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लेखपाल ने पत्नी के नाम करा लिया जमीन का पट्टा
दातागंज।
Updated Wed, 10 Dec 2014 12:43 AM IST
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अपने पद का दुरुपयोेग करते हुए लेखपाल ने पत्नी के नाम जमीन का पट्टा करा लिया। बाद में जमीन बेच दी। इतना ही नहीं नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए तीन विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में अपना और परिवार का नाम भी दर्ज करा रखा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में तहसील दातागंज में तैनात लेखपाल हरीराम पर आरोप लगाया है कि उसने अपनी तैनाती के दौरान ग्राम सैंजनी में अपनी पत्नी हीराकुंवर के नाम गाटा संख्या 1080, 1082 में साढ़े बारह बीघा जमीन का पट्टा करा लिया। शिकायत पर उसे निलंबित भी किया गया लेकिन जांच में सेवा पुस्तिका में उसकी पत्नी का नाम चिंता देवी दर्ज होने पर उसे बहाल कर दिया गया। जांच के दौरान इस बात की अनदेखी की गई कि हीराकुंवर नाम की महिला सैंजनी में कहां रहती है। लेखपाल की ससुराल रावतपुर में है और उसके ससुर का नाम सूबेदार है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में तीन विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची संलग्न की है। इसमें 132 विधानसभा जलालाबाद की सूची में ग्राम दुगलिया में भाग संख्या 31 पर हरीराम क्रम संख्या 583 पर चिंता देवी और 584 पुत्र देवेंद्र सिंह का नाम दर्ज है। इसी तरह 115 विधानसभा बदायूं की सूची में भाग संख्या 209 की क्रम संख्या 115 पर हरीराम, 117 पर चिंता देवी, 130 पर देवेंद्र सिंह का नाम दर्ज है। 117 विधानसभा दातागंज की सूची में भाग संख्या 209 काजी खेड़ा मौजा सैंजनी में क्रम संख्या 903 पर हीराकुंवर पत्नी हरीराम का नाम दर्ज है। तीनों ही मतदाता सूची में हीराकुंवर और चिंता देवी दोनों ही नाम के फोटो एक ही हैं।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में लेखपाल हरीराम पर मोटी रकम लेकर जीवित लोगों को मृत दर्शाकर उनकी विरासत दूसरी जाति के लोगों के नाम करने का भी आरोप लगाया गया है। इस मामले में भी निलंबित की कार्रवाई होने के बाद बहाल किया गया है।
लेखपाल हरीराम के मामले की जांच न्यायिक तहसीलदार ने की थी। उन्हीं की जांच आख्या पर लेखपाल को बहाल किया गया। यदि उच्चाधिकारी आदेशित करेंगे तो दोबारा जांच कराई जाएगी। -ओपी तिवारी, एसडीएम, दातागंज।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में तहसील दातागंज में तैनात लेखपाल हरीराम पर आरोप लगाया है कि उसने अपनी तैनाती के दौरान ग्राम सैंजनी में अपनी पत्नी हीराकुंवर के नाम गाटा संख्या 1080, 1082 में साढ़े बारह बीघा जमीन का पट्टा करा लिया। शिकायत पर उसे निलंबित भी किया गया लेकिन जांच में सेवा पुस्तिका में उसकी पत्नी का नाम चिंता देवी दर्ज होने पर उसे बहाल कर दिया गया। जांच के दौरान इस बात की अनदेखी की गई कि हीराकुंवर नाम की महिला सैंजनी में कहां रहती है। लेखपाल की ससुराल रावतपुर में है और उसके ससुर का नाम सूबेदार है।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में तीन विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची संलग्न की है। इसमें 132 विधानसभा जलालाबाद की सूची में ग्राम दुगलिया में भाग संख्या 31 पर हरीराम क्रम संख्या 583 पर चिंता देवी और 584 पुत्र देवेंद्र सिंह का नाम दर्ज है। इसी तरह 115 विधानसभा बदायूं की सूची में भाग संख्या 209 की क्रम संख्या 115 पर हरीराम, 117 पर चिंता देवी, 130 पर देवेंद्र सिंह का नाम दर्ज है। 117 विधानसभा दातागंज की सूची में भाग संख्या 209 काजी खेड़ा मौजा सैंजनी में क्रम संख्या 903 पर हीराकुंवर पत्नी हरीराम का नाम दर्ज है। तीनों ही मतदाता सूची में हीराकुंवर और चिंता देवी दोनों ही नाम के फोटो एक ही हैं।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में लेखपाल हरीराम पर मोटी रकम लेकर जीवित लोगों को मृत दर्शाकर उनकी विरासत दूसरी जाति के लोगों के नाम करने का भी आरोप लगाया गया है। इस मामले में भी निलंबित की कार्रवाई होने के बाद बहाल किया गया है।
लेखपाल हरीराम के मामले की जांच न्यायिक तहसीलदार ने की थी। उन्हीं की जांच आख्या पर लेखपाल को बहाल किया गया। यदि उच्चाधिकारी आदेशित करेंगे तो दोबारा जांच कराई जाएगी। -ओपी तिवारी, एसडीएम, दातागंज।