे हैं उनमें करीब 30 की मान्यता के लिए फाइल चल रही है, लेकिन इनको अब तक मान्यता नहीं मिल सकी है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त सभी मदरसों से उनके आय के स्रोतों के बारे में जानकारी मांगी है।

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इन प्रमुख बिंदुओं पर किया जा रहा सर्वे-----
- मदरसे का नाम
- संचालित करने वाली संस्था
- स्थापना का वर्ष
- स्थिति का संपूर्ण विवरण (निजी अथवा किराए का भवन)
- भवन छात्र-छात्राओं के लिए उपयुक्त है या नहीं
- पढ़ रहे छात्र छात्राओं की कुल संख्या
- कुल शिक्षकों की संख्या
- लागू पाठ्यक्रम
- आय का स्रोत
- क्या इन मदरसों में पढ़ रहे छात्र छात्राएं किसी और शिक्षण संस्थान स्कूल में नामांकित हैं?
- क्या किसी गैर सरकारी संस्था या समूह से मदरसे की संबद्धता है
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जिले में मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे का काम चल रहा है। अब तक करीब 90 गैर मान्यता प्राप्त मदरसों को चिह्नित किया जा चुका है। जिले में 214 मान्यता प्राप्त और दो अनुदानित मदरसे हैं। शासन की ओर से मिले आदेश के अनुसार सभी मदरसों का 12 बिंदुओं पर सर्वे किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद ही ज्यादा जानकारी दे सकूूंगा।
-रोहिल आजम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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