फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Killer game already The plan had been prepared

खूनी खेल की पहले ही बना ली गई थी योजना

Fri, 08 May 2015 12:06 AM IST
Dataganj
Dataganj Updated Fri, 08 May 2015 12:06 AM IST
विज्ञापन

क्षेत्र के गांव बौरा में बाकायदा योजना बनाकर बुधवार को खूनी खेल खेला गया था। हमलावर पक्ष ने बाहरी लोगों को भी बुला रखा था। इन्हीं की मदद से पूरे गांव की घेराबंदी कर ली गई थी। जिसकी वजह से वीरपाल आदि को गांव से भागने का मौका नहीं मिला और हमलावरों ने वीरपाल और उनके दो भाइयों पर गोलियां चलाईं। जिसमें वीरपाल की मौके पर ही मौत हो गई थी। लोगों का मानना है  हत्यारों के इस दुस्साहस के लिए थाना पुलिस भी कहीं न कहीं दोषी है। बिरादरी में प्रेम प्रसंग को लेकर चल रही रंजिश को खत्म कराने का प्रयास करने की वीरपाल के परिवार को काफी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है।

विज्ञापन

थाना उसावां के बौरा गांव में एक ही बिरादरी में प्रेम प्रसंग को लेकर बीते एक साल से रंजिश चल रही है। एक पक्ष वीरपाल केपरिवार से जुड़ा हुआ था। इसी वजह से दूसरे पक्ष ने  वीरपाल केपरिवार को भी उस रंजिश में घसीट लिया था। हालांकि वीरपाल की पूरी कोशिश इस रंजिश को खत्म कराने की रही इसकेलिए बाकायदा उसने दो बार पंचायत भी करवाई। प्रेम प्रसंग में शामिल युवक रविंद्र के साथ किसी तरह की अनहोनी की  आशंका परिवार को थी। इसीलिए उसे बाहर भेज दिया गया था। हाल ही में वो वापस आया। तो यह प्रेम प्रसंग का मामला फिर से तूल पकड़ गया। लड़की पक्ष को रविंद्र के आने की जैसे ही खबर लगी उसने तुरंत ही सबक सिखाने की ठान ली। पहले पुलिस की मदद से रविंद्र और उसके परिवार के घरों में तोड़फ़ोड़ कराई और पुलिस के जाते ही वीरपाल, सोहनलाल और प्रकाश को गोलियों से भून दिया। जिसमें वीरपाल की मौत हो गई।
विज्ञापन


बताते हैं कि प्रेम करने वाली लड़की की बड़ी बहन की घटना के दूसरे दिन सगाई जानी थी। इसी बहाने लड़की पक्ष ने काफी बाहरी  लोगों को बुला रखा था। इन्हीं लोगों की मदद से पूरे गांव की घेराबंदी कर रखी थी। जिसकी वजह से वीरपाल आदि को गांव से भागने का मौका ही नहीं मिला। जान बचाने को वीरपाल और उनकेभाई पेड़ पर चढ़कर छिप गए थे किंतु हमलावरों ने उन्हें वहीं पर घेरकर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। यहां बता दें कि वीरपाल रविंद्र का दूर का परिवारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इंसेट-
बाहरी लोगों का पता होने पर भी सोती रही पुलिस
दातागंज। पुलिस की भी कहीं न कहीं इस पूरे मामले में लापरवाही उजागर होती है। जो कि हमलावरों के पक्ष में बाहरी लोगों के आने की भनक लगने केबाद भी उसने  फौरी तौर पर कार्रवाई नहीं की थी। दूसरे लड़की पक्ष को साथ लेकर रविंद्र और उसके परिजनों केघरों में दबिश दी थी और तोडफ़ोड़ की थी। इससे भी हमलावरों के हौसले में इजाफा हुआ था।

...तो क्यों नहीं की कार्रवाई
दातागंज। आरोपी पक्ष ने रविंद्र समेत पीड़ित  पक्ष के चार लोगों के खिलाफ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सवाल उठ रहा है कि फिर पुलिस  ने इस मामले की जांच क्यों नहीं की? यदि आरोप सही था तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की या फिर आरोप गलत था तो उन्हें क्लीनचिट क्यों नहीं दी गई? लिहाजा,इससे पुलिस की कार्यशैली भी शक केदायरे में है।


...तब भी नहीं लिखी थी रिपोर्ट
दातागंज। इसी क्षेत्र के एक गांव में एक साल पहले भी प्रेम प्रसंग के चलते घर वालों ने खुद ही लड़की को मौत की नींद सुला कर लाश को जमीन में दफन कर दिया था। जिसे बाद में जानवरों ने नोंच कर बाहर निकाल लिया था। तब लड़की के मामा ने इस मामले में पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया था। लेकिन उसावां पुलिस ने न रिपोर्ट दर्ज की और न ही लाश बरामद की। इस मामले की पंचायत म्याऊ में एक प्रतिष्ठान पर हुई थी जिसमें लड़की की हत्या करने की बात परिजनों ने स्वीकारते हुए पंचायत से माफी मांगी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed