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परिवहन निगम को चूना: कई रूट पर फर्राटा भर रहीं डग्गामार बसें

Thu, 18 Nov 2021 01:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 18 Nov 2021 01:02 AM IST
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Lime to the Transport Corporation: Duggar buses are filling up on many routes
रोडवेज बस स्टैंड के पास सवारियां भरती डग्गामार बस। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। कहने को तो यातायात माह चल रहा है, लेकिन पुलिस और परिवहन विभाग व निगम के अधिकारी डग्गामारी बसों को नजरअंदाज कर रहे हैं। यातायात माह के नाम पर औपचारिकताएं निभाई जा रही है। रोडवेज बसों से मिलती-जुलती बसों का भी जिले में कई रूटों पर धड़ल्ले से संचालन हो रहा है। इन बसों में रोडवेज के बाहर से ही सवारियों को भरा जाता है। पास में पुलिस चौकी भी है। इसके साथ ही छोटे डग्गामार वाहन भी यहां से भरे जा रहे हैं।
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जिले में डग्गामार वाहन संचालकों का बड़ा नेटवर्क है। डग्गामारी करने वालों ने बसों को रोडवेज के रंग में रंगकर नया नेटवर्क खड़ा कर लिया है। इन डग्गामार बसों के पास परमिट तक नहीं है। वाहनों का संचालन करने वालों की जड़ें सरकारी विभागों में भी गहरी हैं। यही वजह है जो डग्गामार बसें रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से संचालित होती हैं। इनका रंग और लुक भी कई बार रोडवेज या डीलक्स बसों जैसा होता है। इससे कई बार यात्री भी इन्हें रोडवेज बस समझकर बैठ जाते हैं। ऐसे वाहनों में सफर हादसे की स्थिति में ज्यादा तकलीफ भरा होता जब मुसाफिरों या उनके परिवार को शासन से किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं मिल पाती।
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बदायूं डिपो को हर माह दो लाख की क्षति
रोडवेज के डग्गामार वाहनों के कारण हर महीने करीब दो लाख रुपये की क्षति हो रही है। नियमानुसार रोडवेज बस स्टैंड के आस-पास कम से कम पांच सौ मीटर के इलाके में निजी व्यावसायिक सवारी वाहनों में यात्रियों को नहीं बैठाया जाना चाहिए। रोडवेज डिपो के बाहर ही पुलिस चौकी भी है। इसके बावजूद यहां डग्गामार छोटे वाहनों के साथ रोडवेेज जैसी दिखने वाली बसों में भी यात्रियों को बैठाया जाता है। एआरएम लक्ष्मण सिंह ने पिछले दिनों इस संबंध में डीएम और एसएसपी को लिखा था। इसके बाद रोडवेज चौकी पुलिस ने रोडवेज बसों के ही चालान शुरू कर दिए। शिकायत के बाद चौकी से दो सिपाहियों को भी हटाया गया।
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डग्गामारी के कारण रोड पर ही नहीं आ पातीं 20 बसें
डग्गामारी के कारण परिवहन निगम की करीब 20 बसें तो खड़ी ही रहती हैं। डिपो के बेडे़ में 131 बसें निगम की और 37 अनुबंधित बसें हैं। अनुबंधित बसों की तरह दिखने वाली डग्गामार बसें बदायूं डिपो की आमदनी पर भी ग्रहण लगा रही हैं। सवारियां इन डग्गामार बसों में बैठ जाती हैं, इसके बाद उनको मालूम होता है कि बस रोडवेज की नहीं बल्कि डग्गामार बस है।

डग्गामार वाहनों के कारण बदायूं डिपो को हर महीने करीब दो लाख का नुकसान हो रहा है। बदायूं डिपो के बाहर से ही डग्गामार वाहनों को भरा जाता है। काफी ऐसी बसें भी हैं जो रोडवेज बस जैसी दिखती हैं। इनमें सवारियां बैठ जाती हैं तब उनको पता लगता है कि बस रोडवेज की नहीं है। इस संबंध में डीएम और एसएसपी को भी लिखा गया है। सर्वे कराकर डग्गामार वाहनों के संबंध में मुख्यालय को रिपोर्ट भी भेजी गई है। - लक्ष्मण सिंह, एआरएम
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