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एसआईटी के आने से पहले गर्दने बचाने की जुगत में वन विभाग के लापरवाह अफसर

Mon, 20 Jan 2020 01:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jan 2020 01:33 AM IST
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leopard killing
सहसवान। क्षेत्र के गांव रसूलपुर बेला गढ़िया जरीफनगर के जंगल में गत रविवार को ग्रामीणों ने हमला कर तीन लोगों को घायल करने वाले तेंदुआ को घर कर मार डाला था। तीन दिन के बाद वन विभाग की ओर से मामले में आठ नामजद और 30-35 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। लखनऊ से आए मुख्य प्रधान वन संरक्षक वन्य जीवन ने घटना स्थल का निरीक्षण कर एसआईटी जांच के निर्देश दिए थे।
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तेंदुआ की हत्या के मामले में वन विभाग के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। ग्रामीणों ने शाम को पांच बजे घेर कर तेंदुआ की हत्या की और सूचना मिलने के बावजूद वन विभाग की टीम शव कब्जे में लेने मौके पर आठ घंटे बाद रात में एक बजे पहुंचा। इस दौरान किसी ने तेंदुआ का अगला दाहिना पैर भी काट लिया था। तीन दिन बाद यह पैर बरामद हुआ। चूंकि मामले में वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की जांच एसआईटी करेगी। ऐसे में विभागीय अफसर अपनी-अपनी गर्दन बचाने में जुटे हुए हैं। एसआईटीम का गठन हो चुका है। अगले एक दो दिन में एसआईटी के मौके पर पहुंचने की उम्मीद है। रेंजर महफूज अली का कहना है कि जंगल में लगातार कांबिंग की जा रही है। इधर इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह का कहना है कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।
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