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तीन हत्यारोपियों को आजीवन कारावास
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बदायूं। 20 साल पुराने हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने तीन हत्यारोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने तीनों आरोपियों पर 85 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव जहानपुर निवासी बलवीर ने 16 जून 2002 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बलवीर के मुताबिक वह अपने भाई के मेंथा प्लांट पर पिता और अन्य भाई भतीजों के साथ मौजूद थे। कई मजदूर काम कर रहे थे। प्लांट पर दो क्विंटल से अधिक पिपरमेंट का तेल और पांच हजार रुपये रखे थे। 16 जून 2002 को दिन में 12 बजे उनके गांव के लालाराम, चंद्रकेश, शिशुपाल, प्रेम सिंह, राजेंद्र, हरप्रसाद, नेम सिंह और राजेश्वर तमंचे-बंदूक लेकर आ गए। आरोपी राजेंद्र ने कहा कि मेंथा प्लांट से सारा तेल उठा लो। जब उनके पिता सियाराम ने इसका विरोध किया तो लालाराम, प्रेमसिंह और हरप्रसाद ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। बाद में विवेचना कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी ओमपाल कश्यप और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुनने के बाद कोर्ट ने लालाराम, प्रेमसिंह और हरप्रसाद को सियाराम की हत्या के जुर्म में मुजरिम करार दिया। कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर 85 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। संवाद
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संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव जहानपुर निवासी बलवीर ने 16 जून 2002 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बलवीर के मुताबिक वह अपने भाई के मेंथा प्लांट पर पिता और अन्य भाई भतीजों के साथ मौजूद थे। कई मजदूर काम कर रहे थे। प्लांट पर दो क्विंटल से अधिक पिपरमेंट का तेल और पांच हजार रुपये रखे थे। 16 जून 2002 को दिन में 12 बजे उनके गांव के लालाराम, चंद्रकेश, शिशुपाल, प्रेम सिंह, राजेंद्र, हरप्रसाद, नेम सिंह और राजेश्वर तमंचे-बंदूक लेकर आ गए। आरोपी राजेंद्र ने कहा कि मेंथा प्लांट से सारा तेल उठा लो। जब उनके पिता सियाराम ने इसका विरोध किया तो लालाराम, प्रेमसिंह और हरप्रसाद ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। बाद में विवेचना कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी ओमपाल कश्यप और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुनने के बाद कोर्ट ने लालाराम, प्रेमसिंह और हरप्रसाद को सियाराम की हत्या के जुर्म में मुजरिम करार दिया। कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर 85 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। संवाद
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