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Budaun News: एलआईसी ने नहीं दिया बीमा क्लेम, जीएम व प्रबंधक को कोर्ट का नोटिस
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बदायूं। एलआईसी के महाप्रबंधक व प्रबंधक को स्थायी लोक अदालत ने नोटिस जारी किया है। उझानी के मोहल्ला साहूकारा की रहने वाली पिंकी गुप्ता ने स्थायी लोक अदालत में 13 नवंबर को वाद दायर किया था। कोर्ट ने 16 दिसंबर को दोनों अधिकारियों को अपना पक्ष रखने की तिथि निर्धारित की है।
पिंकी गुप्ता ने बताया है कि पति ने 28 जून 2022 को एलआईसी से बीमा लिया था। इसकी सालाना किश्त तीन हजार रुपये जा रही थी। पति की मौत 12 नवंबर 2024 को हो गई। मौत के बाद एलआईसी ने पांच लाख रुपये का बीमा क्लेम नहीं दिया। शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
उन्होंने बताया कि क्लेम के लिए उन्होंने सभी प्रपत्र लगाकर आवेदन किया। 28 मई 2025 को एलआईसी का एक पत्र मिला, इसमें बताया गया कि उनका आवेदन निरस्त हो गया है। निरस्त करने का कारण पति की बीमारी को छुपाना बताया गया। लेकिन, जांच रिपोर्ट बीमा लेने के बाद की है। बीमा के समय फिटनेस प्रमाणपत्र एजेंट ने लगाया है, जिसमें पति स्वस्थ थे।
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दो साल तक पति ने किस्त जमा की है। क्लेम की राशि के अलावा उसके पास परिवार चलाने का अन्य कोई साधन नहीं है। अब बेटी की उम्र 18 वर्ष है। इसके अलावा दो बेटे हैं, अगर राशि नहीं मिली तो उनकी पढ़ाई तक बंद हो जाएगी। उन्होंने पांच लाख रुपये की क्लेम राशि व 50 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति व 11 हजार रुपये अधिवक्ता को दिलाने की मांग की है। कोर्ट ने 16 दिसंबर को दोनों अधिकारियों को अपना पक्ष रखने की तिथि निर्धारित की है।
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पिंकी गुप्ता ने बताया है कि पति ने 28 जून 2022 को एलआईसी से बीमा लिया था। इसकी सालाना किश्त तीन हजार रुपये जा रही थी। पति की मौत 12 नवंबर 2024 को हो गई। मौत के बाद एलआईसी ने पांच लाख रुपये का बीमा क्लेम नहीं दिया। शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
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उन्होंने बताया कि क्लेम के लिए उन्होंने सभी प्रपत्र लगाकर आवेदन किया। 28 मई 2025 को एलआईसी का एक पत्र मिला, इसमें बताया गया कि उनका आवेदन निरस्त हो गया है। निरस्त करने का कारण पति की बीमारी को छुपाना बताया गया। लेकिन, जांच रिपोर्ट बीमा लेने के बाद की है। बीमा के समय फिटनेस प्रमाणपत्र एजेंट ने लगाया है, जिसमें पति स्वस्थ थे।
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दो साल तक पति ने किस्त जमा की है। क्लेम की राशि के अलावा उसके पास परिवार चलाने का अन्य कोई साधन नहीं है। अब बेटी की उम्र 18 वर्ष है। इसके अलावा दो बेटे हैं, अगर राशि नहीं मिली तो उनकी पढ़ाई तक बंद हो जाएगी। उन्होंने पांच लाख रुपये की क्लेम राशि व 50 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति व 11 हजार रुपये अधिवक्ता को दिलाने की मांग की है। कोर्ट ने 16 दिसंबर को दोनों अधिकारियों को अपना पक्ष रखने की तिथि निर्धारित की है।