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Budaun News: हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास
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बदायूं। करीब 23 साल पुराने जगदीश हत्याकांड में एससी-एसटी स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश उदयभान सिंह ने दो हत्यारोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
थाना बिल्सी क्षेत्र के गांव अंबियापुर निवासी धर्मवीर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 जनवरी 2000 की रात करीब आठ बजे भूरेलाल और प्रदीप निवासी अंबियापुर उसके घर आए और चाचा धर्मपाल से अपने उधार के रुपये का तकाजा किया। धर्मपाल ने रुपये कुछ दिन बाद देने की बात कही तो दोनों उनसे जमीन बेचने के लिए कहने लगे। धर्मवीर के पिता जगदीश ने जमीन बेचने को मना किया प्रदीप ने तमंचे से उन्हें गोली मार दी, जो उनके पेट से होकर पार निकल गई।
गंभीर हालत में उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 12 दिन बाद उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भूरे और प्रदीप के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना तत्कालीन सीओ बीके सिंह कार्की ने की गई। विवेचक ने साक्ष्य संकलन करने के बाद कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी जितेंद्र सिंह और ऐश्वर्य कुमार राजपूत और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी भूरे लाल और प्रदीप को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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थाना बिल्सी क्षेत्र के गांव अंबियापुर निवासी धर्मवीर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 जनवरी 2000 की रात करीब आठ बजे भूरेलाल और प्रदीप निवासी अंबियापुर उसके घर आए और चाचा धर्मपाल से अपने उधार के रुपये का तकाजा किया। धर्मपाल ने रुपये कुछ दिन बाद देने की बात कही तो दोनों उनसे जमीन बेचने के लिए कहने लगे। धर्मवीर के पिता जगदीश ने जमीन बेचने को मना किया प्रदीप ने तमंचे से उन्हें गोली मार दी, जो उनके पेट से होकर पार निकल गई।
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गंभीर हालत में उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 12 दिन बाद उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भूरे और प्रदीप के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना तत्कालीन सीओ बीके सिंह कार्की ने की गई। विवेचक ने साक्ष्य संकलन करने के बाद कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी जितेंद्र सिंह और ऐश्वर्य कुमार राजपूत और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी भूरे लाल और प्रदीप को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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