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रात में पोस्टमार्टम के नाम पर डॉक्टरों के मोबाइल की बैटरी डाउन
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बदायूं का सीएमओ कार्यालय। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। पोस्टमार्टम ड्यूटी में लापरवाही पर तीन डॉक्टरों ने सीएमओ को स्पष्टीकरण दे दिया है। उनका कहना है कि बैटरी डाउन होने के कारण मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने डॉक्टरों को हिदायत दी है कि अगर भविष्य में ऐसा हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उसावां थाना के गांव सथरा में 31 अक्तूबर की रात पूर्व ब्लॉक प्रमुख राकेश गुप्ता, उनकी मां और पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीनों शव का पोस्टमार्टम उसी दिन रात में होना था, लेकिन डॉक्टर न पहुंचने के कारण देरी हुई।
तीन शवों के पोस्टमार्टम में दूसरे सलाहकार के रूप में एक अन्य डॉक्टर की जरूरत थी। रोस्टर ड्यूटी के अनुसार पहले से सीएचसी ककराला के चिकित्साधिकारी डॉ. भुवनेश, सीएचसी उझानी के चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता और जिला अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. जीके गुप्ता के नाम तय थे। सीएमओ के स्तर से इन डॉक्टरों को कई बार कॉल की गई। डॉ. अनिल गुप्ता और डॉ. जीके गुप्ता के मोबाइल स्विच ऑफ मिले, जबकि डॉ. भुवनेश ने कॉल ही रिसीव नहीं की। सीएमओ ने तीनों डॉक्टरों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा था।
डॉ. अनिल कुमार ने अपना मोबाइल बच्चे के हाथ में होने के कारण स्विच ऑफ होने की बात कही है। डॉ. जीके गुप्ता ने कहा है कि जिस वक्त उनको कॉल आई उनके मोबाइल की बैटरी डाउन हो गई थी। मोबाइल चार्जिंग पर लगा था। जबकि डॉ. भुवनेश ने कहा है कि वह किसी अपरिहार्य कारण से कॉल रिसीव नहीं कर सके।
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पोस्टमार्टम ड्यूटी में लापरवाही करने वाले डॉ. जीके गुप्ता, डॉ. अनिल गुप्ता और डॉ. भुवनेश कुमार का स्पष्टीकरण आ गया है। तीनों डॉक्टरों को भविष्य के लिए ताकीद दी गई है। अगर भविष्य में इनकी लापरवाही के कारण आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती हैं तो कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
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तीन शवों के पोस्टमार्टम में दूसरे सलाहकार के रूप में एक अन्य डॉक्टर की जरूरत थी। रोस्टर ड्यूटी के अनुसार पहले से सीएचसी ककराला के चिकित्साधिकारी डॉ. भुवनेश, सीएचसी उझानी के चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता और जिला अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. जीके गुप्ता के नाम तय थे। सीएमओ के स्तर से इन डॉक्टरों को कई बार कॉल की गई। डॉ. अनिल गुप्ता और डॉ. जीके गुप्ता के मोबाइल स्विच ऑफ मिले, जबकि डॉ. भुवनेश ने कॉल ही रिसीव नहीं की। सीएमओ ने तीनों डॉक्टरों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा था।
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डॉ. अनिल कुमार ने अपना मोबाइल बच्चे के हाथ में होने के कारण स्विच ऑफ होने की बात कही है। डॉ. जीके गुप्ता ने कहा है कि जिस वक्त उनको कॉल आई उनके मोबाइल की बैटरी डाउन हो गई थी। मोबाइल चार्जिंग पर लगा था। जबकि डॉ. भुवनेश ने कहा है कि वह किसी अपरिहार्य कारण से कॉल रिसीव नहीं कर सके।
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पोस्टमार्टम ड्यूटी में लापरवाही करने वाले डॉ. जीके गुप्ता, डॉ. अनिल गुप्ता और डॉ. भुवनेश कुमार का स्पष्टीकरण आ गया है। तीनों डॉक्टरों को भविष्य के लिए ताकीद दी गई है। अगर भविष्य में इनकी लापरवाही के कारण आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती हैं तो कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ