फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   loose animals are destroying crops

Budaun News: किसानों पर दोहरी मार, फसल बर्बाद होती देख रहे और कार्रवाई भी झेल रहे

Sun, 08 Jan 2023 07:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2023 07:00 AM IST
विज्ञापन
loose animals are destroying crops
गिधौल में बंद पशु। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। छुट्टा पशुओं की वजह से सैकड़ों किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। इसके विरोध में प्रदर्शन हुए तो कहीं सरकारी स्कूलों में छुट्टा पशुओं को बंद कर दिया गया लेकिन किसानों को इनसे निजात नहीं मिली। प्रशासन भी किसानों की आवाज दबाने के लिए उनके खिलाफ ही कार्रवाई कर रहा है। छुट्टा पशुओं के खिलाफ विरोध के स्वर बुलंद करने वाले तमाम किसान अब तक मुचलका पाबंद किए जा चुके हैं।
विज्ञापन

गुलड़िया में चार दिन पहले गुस्साए किसानों ने तमाम छुट्टा पशुओं को नगर पंचायत कार्यालय में बंद कर दिया था। किसानों का एक ही सवाल था कि छुट्टा पशु लगातार उनकी फसलें बर्बाद कर रहे थे लेकिन नगर पंचायत प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा, जबकि कस्बे में छुट्टा पशुओं को पकड़वाने की जिम्मेदारी उसकी है। ईओ ने किसानों से साफ कह दिया कि वह उनके खिलाफ कार्रवाई कराएंगे। उनकी शिकायत पर पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा किसानों को मुचलका पाबंद किया है।
विज्ञापन

इस कार्रवाई से किसानों में नाराजगी है। शनिवार को कस्बे में इकट्ठा हुए किसानों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत ईओ और चेयरमैन अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। अपनी लापरवाही किसानों के ऊपर डाली जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। उनकी जान को खतरा बना हुआ है। किसानों ने कहा कि अगर इसका कोई ठोस इंतजाम नहीं हुआ तो वह नगर पंचायत के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान कस्बे के तमाम किसान मौजूद रहे।
नगर पंचायत प्रशासन अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है, इसका परिणाम किसानों को झेलना पड़ रहा है। उनकी फसलें बर्बाद हो रहीं हैं। उनके नुकसान का हिसाब कौन देगा। - चिरंजीव पटेल, गुलड़िया
छुट्टा पशुओं से किसानों की बहुत बुरी दशा है। ये पशु किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे हैं। साथ ही इनसे जान को खतरा बना हुआ है। तमाम लोगों को ये घायल कर चुके हैं। - अनुपम पटेल, गुलड़िया
छुट्टा पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर पंचायत की नहीं है। ये पशु भी किसानों के हैं। वे दूसरी जगह से लाकर यहां एकत्र कर रहे हैं। हमारे यहां से गोशाला बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जब गोशाला का निर्माण होगा तभी छुट्टा पशुओं को उसमें रखा जाएगा। - राजीव कुमार, ईओ नगर पंचायत गुलड़िया
प्राथमिक विद्यालय में बंद किए पशु दो लोगों को पकड़कर ले गई पुलिस
दातागंज। क्षेत्र के अभिगांव में गुस्साए किसानों ने शनिवार को करीब दो सौ छुट्टा पशुओं को प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया। इसकी सूचना पर दातागंज पुलिस गांव पहुंच गई। पुलिस को देखकर तमाम ग्रामीण भाग गए लेकिन पुलिस ने दो ग्रामीणों को पकड़ लिया और उन्हें कोतवाली ले गई। देर शाम तक उन्हें छोड़ा नहीं गया। बताया जा रहा है कि दोनों किसानों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इधर हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव चितरी में ग्रामीणों ने सौ पशुओं को प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
पशु छोड़ने पर 19 नामजद, 22 अज्ञात पर रिपोर्ट
दबतोरी। फैजगंज बेहटा के ईओ रविचंद्र भारती ने पालतू पशुओं को खुला छोड़ने पर 19 नामजद और 22 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। ईओ के मुताबिक कस्बे के संजीव, विजयपाल, भूकन, सरदार, अशोक, राय सिंह, श्याम सिंह, प्रदीप, सोनू, हंशपाल, मनोज सिंह, भोला देवी, भूकन, सत्येंद्र सिंह, रामनरेश, मटरू, लोचन सिंह, मोहनलाल, वीर सिंह और 22 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। इन लोगों ने अपने पालतू पशुओं को सड़कों पर छोड़ दिया था, जिससे अव्यवस्था हो रही थी।
धोबरखेड़ा में पेड़ से बांधे दस छुट्टा पशु, भूख प्यास से बेहाल
दहगवां। ब्लाक क्षेत्र के गांव धोबरखेड़ा में 10 छुट्टा पशुओं का प्यास से हाल बेहाल है। ग्रामीणों के मुताबिक तमाम सूचना देने के बावजूद प्रधान और सचिव ने छुट्टा पशुओं के लिए कोई इंतजाम नहीं किया। छुट्टा पशु फसलें बर्बाद कर रहे थे, इससे गुस्साए किसानों ने उन्हें ले जाकर पेड़ से बांध दिया। फिर किसी ग्रामीण ने चारा तो दूर उन्हें पानी तक नहीं दिया। अभी भी सभी पशु ऐसे ही हैं प्यास से बेहाल बंधे हुए हैं।

प्राइमरी स्कूल में बंद मवेशी अधिकारियों ने खुलवाए
दहगवां। ब्लॉक क्षेत्र के गांव रसूलपुर कला में शुक्रवार को ग्रामीणों ने करीब तीन सौ छुट्टा पशुओं को प्राइमरी स्कूल में बंद कर दिया था। इसकी सूचना पर देर रात अधिकारी पहुंच गए थे। सुबह पशुओं को फिर से खुला छोड़ दिया गया। इसके अलावा असरौल गांव में सौ छुट्टा पशुओं को प्राइमरी स्कूल में बंद किया गया था। अधिकारियों ने उन्हें भी सुबह छुड़वा दिया।

उझानी के अचौरा प्राथमिक विद्यालय में बंद छुट्टा पशु। संवाद

उझानी के अचौरा प्राथमिक विद्यालय में बंद छुट्टा पशु। संवाद- फोटो : BADAUN

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed