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Budaun News: पांच साल में 2,192 लोगों ने सड़क हादसों में गंवाई जान, अब शून्य मृत्यु दर की तैयारी

Thu, 05 Feb 2026 01:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 01:31 AM IST
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In five years, 2,192 people lost their lives in road accidents; now preparations are underway for a zero death rate.
स्टेट एमएफ हाईवे पर रहेड़िया के पास  क्रिटिकल ब्लैक स्पॉट।
बदायूं। लाख कोशिशों के बाद भी पांच साल में सड़क हादसों में जिले में 2,192 लोगों की जान चली गई। इन आंकड़ों को देखते हुए जिले को शून्य मृत्यु दर अभियान में शामिल किया गया है। इसके तहत जिले के 11 थानों को चिह्नित कर वहां टीम गठित की गई है। इसके अलावा हाईवे पर अवैध कट भी हादसों की प्रमुख वजह बताए जा रहे हैं, बावजूद इसके एनएचएआई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
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अब अभियान के तहत सर्वाधिक दुर्घटनाओं से संबंधित क्रिटिकल कॉरिडोर चिह्नित कर लिए गए हैं। सड़क सुरक्षा संबंधी एक्शन प्लान तैयार करने के लिए पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, स्वास्थ्य विभाग, एआरटीओ, संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस और यातायात निरीक्षक की 11 सदस्यीय टीम गठित की गई है। यह टीम कॉरिडोर की मॉनिटरिंग कर हादसों की वजह पता करेगी। कमियों को दूर कर शून्य मृत्यु दर अभियान का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।
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जिले में शायद ही कोई दिन ऐसा हो जिस दिन हादसे में किसी की जान न गई हो। महीने में औसतन 35-40 लोगों की मौत हो रही है। वर्ष 2025 में 537 सड़क हादसों में 393 लोगों की जान चली गई। इसके बाद जिले को हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया। साल भर जिले में चेकिंग अभियान चलाया गया। लोगों को जागरूक किया गया, लेकिन जिले में होने वाले हादसों में कोई कमी नहीं आई। पांच साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो हादसों में 20 फीसदी और मरने वालों की संख्या में 22 फीसदी की बढ़ोतरी सामने आई। यही वजह रही है कि जिले को भी शून्य मृत्यु दर में शामिल किया गया है।
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हर माह जा रहीं 35 से 40 लोगों की जान
सड़क सुरक्षा के उपायों को पालन कराने और लोगों को जागरूक करने के लिए जिले में 22 थाने और यातायात पुलिस का नेटवर्क है। जिले में 2,400 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। शहर में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस की अलग से व्यवस्था है। इसके अलावा परिवहन विभाग भी चेकिंग अभियान चलाता है। बावजूद इसके सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है। सबसे अधिक हादसे उझानी, वजीरगंज, बिसौली के रानेट, अलापुर, दातागंज रोड व ककराला रोड पर दर्ज किए गए हैं। हादसों में प्रतिमाह मरने वालों की संख्या 40 के पार पहुंच गई है। परिवहन विभाग के आंकड़े भी यही बयां कर रहे हैं।

जिले में 42 ब्लैक स्पॉट
जिले में 42 ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें मलगांव रेलवे क्रॉसिंग, घटपुरी, बुटला दौलत, खेड़ा नवादा चौराहा, एआरटीओ चौराहा, राजकीय मेडिकल कॉलेज तिराहा, रानेट चौराहा, हतसा, ओरछी चौराहा, खंदक, उस्मानपुर, मुजरिया चौराहा, कौल्हाई, उघैनी पुलिया आदि ब्लैक स्पॉट हैं।

शून्य मृत्यु दर का मिला है लक्ष्य
सड़क हादसों में बढ़ती मौतों को देखते हुए जिले में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने पर शासन का जोर है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के शून्य मृत्यु दर योजना में जिले को शामिल किया है। 11 थाना क्षेत्रों में क्रिटिकल कॉरिडोर टीम (सीसीटी) गठित करने का का पूरा हो चुका है। प्रत्येक सीसीटी में एक दरोगा और चार आरक्षी तैनात किए गए हैं। टीम को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया है। यह टीम सड़क दुर्घटना के मामलों में मौके पर जाकर मदद करेगी। सड़क हादसों से संबंधित मामलों की जांच भी यही टीम करेगी। टीम को समय-समय पर विभिन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।


पांच साल के आंकड़े
वर्ष कुल हादसे मृतक घायल
2020 446 327 312

2021 497 351 354

2022 566 376 418

2023 576 349 452

2024 618 396 454

2025 537 393 493

जिले के क्रिटिकल स्थान
- स्टेट हाईवे 43 : मुरादाबाद से फर्रुखाबाद मार्ग।
- स्टेट हाईवे 51 : बदायूं से बिजनौर मार्ग।
- स्टेट हाईवे 18 : मेरठ से बदायूं मार्ग।
- नेशनल हाईवे 530 बी : बरेली-मथुरा-भरतपुर मार्ग।


इन उपायों के जरिये रोकेंगे हादसे
- ड्रोन एनालिटिक्स मॉनिटरिंग सिस्टम (डीएएमएस) के जरिये दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान कर उनका समाधान।
- ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर सड़क सुरक्षा संबंधी उपाय।
- सीसी कैमरों की मदद से क्रिटिकल कॉरिडोर की मॉनिटरिंग।
- उच्च मृत्यु दर वाले स्थानों की पहचान कर वहां की रोड इंजीनियरिंग में सुधार कराना।
- अवैध कट को बंद करना। हाईवे पर ऐसी व्यवस्था होगी कि कोई डिवाइडर को पार नहीं कर सकेगा।
- प्रत्येक हाईवे पर एक अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना।
- हाईवे किनारे के सीएचसी और पीएचसी को आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं से लैस करना।
- हाईवे पर एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और क्रेन के साथ क्रिटिकल कॉरिडोर टीम की चौबीस घंटे उपलब्धता।
- आमजन को जागरूक कर सामुदायिक भागीदारी को बढ़ाना और प्राथमिक उपचार के प्रशिक्षण को बढ़ावा देना।

जिले के राजमार्गों पर सड़क हादसों में शून्य मृत्यु दर का लक्ष्य मिला है। 11 थाना क्षेत्रों को क्रिटिकल कॉरिडोर टीम में रखा गया है। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, इसके बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। जल्द ही कार्ययोजना को लागू कर दिया जाएगा। - विजयेंद्र द्विवेदी, एसपी सिटी, बदायूं

स्टेट एमएफ हाईवे पर रहेड़िया के पास  क्रिटिकल ब्लैक स्पॉट।

स्टेट एमएफ हाईवे पर रहेड़िया के पास  क्रिटिकल ब्लैक स्पॉट।

स्टेट एमएफ हाईवे पर रहेड़िया के पास  क्रिटिकल ब्लैक स्पॉट।

स्टेट एमएफ हाईवे पर रहेड़िया के पास  क्रिटिकल ब्लैक स्पॉट।

स्टेट एमएफ हाईवे पर रहेड़िया के पास  क्रिटिकल ब्लैक स्पॉट।

स्टेट एमएफ हाईवे पर रहेड़िया के पास  क्रिटिकल ब्लैक स्पॉट।

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