{"_id":"61560e408ebc3e61ed44f372","slug":"kissan-badaun-news-bly461429239","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्ज में डूबे किसान ने जहर खाकर जान दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्ज में डूबे किसान ने जहर खाकर जान दी
विज्ञापन
बनवारी फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उघैती (बदायूं)। थाना क्षेत्र के गांव कूबरी में बृहस्पतिवार दोपहर एक किसान ने कीटनाशक खाकर जान दे दी। वह भाकियू कार्यकर्ता भी था। परिवारवालों का आरोप है कि कार्यकर्ता ने बैंक से पौने तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था जो बढ़कर साढ़े पांच लाख हो गया था। परिवार वालों ने उसके शव का पोस्टमार्टम कराए बिना अंतिम संस्कार कर दिया।
ग्राम कूबरी निवासी 60 वर्षीय बनवारी खेतीबाड़ी करके परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनके बेटे दिलीप के मुताबिक पिता बनवारी ने वर्ष 2013 में एक बैंक की स्थानीय शाखा से दो लाख 82 हजार रुपये का कर्जा लिया था। उन्होंने 2016 तक किस्ते जमा कीं लेकिन उसके बाद परिवार की आर्थिक हालत बिगड़ गई और वह किस्तें जमा नहीं कर सके। इससे उन पर पांच लाख 40 हजार रुपये का कर्जा हो गया।
कई बार संबंधित बैंक के शाखा प्रबंधक उन्हें सूचना भिजवा चुके थे। वह फोन कर रहे थे और लोगों से भी ऋण जमा करने के लिए कहलवा रहे थे। इससे बनवारी मानसिक रूप से परेशान थे। बृहस्पतिवार सुबह बनवारी ट्यूबवैल पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। जब वह दोपहर तक नहीं लौटे तो परिवार वाले वहां पहुंचे। इस दौरान वह कीटनाशक दवा खा चुके थे। परिवार वाले उन्हें अस्पताल ले जाते इससे पहले उनकी मौत हो गई। बाद में परिवार वालों ने उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन
-
भाकियू नेताओं ने की पांच लाख के मुआवजे की मांग
बदायूं। भाकियू कार्यकर्ता बनवारी की मौत पर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने मुआवजा दिलाने की मांग की है। भाकियू नेता रामाशंकर संखवार के नेतृत्व में कई कार्यकर्ता उनके घर पहुंचे। झांझन सिंह, छोटेलाल, अमरपाल सिंह यादव, थान सिंह यादव, मोहर सिंह यादव, नवाब सिंह, जगदीश सिंह ने कहा कहा कि इस मामले में जल्द ही डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। मंडलीय नेता राजेश कुमार सक्सेना ने भी फोन करके परिवार वालों से जानकारी ली। उन्होंने भाकियू नेता का कर्जा माफ कराने और उनके परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। संवाद
--
उघैती के कूबरी गांव में किसान की मौत के संबंध में पुलिस को सूचना नहीं मिली है और न ही कोई शिकायती पत्र आया है। अगर परिवार वाले तहरीर देते हैं तो जांच कराई जाएगी। उसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात
विज्ञापन
ग्राम कूबरी निवासी 60 वर्षीय बनवारी खेतीबाड़ी करके परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनके बेटे दिलीप के मुताबिक पिता बनवारी ने वर्ष 2013 में एक बैंक की स्थानीय शाखा से दो लाख 82 हजार रुपये का कर्जा लिया था। उन्होंने 2016 तक किस्ते जमा कीं लेकिन उसके बाद परिवार की आर्थिक हालत बिगड़ गई और वह किस्तें जमा नहीं कर सके। इससे उन पर पांच लाख 40 हजार रुपये का कर्जा हो गया।
विज्ञापन
कई बार संबंधित बैंक के शाखा प्रबंधक उन्हें सूचना भिजवा चुके थे। वह फोन कर रहे थे और लोगों से भी ऋण जमा करने के लिए कहलवा रहे थे। इससे बनवारी मानसिक रूप से परेशान थे। बृहस्पतिवार सुबह बनवारी ट्यूबवैल पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। जब वह दोपहर तक नहीं लौटे तो परिवार वाले वहां पहुंचे। इस दौरान वह कीटनाशक दवा खा चुके थे। परिवार वाले उन्हें अस्पताल ले जाते इससे पहले उनकी मौत हो गई। बाद में परिवार वालों ने उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन
-
भाकियू नेताओं ने की पांच लाख के मुआवजे की मांग
बदायूं। भाकियू कार्यकर्ता बनवारी की मौत पर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने मुआवजा दिलाने की मांग की है। भाकियू नेता रामाशंकर संखवार के नेतृत्व में कई कार्यकर्ता उनके घर पहुंचे। झांझन सिंह, छोटेलाल, अमरपाल सिंह यादव, थान सिंह यादव, मोहर सिंह यादव, नवाब सिंह, जगदीश सिंह ने कहा कहा कि इस मामले में जल्द ही डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। मंडलीय नेता राजेश कुमार सक्सेना ने भी फोन करके परिवार वालों से जानकारी ली। उन्होंने भाकियू नेता का कर्जा माफ कराने और उनके परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। संवाद
--
उघैती के कूबरी गांव में किसान की मौत के संबंध में पुलिस को सूचना नहीं मिली है और न ही कोई शिकायती पत्र आया है। अगर परिवार वाले तहरीर देते हैं तो जांच कराई जाएगी। उसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात