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ये व्रत है कुछ खास... पहला करवाचौथ है न !
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बदायूं। अपने जीवनसाथी की दीर्घायु के लिए हर महिला करवाचौथ को लेकर उत्साहित है। सबसे ज्यादा उत्साह उन सुहागिनों में है जो पहली बार अपने पति की दीर्घायु के लिए करवाचौथ का व्रत रखेंगी। ऐसे में, इन महिलाओं ने विशेष तैयारियां कीं हैं। ब्यूटी पार्लरों पर इनकी भीड़ नजर आ रही है तो खरीदारी को लेकर भी कुछ नए आइडिया उनके दिमाग में हैं। सभी इस त्योहार को यादगार बनाने की तैयारी में हैं।
करवाचौथ सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे बड़ा पर्व होता है। इस दिन हर सुहागिन जीवनसाथी की लंबी आयु के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। चांद के सामने पति की पूजा करने के बाद उन्हीं के हाथ से पानी पीकर इस व्रत को खोलती हैं। वैसे तो यह दिन हर सुहागिन महिला के लिए खास होता है, लेकिन जिनका पहला करवाचौथ है, वे इस दिन को और खास बनाने की तैयारी में लगी हुई है। पर्व के लिए उनकी ओर से अलग से तैयारी की जा रही है, ताकि वह इस दिन को यादगार बना सके। ऐसी ही महिलाओं से जब बात की गई तो उन्होंने अपने आइडिया यूं साझा किए-
करवाचौथ के पर्व को लेकर मैं काफी उत्साहित हूं। शादी से पहले देखती थी कि इस दिन पार्लरों पर भीड़ लगी रहती है, इसलिए पहले ही पार्लर को बुक कर दिया है, ताकि कोई परेशान न हो। अचानक पहुंचने पर अच्छे से मेकअप नहीं हो पाता है। चूंकि पहला करवाचौथ है इसलिए कुछ तो ऐसा होना चाहिए, जो अलग हो।
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-शशि पाठक, पुराने डाकघर के पास
करवाचौथ को लेकर कई दिनों से तैयारियां कर रही हूं, क्योंकि उस दिन किसी भी चीज की कमी न हो, इसके लिए लिस्ट बनाकर चीजों को खरीदा है। ससुराल में पहले करवाचौथ को लेकर अलग ही खुशी है। पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखकर उनके हाथ से पानी पीकर व्रत खोलने में अलग ही आनंद है।
-चारू दुआ, पंजाबी मंदिर
इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रही थी, जब मैं अपने जीवन साथी की लंबी उम्र के लिए व्रत रखूंगी। आज ये इंतजार पूरा हो गया। पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने के बाद शाम को पूजा का भी अपना आनंद है। वैसे तो ये दिन सभी महिलाओं के लिए खास है, लेकिन इसको और खास करने के लिए जमकर खरीदारी की है, ताकि कोई कमी न रह जाए।
-रितु सागर
करवाचौथ का दिन सुहागिनों के लिए बेहद ही खास होता है। कई दिनों से इसका इंतजार रही थी। आज ये मौका मिला है जब व्रत रखकर पति की लंबी उम्र और खुशहाली की प्रार्थना करूंगी। इस दिन को यादगार बनाने के लिए ब्यूटी पार्लर से लेकर मेंहदी वाला तक बुक रखा है, ताकि इन यादों को संजोकर रख सकूं।
-सुरभि मिश्रा, मधुवन कॉलोनी
हथेली पर मेहंदी से सजाया...सजना का नाम
बदायूं। गुरुवार को होने वाले करवाचौथ के मद्देनजर मंगलवार को बाजारों में कुछ खास ही रौनक नजर आई। खरीदारों में महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। चूड़ी बिंदी की दुकानों समेत ब्यूटी पार्लर पर सुहागिन महिलाओं की तादात ज्यादा देखी गई। करवाचौथ पर मेहंदी का अपना अलग ही महत्व है, सो मेहंदी लगाने वालों के पास दिन भर महिलाओं का आना जाना लगा रहा। चूना मंडी समेत स्टेेशन रोड, बड़ा बाजार आदि स्थानों पर सड़क किनारे मेहंदी लगाने वाले बैठे रहे, जिन पर महिलाओं के आने का क्रम टूटने का नाम नहीं ले रहा था। कई महिलाओं ने हथेली पर तो कई ने पूरे हाथ पर मेहंदी सजवाई। जिन सुहागिनों का पहला करवाचौथ है, उन्होंने अपने पति का नाम भी अपने हाथों पर लिखवाया। शाम होने पर शहर के बाजार और ज्यादा गुलजार हो गए। बड़ा बाजार, पुराना बाजार, छह सड़क समेत स्टेशन रोड, माल गोदाम रोड, घंटाघर आदि में महिलाओं की भीड़ देर रात तक लगी रही।
शाम 05:39 बजे से है पूजा का समय
बदायूं। पं. गिरीश शर्मा ने बताया कि करवाचौथ पूजन का शाम का शुभ समय 05:39 से 08:49 बजे तक का है। चंद्रमा निकलने के बाद सुहागिनें अपना व्रत खोलेंगी। चतुर्थी तिथि सुबह 06:49 से शुरू होगी। चंद्रोदय का समय रात 08:09 बजे का है। महिलाएं सुबह 06:18 से पहले सरगी कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि ये व्रत पति की लंबी आयु, निरोगता, प्रगति, आपसी प्रेम, सुख शांति प्राप्ति हेतु किया जाता है। इस व्रत में गौरी गणेश, भगवान शिव और चन्द्रदेव का पूजन किया जाता है। पूजा के समय लाल वस्त्र जरूर धारण करें। गणेश जी को पीले फूल अर्पित करें। भोग भी पीले लड्डू आदि का अर्पित करें। चन्द्रदेव को अर्घ्य अवश्य दें। चंद्र उदय होने पर मिट्टी के करवे में रोली से सतिया बनाएं और इसमें गंगाजल, दूध, गुलाब जल रखें। छलनी के प्रयोग से चन्द्रदेव का दर्शन करे फिर चन्द्रदेव को अर्घ्य देकर चौथ की कहानी का श्रवण करें।
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करवाचौथ सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे बड़ा पर्व होता है। इस दिन हर सुहागिन जीवनसाथी की लंबी आयु के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। चांद के सामने पति की पूजा करने के बाद उन्हीं के हाथ से पानी पीकर इस व्रत को खोलती हैं। वैसे तो यह दिन हर सुहागिन महिला के लिए खास होता है, लेकिन जिनका पहला करवाचौथ है, वे इस दिन को और खास बनाने की तैयारी में लगी हुई है। पर्व के लिए उनकी ओर से अलग से तैयारी की जा रही है, ताकि वह इस दिन को यादगार बना सके। ऐसी ही महिलाओं से जब बात की गई तो उन्होंने अपने आइडिया यूं साझा किए-
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करवाचौथ के पर्व को लेकर मैं काफी उत्साहित हूं। शादी से पहले देखती थी कि इस दिन पार्लरों पर भीड़ लगी रहती है, इसलिए पहले ही पार्लर को बुक कर दिया है, ताकि कोई परेशान न हो। अचानक पहुंचने पर अच्छे से मेकअप नहीं हो पाता है। चूंकि पहला करवाचौथ है इसलिए कुछ तो ऐसा होना चाहिए, जो अलग हो।
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-शशि पाठक, पुराने डाकघर के पास
करवाचौथ को लेकर कई दिनों से तैयारियां कर रही हूं, क्योंकि उस दिन किसी भी चीज की कमी न हो, इसके लिए लिस्ट बनाकर चीजों को खरीदा है। ससुराल में पहले करवाचौथ को लेकर अलग ही खुशी है। पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखकर उनके हाथ से पानी पीकर व्रत खोलने में अलग ही आनंद है।
-चारू दुआ, पंजाबी मंदिर
इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रही थी, जब मैं अपने जीवन साथी की लंबी उम्र के लिए व्रत रखूंगी। आज ये इंतजार पूरा हो गया। पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने के बाद शाम को पूजा का भी अपना आनंद है। वैसे तो ये दिन सभी महिलाओं के लिए खास है, लेकिन इसको और खास करने के लिए जमकर खरीदारी की है, ताकि कोई कमी न रह जाए।
-रितु सागर
करवाचौथ का दिन सुहागिनों के लिए बेहद ही खास होता है। कई दिनों से इसका इंतजार रही थी। आज ये मौका मिला है जब व्रत रखकर पति की लंबी उम्र और खुशहाली की प्रार्थना करूंगी। इस दिन को यादगार बनाने के लिए ब्यूटी पार्लर से लेकर मेंहदी वाला तक बुक रखा है, ताकि इन यादों को संजोकर रख सकूं।
-सुरभि मिश्रा, मधुवन कॉलोनी
हथेली पर मेहंदी से सजाया...सजना का नाम
बदायूं। गुरुवार को होने वाले करवाचौथ के मद्देनजर मंगलवार को बाजारों में कुछ खास ही रौनक नजर आई। खरीदारों में महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। चूड़ी बिंदी की दुकानों समेत ब्यूटी पार्लर पर सुहागिन महिलाओं की तादात ज्यादा देखी गई। करवाचौथ पर मेहंदी का अपना अलग ही महत्व है, सो मेहंदी लगाने वालों के पास दिन भर महिलाओं का आना जाना लगा रहा। चूना मंडी समेत स्टेेशन रोड, बड़ा बाजार आदि स्थानों पर सड़क किनारे मेहंदी लगाने वाले बैठे रहे, जिन पर महिलाओं के आने का क्रम टूटने का नाम नहीं ले रहा था। कई महिलाओं ने हथेली पर तो कई ने पूरे हाथ पर मेहंदी सजवाई। जिन सुहागिनों का पहला करवाचौथ है, उन्होंने अपने पति का नाम भी अपने हाथों पर लिखवाया। शाम होने पर शहर के बाजार और ज्यादा गुलजार हो गए। बड़ा बाजार, पुराना बाजार, छह सड़क समेत स्टेशन रोड, माल गोदाम रोड, घंटाघर आदि में महिलाओं की भीड़ देर रात तक लगी रही।
शाम 05:39 बजे से है पूजा का समय
बदायूं। पं. गिरीश शर्मा ने बताया कि करवाचौथ पूजन का शाम का शुभ समय 05:39 से 08:49 बजे तक का है। चंद्रमा निकलने के बाद सुहागिनें अपना व्रत खोलेंगी। चतुर्थी तिथि सुबह 06:49 से शुरू होगी। चंद्रोदय का समय रात 08:09 बजे का है। महिलाएं सुबह 06:18 से पहले सरगी कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि ये व्रत पति की लंबी आयु, निरोगता, प्रगति, आपसी प्रेम, सुख शांति प्राप्ति हेतु किया जाता है। इस व्रत में गौरी गणेश, भगवान शिव और चन्द्रदेव का पूजन किया जाता है। पूजा के समय लाल वस्त्र जरूर धारण करें। गणेश जी को पीले फूल अर्पित करें। भोग भी पीले लड्डू आदि का अर्पित करें। चन्द्रदेव को अर्घ्य अवश्य दें। चंद्र उदय होने पर मिट्टी के करवे में रोली से सतिया बनाएं और इसमें गंगाजल, दूध, गुलाब जल रखें। छलनी के प्रयोग से चन्द्रदेव का दर्शन करे फिर चन्द्रदेव को अर्घ्य देकर चौथ की कहानी का श्रवण करें।