{"_id":"bc7ec4b7c716ba96effe97789d2321d5","slug":"inspection-in-the-village-saw-the-poor-sitaution-there-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निरीक्षण करके देखा कागजों में विकसित गांव का खस्ता हाल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निरीक्षण करके देखा कागजों में विकसित गांव का खस्ता हाल
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Wed, 20 Jan 2016 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओया गांव में एसडीएम पहुंचे, सचिव मिले गैर हाजिर
ग्रामीणों ने बताया कि 22 इंडिया मार्का हैंडपंपों में दो खराब पड़े हैं। स्कूलों की स्थिति सही पाई गई। लेखपाल राकेश कुमार ने मौके पर खतौनी को पढ़कर सुनाया। लोगों ने कहा कि गांव में करीब 100 मनरेगा जॉब कार्ड बने हैं, लेकिन काम किसी को नहीं मिलता है। पौधरोपण के लिए आवंटित भूमि पर एक भी पौधा नहीं लगाया गया। साथ ही पशुओं का टीकाकरण के लिए कोई टीम नहीं जाती है, जिससे पशुओं की बीमारी के बाद मौत हो जाती है। गांव में आंगनबाड़ी केंद्र न होने पर भतरीगोवर्धनपुर की आंगनबाड़ी वर्कर लता शंखधार को जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन बच्चों का पुष्टाहार वितरण नहीं करने की शिकायत की गई।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि 22 इंडिया मार्का हैंडपंपों में दो खराब पड़े हैं। स्कूलों की स्थिति सही पाई गई। लेखपाल राकेश कुमार ने मौके पर खतौनी को पढ़कर सुनाया। लोगों ने कहा कि गांव में करीब 100 मनरेगा जॉब कार्ड बने हैं, लेकिन काम किसी को नहीं मिलता है। पौधरोपण के लिए आवंटित भूमि पर एक भी पौधा नहीं लगाया गया। साथ ही पशुओं का टीकाकरण के लिए कोई टीम नहीं जाती है, जिससे पशुओं की बीमारी के बाद मौत हो जाती है। गांव में आंगनबाड़ी केंद्र न होने पर भतरीगोवर्धनपुर की आंगनबाड़ी वर्कर लता शंखधार को जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन बच्चों का पुष्टाहार वितरण नहीं करने की शिकायत की गई।