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शिवालयों में रही बम-बम भोले की गूंज
उझानी (बदायूं)।
Updated Thu, 27 Aug 2015 08:50 PM IST
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शिवतेरस पर मंदिरों में जलाभिषेक से पहले बृहस्पतिवार को शिव भक्त आस्था में सराबोर रहे। कछला से लेकर बदायूं तक हाईवे पर बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। भक्ति गीतों की धुन पर नाचते-गाते शिवालयों में पहुंचे कांवड़ियों ने बाजार में भी धूम रही।
शुक्रवार को शिवतेरस का पर्व होगा। इससे कांवड़ यात्रा का दौर अभी थमा नहीं है।बुधवार रात और बृहस्पतिवार पूर्वाह्न तक कछला गंगाघाट पर गंगाजल भरने का सिलसिला जारी रहा। दोपहर बाद हाईवे पर होकर शिवभक्त कांवड़ लेकर निकले, जिन्हें शुक्रवार को जलाभिषेक करना है। गंगाघाट पर कांवड़ियों ने धार्मिक आयोजन भी कराए। वहीं शिव भक्तों ने पुरोहितों से कांवड़ पूजन कराया और दान दक्षिणा भेंट की।
कांवड़ यात्रा की वजह से बाजार भी गुलजार रहा। बाजार से लेकर हाईवे पर बदायूं तक बम-बम भोले गूंजता रहा। रास्ते में शिवभक्तों ने कांवड़ियों के सेवा और सत्कार में भंडारे का आयोजन कराया। कांवड़ियों के साथ मौजूद कलाकरों ने शिव के भजनों पर नृत्य किया। राहगीर भी उनके साथ झूम उठे। बुर्रा फरीदपुर के शिवमंदिर और आसपास के मंदिरों में जलाभिषेक किया गया। कई शिवभक्तों ने शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक भी किया।
शुक्रवार को शिवतेरस का पर्व होगा। इससे कांवड़ यात्रा का दौर अभी थमा नहीं है।बुधवार रात और बृहस्पतिवार पूर्वाह्न तक कछला गंगाघाट पर गंगाजल भरने का सिलसिला जारी रहा। दोपहर बाद हाईवे पर होकर शिवभक्त कांवड़ लेकर निकले, जिन्हें शुक्रवार को जलाभिषेक करना है। गंगाघाट पर कांवड़ियों ने धार्मिक आयोजन भी कराए। वहीं शिव भक्तों ने पुरोहितों से कांवड़ पूजन कराया और दान दक्षिणा भेंट की।
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कांवड़ यात्रा की वजह से बाजार भी गुलजार रहा। बाजार से लेकर हाईवे पर बदायूं तक बम-बम भोले गूंजता रहा। रास्ते में शिवभक्तों ने कांवड़ियों के सेवा और सत्कार में भंडारे का आयोजन कराया। कांवड़ियों के साथ मौजूद कलाकरों ने शिव के भजनों पर नृत्य किया। राहगीर भी उनके साथ झूम उठे। बुर्रा फरीदपुर के शिवमंदिर और आसपास के मंदिरों में जलाभिषेक किया गया। कई शिवभक्तों ने शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक भी किया।
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