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कादरचौक की कटरी में तेंदुए की दस्तक, ग्रामीणों में खौफ
बदायूं, ब्यूरो
Updated Wed, 17 Aug 2016 11:23 PM IST
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पहले भी क्षेत्र में रहा है तेंदुए का आतंक
क्षेत्र की कटरी में बुधवार को तेंदुए ने एक बार फिर से दस्तक दी है। तेंदुए की इस दस्तक से क्षेत्रीय लोग सहम गए हैं। गंगा में बाढ़ आने से पहले से परेशान क्षेत्रीय लोगों के लिए तेंदुए ने आकर एक नई मुसीबत बढ़ा दी है। तेंदुआ दिखने के बाद से ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोगों ने घरों से अकेले निकलना बंद कर दिया है। ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पंजों के निशान देखकर तेंदुआ होने की पुष्टि तो कर दी, लेकिन उसे पकड़ने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। इससे ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति रोष है।
थाना क्षेत्र के गांव सिसैया का युवक रविंद्र मंगलवार रात में हवा के साथ हुई बारिश में गिरी मक्के की फसल को देखने के लिए सुबह करीब नौ बजे अपने खेत में गया था। खेत में तेंदुआ को देखकर उसने भागने के लिए छलांग लगाई तो एक खाई में जा गिरा। इसके बाद भागते हुए गांव में पहुंचा, उसने गांव वालों की तेंदुआ होने की सूचना दी तो गांव के लोग एकत्रित होकर लाठी-डंडे और भाले लेकर मक्के के खेत में पहुंचे तो तेंदुआ खेत में ही बैठा मिला। ग्रामीणों ने तेंदुए को दौड़ाया, दौड़ाने पर रमजानपुर के पास स्थित करीब 10 बीघे के गन्ने के खेत में छिप गया। घने गन्ने के खेत में जाने की ग्रामीणों की हिम्मत भी नहीं हुई।
ग्रामीणों ने तेंदुआ होने की सूचना वन विभाग और पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस और वन विभाग कर्मचारी मौके पर पहुंचे। वन विभाग के वन रक्षक अजब सिंह ने पंजों के निशान देखकर तेंदुआ होने की पुष्टि की, लेकिन उसे पकड़ने का कोई प्रयास नहीं किया। साथ ही जिलास्तरीय अधिकारियों को इससे अवगत करा दिया। तेंदुआ होने की पुष्टि से ग्रामीणों खौफ है।
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मई और जून में भी रहा तेंदुए का आतंक
कादरचौक। क्षेत्र में मई और जून में करीब एक पखवाड़े तक तेंदुए का खौफ रहा था। क्षेत्रीय लोगों को तेंदुआ और उसके पंजों के निशान नजर आते रहे। इससे उन दिनों में लोगों के अंदर तेंदुए का डर पहले से ही भरा हुआ है। अब एक बार फिर से तेंदुए की दस्तक ने ग्रामीणों को खौफ में जीने को मजबूर कर दिया है।
क्षेत्र की कटरी में बुधवार को तेंदुए ने एक बार फिर से दस्तक दी है। तेंदुए की इस दस्तक से क्षेत्रीय लोग सहम गए हैं। गंगा में बाढ़ आने से पहले से परेशान क्षेत्रीय लोगों के लिए तेंदुए ने आकर एक नई मुसीबत बढ़ा दी है। तेंदुआ दिखने के बाद से ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोगों ने घरों से अकेले निकलना बंद कर दिया है। ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पंजों के निशान देखकर तेंदुआ होने की पुष्टि तो कर दी, लेकिन उसे पकड़ने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। इससे ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति रोष है।
थाना क्षेत्र के गांव सिसैया का युवक रविंद्र मंगलवार रात में हवा के साथ हुई बारिश में गिरी मक्के की फसल को देखने के लिए सुबह करीब नौ बजे अपने खेत में गया था। खेत में तेंदुआ को देखकर उसने भागने के लिए छलांग लगाई तो एक खाई में जा गिरा। इसके बाद भागते हुए गांव में पहुंचा, उसने गांव वालों की तेंदुआ होने की सूचना दी तो गांव के लोग एकत्रित होकर लाठी-डंडे और भाले लेकर मक्के के खेत में पहुंचे तो तेंदुआ खेत में ही बैठा मिला। ग्रामीणों ने तेंदुए को दौड़ाया, दौड़ाने पर रमजानपुर के पास स्थित करीब 10 बीघे के गन्ने के खेत में छिप गया। घने गन्ने के खेत में जाने की ग्रामीणों की हिम्मत भी नहीं हुई।
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ग्रामीणों ने तेंदुआ होने की सूचना वन विभाग और पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस और वन विभाग कर्मचारी मौके पर पहुंचे। वन विभाग के वन रक्षक अजब सिंह ने पंजों के निशान देखकर तेंदुआ होने की पुष्टि की, लेकिन उसे पकड़ने का कोई प्रयास नहीं किया। साथ ही जिलास्तरीय अधिकारियों को इससे अवगत करा दिया। तेंदुआ होने की पुष्टि से ग्रामीणों खौफ है।
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मई और जून में भी रहा तेंदुए का आतंक
कादरचौक। क्षेत्र में मई और जून में करीब एक पखवाड़े तक तेंदुए का खौफ रहा था। क्षेत्रीय लोगों को तेंदुआ और उसके पंजों के निशान नजर आते रहे। इससे उन दिनों में लोगों के अंदर तेंदुए का डर पहले से ही भरा हुआ है। अब एक बार फिर से तेंदुए की दस्तक ने ग्रामीणों को खौफ में जीने को मजबूर कर दिया है।