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Budaun News: मकड़ी के जाल की तरह बिजली के तार दे रहे मौत को दावत
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उझानी में आदर्श शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन। संवाद
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बदायूं। मकड़ी के जाल की तरह बिजली के तार स्कूलों और मकानों के ऊपर से होकर गुजर रहे हैं, जो लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। घरों की छतों से चिपककर बिजली लाइनें पड़ी हैं। ऐसे में हादसों को कैसे रोका जा सकता है। विद्युत निगम की अनदेखी का आलम यह है कि शिकायत मिलने के बाद रुपये मांगने के अलावा दूसरी बात नहीं होती।
पड़ताल में सामने आया कि रहेडिया गांव में छत से चिपककर बिजली लाइनें निकल रहीं हैं। ये इतनी नीची हैं कि छत पर बच्चा भी उन्हें छू सकता है। लाइन हटवाने के लिए रुपये की मांग की जा रही है। उसहैत क्षेत्र में कई घटनाएं सामने आने के बाद भी निगम के अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया है। यहां भी कई घरों के ऊपर से बिजली लाइनें गुजर रहीं हैं।
वजीरगंज के नदवारी स्कूल परिसर में ट्रांसफार्मर रखा मिला। स्कूल के ऊपर से ही हाइटेंशन लाइन गुजर रही है। सहसवान में तीस घरों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन चलती मिली तो वहीं सरकारी स्कूलों के ऊपर से बिजली लाइनें चल रहीं हैँ। आए दिन तार टूटकर गिर रहे हैं। शिकायती पत्र पर सुनवाई तक नहीं की है।
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हादसों का संज्ञान लेते हुए डीएम ने भले ही मकानों के ऊपर से बिजली लाइनें हटवाने का फरमान सुना दिया हो, लेकिन इस ओर कोई काम नहीं हो पा रहा है। विद्युत निगम खंभे लगाते समय मानकों का भी ध्यान नहीं रख रहा। घरों के अंदर खंभा लगाकर छतों के ऊपर से बिजली करंट रूपी मौत का जाल बिछा रखा है।
तीस घरों के ऊपर से गुजर रही जर्जर हाईटेंशन लाइन
सहसवान। पड़ताल में पाया गया कि तीस मकान ऐसे हैं जिनके ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। लाइन जर्जर हालत में है। आए दिन तार टूटकर छतों पर गिर रहे हैं। कई हादसे होने के बाद भी विद्युत निगम ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। गृह स्वामियों ने विद्युत निगम को शिकायती पत्र भी दिया, लेकिन निगम ने ध्यान नहीं दिया।
सहसवान क्षेत्र का भी बुरा हाल है। दो साल पहले ही शासन ने आदेश दिया था कि सरकारी स्कूलों के ऊपर से गुजर रहीं हाईटेंशन लाइनों को हटवाकर कहीं दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए, लेकिन शासनादेश को दरकिनार कर दिया गया। दर्जन भर स्कूलों के ऊपर से खतरे के तार निकल रहे हैं। संवाद
गांव में काठ की बल्लियों के सहारे चल रही बिजली लाइन
रहेडिया। विद्युत निगम की लापरवाही उस समय सामने आई जब पड़ताल के लिए टीम वजीरगंज क्षेत्र के गांव रहेडिया पहुंची। देखा कि घरों के अंदर ही बल्लियां लगाकर उन पर बिजली की लाइन संचालित हो रहीं हैं। छतों के ऊपर से लाइन गुजरती मिली जो बहुत ही जर्जर हालत में थी। कभी टूटकर गिर जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। संवाद
स्कूल परिसर में रखा है ट्रांसफार्मर, पूरे गांव को दी जा रही आपूर्ति
वजीरगंज। क्षेत्र के गांव नदवारी के प्राथमिक स्कूल परिसर में ट्रांसफार्मर रखा मिला। इसी से पूरे गांव को बिजली आपूर्ति दी जा रही है। स्कूल में करीब दो सौ से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। प्रधानाचार्य मोहित शर्मा ने बताया है कि बिजली विभाग को लिखित में कई बार दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। संवाद
उसहैत में भी 50 से अधिक मकानों को खतरा
उसहैत। पिछले दिनों कस्बा निवासी नन्दकिशोर के घर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से तार टूटकर छत पर गिर गया था। छत पर उनकी बेटी पढ़ाई कर रही थी, जो बाल-बाल बच गई। धमाका इतनी तेज हुआ कि मोहल्ले में भी भगदड़ मच गई। लिंटर में आग जल उठी। लिंटर का काफी हिस्सा जल गया। कई दिन तक तार मोहल्ले वालों ने नहीं जोड़ने दिया और लाइन हटाने की मांग की, लेकिन पुलिस ने जबरन इस लाइन को जुड़वा दिया। अब मोहल्ले के लोग दिन रात हादसे के डर से सो नहीं पा रहे हैं। 50 से अधिक ऐसे मकान हैं जिनके ऊपर से बिजली लाइनें गुजर रही हैं। संवाद
पिलर से छू रहे करंट के तार, मौत का खतरा
बगरैन। क्षेत्र के गांव भवनीपुर में पड़ताल के दौरान देखने को मिला कि सरकारी स्कूल के ऊपर से हाईटेंशन लाइन जा रही है, जो मौत को दावत दे रही है। स्कूल में निमार्ण कार्य चल रहा है। लोहे के पिलर खड़े हैं, जिनसे चिपककर हाईटेंशन लाइन जा रही है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता। संवाद
विद्युत निगम कभी किसी मकान के ऊपर से लाइन नहीं डालता। लाइन के नीचे मकान बनाने वालों को नोटिस दिया जाएगा। रही बात स्कूलों की तो लाइन हटवाने के लिए एस्टीमेट तैयार होता है। लाइन शिफ्ट करने में जाे भी खर्चा होता है वह देना होता है, तभी लाइन को शिफ्ट किया जा सकता है। विद्युत निगम में लाइन शिफ्ट का कोई प्रावधान नहीं है। -अखिलेश कुमार, अधीक्षण अभियंता
एक्सईएन से शिकायत के बाद भी कॉलेज के ऊपर से नहीं हटी लाइन
उझानी। बिजली के तार टूटने से हादसों के बाद भी अफसर सबक लेना तो दूर हकीकत पर गौर भी नहीं करते। आदर्श शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को लेकर भी ऐसा ही सामने आया है। डीआईओएस के निर्देश पर प्रबंधक ने एक्सईएन को पत्र भी सौंप दिया, लेकिन लाइन शिफ्टिंग की कार्रवाई शुरू नहीं हुई।
कॉलेज के प्रबंधक टेकचंद्र यादव इसे लेकर कहते हैं कि करीब दो साल से वह विद्युत निगम के बड़े अफसरों से मिल चुके हैं। करीब दो साल पहले डीआईओएस ने जिले के जिन स्कूल और कॉलेज के ऊपर से बिजली लाइनें गुजर रहीं हैं, उनके बारे में सामूहिक रूप से रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद प्रबंधक ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता राजनाथ यादव को शिकायती पत्र सौंप दिया था।
प्रबंधक को भरोसा दिलाया गया कि एस्टीमेट बनवाकर वह लाइन कॉलेज के पास सड़क किनारे शिफ्ट करा देंगे, लेकिन दो साल में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। यहां बता दें कि कॉलेज में करीब 15 सौ छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। अवर अभियंता अमित प्रकाश ने बताया कि ऐसा कोई पत्र उनके संज्ञान में नहीं आया है। फिर भी वह इसे लेकर अफसरों के संज्ञान में मामला पहुंचाएंगे। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। संवाद
बिल्सी में भी कई मकानों की छतों से गुजर रहीं हाईटेंशन लाइन
बिल्सी। मोहल्ला संख्या छह में स्थित एसएम पब्लिक स्कूल समेत दर्जनों मकानों की छतों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रहीं हैं। इसको हटाने के लिए लोगों ने विभाग के अधिकारियों से कई बार मांग की है। मगर किसी ने इस कोई ध्यान नहीं दिया है। स्कूल के प्रबंधक ऋषिकांत शर्मा ने बताया कि स्कूल के ऊपर गुजर रही लाइन को लेकर पिछले आठ साल से कई बार विभागीय अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके है। इसके अलावा इसी मोहल्ले के निवासी वीपी सिंह ने बताया कि छतों से ऊपर से गुजर रही लाइन के कारण वह ऊपरी मंजिल पर मकान का निर्माण नहीं करा पा रहे है। नगर के एनए इंटर कॉलेज के परिसर के ऊपर से जर्जर हाईटेंशन लाइन गुजर रहीं हैं। संवाद
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पड़ताल में सामने आया कि रहेडिया गांव में छत से चिपककर बिजली लाइनें निकल रहीं हैं। ये इतनी नीची हैं कि छत पर बच्चा भी उन्हें छू सकता है। लाइन हटवाने के लिए रुपये की मांग की जा रही है। उसहैत क्षेत्र में कई घटनाएं सामने आने के बाद भी निगम के अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया है। यहां भी कई घरों के ऊपर से बिजली लाइनें गुजर रहीं हैं।
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वजीरगंज के नदवारी स्कूल परिसर में ट्रांसफार्मर रखा मिला। स्कूल के ऊपर से ही हाइटेंशन लाइन गुजर रही है। सहसवान में तीस घरों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन चलती मिली तो वहीं सरकारी स्कूलों के ऊपर से बिजली लाइनें चल रहीं हैँ। आए दिन तार टूटकर गिर रहे हैं। शिकायती पत्र पर सुनवाई तक नहीं की है।
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हादसों का संज्ञान लेते हुए डीएम ने भले ही मकानों के ऊपर से बिजली लाइनें हटवाने का फरमान सुना दिया हो, लेकिन इस ओर कोई काम नहीं हो पा रहा है। विद्युत निगम खंभे लगाते समय मानकों का भी ध्यान नहीं रख रहा। घरों के अंदर खंभा लगाकर छतों के ऊपर से बिजली करंट रूपी मौत का जाल बिछा रखा है।
तीस घरों के ऊपर से गुजर रही जर्जर हाईटेंशन लाइन
सहसवान। पड़ताल में पाया गया कि तीस मकान ऐसे हैं जिनके ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। लाइन जर्जर हालत में है। आए दिन तार टूटकर छतों पर गिर रहे हैं। कई हादसे होने के बाद भी विद्युत निगम ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। गृह स्वामियों ने विद्युत निगम को शिकायती पत्र भी दिया, लेकिन निगम ने ध्यान नहीं दिया।
सहसवान क्षेत्र का भी बुरा हाल है। दो साल पहले ही शासन ने आदेश दिया था कि सरकारी स्कूलों के ऊपर से गुजर रहीं हाईटेंशन लाइनों को हटवाकर कहीं दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए, लेकिन शासनादेश को दरकिनार कर दिया गया। दर्जन भर स्कूलों के ऊपर से खतरे के तार निकल रहे हैं। संवाद
गांव में काठ की बल्लियों के सहारे चल रही बिजली लाइन
रहेडिया। विद्युत निगम की लापरवाही उस समय सामने आई जब पड़ताल के लिए टीम वजीरगंज क्षेत्र के गांव रहेडिया पहुंची। देखा कि घरों के अंदर ही बल्लियां लगाकर उन पर बिजली की लाइन संचालित हो रहीं हैं। छतों के ऊपर से लाइन गुजरती मिली जो बहुत ही जर्जर हालत में थी। कभी टूटकर गिर जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। संवाद
स्कूल परिसर में रखा है ट्रांसफार्मर, पूरे गांव को दी जा रही आपूर्ति
वजीरगंज। क्षेत्र के गांव नदवारी के प्राथमिक स्कूल परिसर में ट्रांसफार्मर रखा मिला। इसी से पूरे गांव को बिजली आपूर्ति दी जा रही है। स्कूल में करीब दो सौ से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। प्रधानाचार्य मोहित शर्मा ने बताया है कि बिजली विभाग को लिखित में कई बार दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। संवाद
उसहैत में भी 50 से अधिक मकानों को खतरा
उसहैत। पिछले दिनों कस्बा निवासी नन्दकिशोर के घर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से तार टूटकर छत पर गिर गया था। छत पर उनकी बेटी पढ़ाई कर रही थी, जो बाल-बाल बच गई। धमाका इतनी तेज हुआ कि मोहल्ले में भी भगदड़ मच गई। लिंटर में आग जल उठी। लिंटर का काफी हिस्सा जल गया। कई दिन तक तार मोहल्ले वालों ने नहीं जोड़ने दिया और लाइन हटाने की मांग की, लेकिन पुलिस ने जबरन इस लाइन को जुड़वा दिया। अब मोहल्ले के लोग दिन रात हादसे के डर से सो नहीं पा रहे हैं। 50 से अधिक ऐसे मकान हैं जिनके ऊपर से बिजली लाइनें गुजर रही हैं। संवाद
पिलर से छू रहे करंट के तार, मौत का खतरा
बगरैन। क्षेत्र के गांव भवनीपुर में पड़ताल के दौरान देखने को मिला कि सरकारी स्कूल के ऊपर से हाईटेंशन लाइन जा रही है, जो मौत को दावत दे रही है। स्कूल में निमार्ण कार्य चल रहा है। लोहे के पिलर खड़े हैं, जिनसे चिपककर हाईटेंशन लाइन जा रही है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता। संवाद
विद्युत निगम कभी किसी मकान के ऊपर से लाइन नहीं डालता। लाइन के नीचे मकान बनाने वालों को नोटिस दिया जाएगा। रही बात स्कूलों की तो लाइन हटवाने के लिए एस्टीमेट तैयार होता है। लाइन शिफ्ट करने में जाे भी खर्चा होता है वह देना होता है, तभी लाइन को शिफ्ट किया जा सकता है। विद्युत निगम में लाइन शिफ्ट का कोई प्रावधान नहीं है। -अखिलेश कुमार, अधीक्षण अभियंता
एक्सईएन से शिकायत के बाद भी कॉलेज के ऊपर से नहीं हटी लाइन
उझानी। बिजली के तार टूटने से हादसों के बाद भी अफसर सबक लेना तो दूर हकीकत पर गौर भी नहीं करते। आदर्श शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को लेकर भी ऐसा ही सामने आया है। डीआईओएस के निर्देश पर प्रबंधक ने एक्सईएन को पत्र भी सौंप दिया, लेकिन लाइन शिफ्टिंग की कार्रवाई शुरू नहीं हुई।
कॉलेज के प्रबंधक टेकचंद्र यादव इसे लेकर कहते हैं कि करीब दो साल से वह विद्युत निगम के बड़े अफसरों से मिल चुके हैं। करीब दो साल पहले डीआईओएस ने जिले के जिन स्कूल और कॉलेज के ऊपर से बिजली लाइनें गुजर रहीं हैं, उनके बारे में सामूहिक रूप से रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद प्रबंधक ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता राजनाथ यादव को शिकायती पत्र सौंप दिया था।
प्रबंधक को भरोसा दिलाया गया कि एस्टीमेट बनवाकर वह लाइन कॉलेज के पास सड़क किनारे शिफ्ट करा देंगे, लेकिन दो साल में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। यहां बता दें कि कॉलेज में करीब 15 सौ छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। अवर अभियंता अमित प्रकाश ने बताया कि ऐसा कोई पत्र उनके संज्ञान में नहीं आया है। फिर भी वह इसे लेकर अफसरों के संज्ञान में मामला पहुंचाएंगे। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। संवाद
बिल्सी में भी कई मकानों की छतों से गुजर रहीं हाईटेंशन लाइन
बिल्सी। मोहल्ला संख्या छह में स्थित एसएम पब्लिक स्कूल समेत दर्जनों मकानों की छतों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रहीं हैं। इसको हटाने के लिए लोगों ने विभाग के अधिकारियों से कई बार मांग की है। मगर किसी ने इस कोई ध्यान नहीं दिया है। स्कूल के प्रबंधक ऋषिकांत शर्मा ने बताया कि स्कूल के ऊपर गुजर रही लाइन को लेकर पिछले आठ साल से कई बार विभागीय अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके है। इसके अलावा इसी मोहल्ले के निवासी वीपी सिंह ने बताया कि छतों से ऊपर से गुजर रही लाइन के कारण वह ऊपरी मंजिल पर मकान का निर्माण नहीं करा पा रहे है। नगर के एनए इंटर कॉलेज के परिसर के ऊपर से जर्जर हाईटेंशन लाइन गुजर रहीं हैं। संवाद

उझानी में आदर्श शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन। संवाद

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