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Budaun News: दूसरे दिन भी सड़क पर विश्राम करते दिखे कांवड़िया

Sun, 27 Jul 2025 01:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 27 Jul 2025 01:13 AM IST
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Kanwariyas were seen resting on the road on the second day too
उझानी में हाईवे पर आराम करते कांवड़िये। संवाद - फोटो : mathura
उझानी। कांवड़िया अंकित की मौत और प्रतिशोध में डीजे लगी ट्रैक्टर- ट्रॉली को फूंके जाने की घटना के बाद दूसरे दिन भी हाईवे पर उझानी और कछला के बीच कुछ भी बदला नजर नहीं आया। कांवड़िया पहले की तरह सड़क पर कहीं विश्राम करते दिखे। कांवड़ियों के वाहन उनके पास से होकर भी निकले, फिर भी पुलिस ने कांवड़ यात्रा में सहूलियत को लेकर सबक लेने की जरूरत महसूस नहीं की।
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ट्रॉली पर डीजे लगे ट्रैक्टर के चालक उसावां निवासी सुरेंद्र ने बताया कि सड़क को अवरोधमुक्त रखने की जिम्मेदारी पुलिस की है। पुलिस को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि सड़क पर न तो कोई वाहन खड़ा हो और नहीं कांवड़ियों को फुटपाथ पर बैठने दिया जाए। बिल्सी के कांवड़िया जगमोहन ने हाईवे पर अव्यवस्था के लिए पुलिस को ही जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। शुक्रवार दोपहर बरेली जिले में भुता क्षेत्र के गांव भगवानपुर निवासी 14 वर्षीय कांवड़िया अंकित की मौत के बाद आगजनी में डीजे साउंड सिस्टम लगी ट्रैक्टर- ट्रॉली स्वाहा हो गई थी, ऐसे में यातायात व्यवस्था में जरूरी बदलाव पर भी अफसरों को गौर करना चाहिए था। इसके बाद भी कछला से लेकर उझानी तक करीब एक दर्जन स्थलों पर सड़क घेरे बैठे कांवड़िया कहीं आराम करते दिखे तो कहीं कतार में प्रसाद ग्रहण करते नजर आए।
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पहले कांवड़ियों के रूप में घूमते पुलिस कर्मी सुलझा लेते थे विवाद
गंगाघाट के प्रसाद विक्रेता हरीओम शर्मा ने बताया कि करीब आठ साल पहले पुलिस ने अच्छा फंडा अपनाया था। आठ- नौ सिपाहियों को किसी दरोगा के साथ कांवड़ियों की ड्रेस में ड्यूटी पर लगा दिया जाता था। कांवड़ यात्रा के दौरान जब भी कांवड़ियों में कोई विवाद हुआ तो भोले के कपड़े पहने पुलिस कर्मी ही उन्हें समझाकर शांत कर दिया करते थे। कांवड़ियों के भेष में पुलिस कर्मी गंगाघाट पर भी ड्यूटी करते थे, लेकिन दो- तीन साल से ऐसा नजर नहीं आता।

उझानी में हाईवे पर आराम करते कांवड़िये। संवाद

उझानी में हाईवे पर आराम करते कांवड़िये। संवाद- फोटो : mathura

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