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नोटबंदी से रोडवेज के कम हो गए के 31 हजार यात्री
बदायूं, ब्यूरो
Updated Fri, 25 Nov 2016 11:28 PM IST
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परिवाहन विभाग की आय को हो चुका पांच फीसदी नुकसान
एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद करने से रोडवेज की आय भी बीते वर्ष की तुलना में पांच फीसदी कम हो गई है। वहीं, नोटबंदी के 12 दिनों के बीच रोडवेज के 31 हजार यात्री घट गए हैं। इससे परिवहन विभाग के लक्ष्य को पूरा करने में कमी आएगी। नोटबंदी होने के बावजूद रोडवेज में एक हजार औ पांच सौ रुपये के नोट 24 नवंबर तक लेने के निर्देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिए थे। इससे निजी बसों से सफर करने वाले लोगों ने भी रोडवेज बसों से सफर करने में भलाई समझी, लेकिन कम दूरी की टिकट होने पर रोडवेज परिचालक पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट लेने से मना कर देते थे। इस वजह से तमाम सवारियों को बसों से उतारा भी गया। इसका प्रभाव रोडवेज की आय पर नजर आया।
वर्ष 2015 में नौ से 21 नवंबर के बीच में बदायूं डिपो की रोडवेज बसों में 2,96,445 यात्रियों ने सफर किया था। इन लोगों से करीब 1.82 करोड़ रुपये वसूल किए गए थे। वहीं, इस साल इन दिनों में रोडवेज की बसों पर 2,65,220 यात्रियों ने सफर किया, जिनसे 1.82 करोड़ रुपये वसूल हुए। ऐसा तब हुआ जब यात्रियों से पांच पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी से रुपये वसूल किए गए थे। इससे रोडवेज को यात्रियों की कमी झेलने के साथ ही अपेक्षाकृत आय में भी नुकसान हो रहा है।
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नोटबंदी का असर रोडवेज की आय पर भी नजर आ रहा है। बावजूद इसके इन दिनों रोडवेज कर्मचारियों ने स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया।
-राजेश कुमार, एआरएम
एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद करने से रोडवेज की आय भी बीते वर्ष की तुलना में पांच फीसदी कम हो गई है। वहीं, नोटबंदी के 12 दिनों के बीच रोडवेज के 31 हजार यात्री घट गए हैं। इससे परिवहन विभाग के लक्ष्य को पूरा करने में कमी आएगी। नोटबंदी होने के बावजूद रोडवेज में एक हजार औ पांच सौ रुपये के नोट 24 नवंबर तक लेने के निर्देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिए थे। इससे निजी बसों से सफर करने वाले लोगों ने भी रोडवेज बसों से सफर करने में भलाई समझी, लेकिन कम दूरी की टिकट होने पर रोडवेज परिचालक पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट लेने से मना कर देते थे। इस वजह से तमाम सवारियों को बसों से उतारा भी गया। इसका प्रभाव रोडवेज की आय पर नजर आया।
वर्ष 2015 में नौ से 21 नवंबर के बीच में बदायूं डिपो की रोडवेज बसों में 2,96,445 यात्रियों ने सफर किया था। इन लोगों से करीब 1.82 करोड़ रुपये वसूल किए गए थे। वहीं, इस साल इन दिनों में रोडवेज की बसों पर 2,65,220 यात्रियों ने सफर किया, जिनसे 1.82 करोड़ रुपये वसूल हुए। ऐसा तब हुआ जब यात्रियों से पांच पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी से रुपये वसूल किए गए थे। इससे रोडवेज को यात्रियों की कमी झेलने के साथ ही अपेक्षाकृत आय में भी नुकसान हो रहा है।
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नोटबंदी का असर रोडवेज की आय पर भी नजर आ रहा है। बावजूद इसके इन दिनों रोडवेज कर्मचारियों ने स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया।
-राजेश कुमार, एआरएम